मंत्रिमंडल विस्तार: येदियुरप्पा ने कहा- अपना विरोध भाजपा आलाकमान के समक्ष दर्ज कराएं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   18:03
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मंत्रिमंडल विस्तार: येदियुरप्पा ने कहा- अपना विरोध भाजपा आलाकमान के समक्ष दर्ज कराएं

कर्नाटक मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद पार्टी के भीतर उठ रही विरोध की आवाजों के बीच मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने बृहस्पतिवार को असंतुष्ट भाजपा नेताओं से कहा कि वे अपनी समस्याएं पार्टी आलाकमान के समक्ष रखें और दल को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणियां करने से बचें।

बेंगलुरु। कर्नाटक मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद पार्टी के भीतर उठ रही विरोध की आवाजों के बीच मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने बृहस्पतिवार को असंतुष्ट भाजपा नेताओं से कहा कि वे अपनी समस्याएं पार्टी आलाकमान के समक्ष रखें और दल को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणियां करने से बचें। मुख्यमंत्री ने 17 महीने पुराने अपने मंत्रिमंडल में बुधवार को विस्तार करते हुए सात नए मंत्रियों को शामिल किया जबकि आबकारी मंत्री एच. नागेश को कैबिनेट से बाहर किया गया।

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विस्तार के दौरान मंत्री बनने की अच्छा रखने वाले कुछ विधायकों को पद नहीं मिलने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना नाराजगी जाहिर की। बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘अगर भाजपा विधायकों को कोई भी समस्या है तो वे दिल्ली जा सकते हैं, हमारे राष्ट्रीय नेताओं से मिल सकते हैं, उन्हें तमाम सूचनाएं दे सकते हैं और अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मैं उसका विरोध नहीं करूंगा, लेकिन मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि गलत बातें बोलकर वे पार्टी की छवि खराब ना करें।’’ मुख्यमंत्री ने कहाकि उनकी शिकायतों पर फैसला केन्द्रीय नेतृत्व करेगा तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को स्थिति की जानकारी है। बाद में दावणगेरे में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर जो उनके हाथ में था, उन्होंने किया।

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येदियुरप्पा ने उनके खिलाफ गलत बोलने वाले लोगों को आगाह भी किया। येदियुरप्पा ने हालांकि आरआर नगर से विधायक मुनिरत्न को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने के सवाल पर कुछ नहीं कहा। जबकि, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायक से मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि आरआर नगर सीट जीतने पर उन्हें मंत्री पद दिया जाएगा। कर्नाटक में 17 महीने पुरानी कैबिनेट का बुधवार को विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने सात नए मंत्रियों को इसमें शामिल किया।

इसके अलावा मंत्रिमंडल से आबकारी मंत्री एच. नागेश को बाहर किया गया है, जिसके कारण कैबिनेट में एक सीट रिक्त हो गई है। राज्यपाल वजुभाई वाला ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। नए मंत्रियों में विधायक उमेश कट्टी (हुक्केरी), एस. अंगारा (सुल्लिआ), मुरुगेश निरानी (बिल्गी) और अरविंद लिम्बावली (महादेवपुरा) और एमएलसी आर. शंकर, एम. टी. बी. नागराज और सी. पी. योगेश्वर शामिल हैं। येदियुरप्पा की आलोचना करने वाले विजयपुरा सिटी के विधायक बी. पाटिल यत्नाल ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह वरिष्ठता और ईमानदारी को ध्यान में रखे बगैर ब्लैकमेल होकर नियुक्तियां कर रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर कर्नाटक भाजपा को हाईजैक करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह राज्य को येदियुरप्पा परिवार के वंशवाद की राजनीति से मुक्त कराएं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ब्लैकमेल करने वालों को मंत्री बना रहे हैं। तीन लोग... एक राजनीतिक सचिव और दो मंत्री पिछले तीन महीने से येदियुरप्पा को सीडी के माध्यम से ब्लैकमेल कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनमें से एक आज मंत्री बनेगा, सीडी से ब्लैकमेल के अलावा विजयेन्द्र (मुख्यमंत्री के पुत्र) को धन देना भी शामिल है।’’ विश्वनाथ ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के परिवार पर चुटकी लेते हुए लोगों से ‘सन स्ट्रोक’ पर चर्चा करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘रायचूर से चर्चा शुरू करते हैं। विषय है सन स्ट्रोक। मैं आशा करता हूं कि आप समझेंगे।’’ वह अप्रत्यक्ष रूप से येदियुरप्पा द्वारा पार्टी में अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दिए जाने पर चुटकी ले रहे थे। उन्होंने कहा कि 1990 की दशक में ‘सन स्ट्रोक’ के कारण जनता दल का पतन हो गया, फिर चाहे वह रामकृष्ण हेगड़े, एस. बुगारप्पा, जे. एच. पाटिल या एच. डी. देवेगौड़ा हों। विश्वनाथ ने कहा, ‘‘अब भाजपा को भी यह सन स्ट्रोक लग रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो कर्नाटक में सन स्ट्रोक लगेगा।’’ एच.डी. कुमारस्वामी नीत पूर्ववर्ती कांग्रेस-जदएस सरकार को गिरा कर 2019 में भाजपा में शामिल हुए 17 विधायकों में विश्वनाथ भी थे।





