आजकल गिरिराज सिंह को क्यों आ रहा इतना गुस्सा?

आजकल गिरिराज सिंह को क्यों आ रहा इतना गुस्सा?

गिरिराज सिंह के इस तेवर को प्रशासनिक दृष्टि से कम और राजनीतिक दृष्टि से ज्यादा देखा जा रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि गिरिराज नीतीश कुमार को इशारों इशारों में यह कहने की कोशिश कर रहे थे कि आप हमारे संसदीय क्षेत्र के साथ पक्षपात कर रहे हैं।

वैसे तो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच की तल्खी बहुत ही पुरानी है। पर अब गिरिराज नीतीश कुमार के अधिकारियों को भी बरतने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। हुआ यह कि गिरिराज सिंह अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय में बाढ़ का जायजा ले रहे थे तभी अचानक वह एक सरकारी अधिकारी को फटकारने लगते हैं। दरअसल गिरिराज सिंह बारिश में भीग-भीग कर अपने इलाके में आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य का जायजा ले रहे थे। अधिकारियों को इसकी भनक लगी तो वे मौके पर पहुंच गए। उन्हें देख गिरिराज सिंह ने उनसे बात करने की कोशिश की पर उनका गुस्सा तब फूट पड़ा जब वहां के SDO अधिकारी ने गाड़ी में ही बैठकर बात करने की कोशिश की। 

गिरिराज सिंह ने अधिकारी को साफ लहजे में कहा कि मैं किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि भले ही आप बाबू हैं पर आपको यहां के लोगों की समस्याएं सुननी होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मैं पूरे रास्ते भर आपकी तारीफ सुनता आ रहा हूं लेकिन दोबारा मैं ऐसी तारीफ नहीं सुनना चाहूंगा। गिरिराज ने यह भी कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में बिना किसी पक्षपात के लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए। जिस स्थान पर गिरिराज मौजूद थे, उस स्थान को दिखाते हुए गिरिराज ने कहा कि यहां 2016 में कैंप लगा था पर इस बार कैंप नहीं लगा है। ऐसे में यहां पर कैंप नहीं लगा तो मैं आपके ऑफिस के सामने ही धरना दूंगा। गिरिराज ने इसे बकायदा ट्वीट कर लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है बेगूसराय के बाढ़ पीड़ित क्षेत्र की..बाढ़ पीड़ित क्षेत्र से अधिकारी नदारद है ....सबको फ़ोन करके बुलाना पड़ रहा है..ये रवैया नहीं चलेगा।

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गिरिराज सिंह के इस तेवर को प्रशासनिक दृष्टि से कम और राजनीतिक दृष्टि से ज्यादा देखा जा रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि गिरिराज नीतीश कुमार को इशारों इशारों में यह कहने की कोशिश कर रहे थे कि आप हमारे संसदीय क्षेत्र के साथ पक्षपात कर रहे हैं। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए गिरिराज नीतीश पर बरस रहे हैं क्योंकि वह भाजपा की उस टीम का हिस्सा हैं जो नीतीश कुमार को कहीं से भी बिहार का मुख्यमंत्री नहीं देखना चाहती है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि गिरिराज रविवार को भाजपा की पटना में हुई रैली में शामिल नहीं हुए क्योंकि उन्हें बिहार भाजपा में साइड करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में गिरिराज सिंह ने कल ही के दिन अधिकारियों पर बरस कर मीडिया को बड़ा मुद्दा दे दिया और खुद चर्चा में आ गए। 

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दरअसल रविवार को भाजपा ने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में राजनाथ सिंह की उपस्थिति में एक रैली का आयोजन किया था। इस रैली में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने पर बात होनी थी। बिहार के हर छोटे-बड़े भाजपा नेता इस आयोजन में शामिल हुए पर गिरिराज सिंह नहीं पहुंचे। अनुच्छेद 370 के हटाए जाने की सबसे ज्यादा चर्चा गिरिराज सिंह ही करते रहे हैं और उनकी छवि भी हिंदुत्व वाली है। लेकिन रविवार के आयोजन में उनका शामिल ना होना कई सवालों को जन्म देता है। बिहार की राजनीति को समझने वाले लोगों की मानें तो कहा जा रहा है कि बिहार में सुशील कुमार मोदी और उनके गुट के नेता कभी नहीं चाहते कि नीतीश कुमार के ऊपर भाजपा का कोई नेता हमलावर हो और जो होता है उसे वह साइड करने की कोशिश में जुट जाते हैं। शायद यही प्रयास गिरिराज सिंह के खिलाफ हो रहा है। इस कयास को बल तब और भी मिलने लगा जब ठीक उसके अगले ही दिन गिरिराज राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। हालांकि बिहार भाजपा में यह कोई नई बात नहीं है। बिहार भाजपा अधिकतर समय गुटबाजी की शिकार रही है। 2015 को विधानसभा चुनाव में हार के कारणों में से एक कारण गुटबाजी भी थी।  अब यह देखना होगा कि नवनियुक्त बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल किस तरीके से इस समस्या का समाधान निकाल पाते हैं या फिर एक बार फिर से यह मामला अमित शाह के पास जाएगा। 





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