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प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी: कांग्रेस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   16:30
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प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी: कांग्रेस

गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था ‘ऑक्सफैम’ ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि इस दौरान करोड़ों लोगों के लिए आजीविका का संकट पैदा हो गया।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने ‘ऑक्सफैम’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘गलत नीतियों एवं प्राथमिकताओं’ के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी जी की ग़लत नीतियों और प्राथमिकताओं से देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है। ऑक्सफैम की नयी रिपोर्ट के अनुसार मोदी जी के मित्रों व देश के सबसे अमीर अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ी, वहीं अप्रैल में हर घंटे 1.7 लाख लोगों ने अपनी नौकरी खोई !’’

उल्लेखनीय है कि गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था ‘ऑक्सफैम’ ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 35 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि इस दौरान करोड़ों लोगों के लिए आजीविका का संकट पैदा हो गया। ऑक्सफैम की रिपोर्ट ‘इनइक्वलिटी वायरस’ में कहा गया, ‘‘मार्च 2020 के बाद की अवधि में भारत में 100 अरबपतियों की संपत्ति में 12,97,822 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इतनी राशि का वितरण यदि देश के 13.8 करोड़ सबसे गरीब लोगों में किया जाए, तो इनमें से प्रत्येक को 94,045 रुपये दिए जा सकते हैं।





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क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 25, 2021   16:08
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क्या चीनी सैनिक की घर वापसी से कम होगा लद्दाख तनाव?

9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया।

पूर्वी लद्दाख में तनाव को लेकर भारत और चीन के बीच रविवार को कमांडर स्तर की 9वें दौर की वार्ती हुई। यह मीटिंग चीनी सीमा रेखा में स्थित मोल्डो में हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक भारत ने एक बार फिर चीन से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाली जगहों से अपनी सेनाओं को पीछे हटाने का कहा, ताकि तनाव कम हो।वहीं सिक्कम से दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की खबर आज सामने आई है। इस झड़प में चीन के 20 सैनिकों के घायल होने की भी खबर है। लेकिन संवाद और विवाद की दो अलग-अलग खबरों के बीच पिछले 8 महीने से लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सैन्य गतिरोध के दौर में एक खबर ऐसी भी है जिससे प्रतीत होता दिख रहा है कि लद्दाख मसला अब नरमी से हल हो जाएगा।  9 जनवरी को भारतीय सेना ने लद्धाख के चुशूल सेक्टर के गुरुंग हिल के पास से एक चीनी सैनिक को अपने क्षेत्र से पकड़ा। उसने बताया कि वह गलती से भारतीय क्षेत्र में पहुच गया था। भारतीय सेना ने मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म का परिचय देते हुए जरूरी फॉर्मेलिटीज करने के बाद चीनी जवान को वापस भेज दिया। 

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इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टेंशन कम हो जाएगा यह तो नही पता लेकिन इतना जरूर है कि भारत चीन के बीच जारी संवादों या फिर सैन्य कमांडरों के बीच चलने वाले हॉटलाइन पर इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। सूत्रों की मानें तो दो देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद भारतीय सेना के इस पहल से चीनी सैन्य अधिकारियों पर सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए भारत का आभार भी जताया है। 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टीनेंट जेनरल पी जी के मेनन और दिल्ली के नेतृत्व ने यह फैसला लिया कि चीनी सैनिक को वापस भेज दिया जाए।

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11जनवरी को मोलडो क्रासिंग पर चीनी जवान को वापस सौप दिया गया। भारतीय सेना के इस कदम को सद्भावना वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय सेना ने ऐसी ही सद्भावना पिछले साल अक्टूबर में भी दिखयी थी जब देमचोक सेक्टर से एक चीनी सिपाही पकड़ा गया था। चीन के अंदर सोशल मीडिया पर भी चीनी सैनिक की वापसी को काफी सराहा जा रहा है और इसपर गर्मजोशी से सकारात्मक चर्चा भी हो रही हैं। चीनी सेना ने ऑन रिकॉर्ड  इस पहल के लिए भारीतय सेना की काफी प्रसंसा और सराहना की है। अब इस तरह की प्रसंसा का ग्राउंड पर कितना असर दिखेगा, यह अभी नही कहा जा सकता लेकिन भारतीय सेना ने अक्टूबर से जनवरी 2021 के दौरान अपने सद्भावना भरे कदमों से पीएलए को आश्चर्य चकित जरूर कर दिया।





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आजाद मैदान की किसान रैली में शामिल हुए शरद पवार, बोले- राज्यपाल के पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 25, 2021   15:56
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आजाद मैदान की किसान रैली में शामिल हुए शरद पवार, बोले- राज्यपाल के पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मुंबई ने देश की आजादी की लड़ाई में आक्रामक भूमिका निभाई, मुंबई में मजदूर वर्ग एकजुट होकर महाराष्ट्र की मांग के लिए सड़कों पर उतरे, इस बार किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए महाराष्ट्र के सभी कोनों से लोग मुंबई आए हैं।

मुंबई। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान की रैली में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में किसान पहुंचे हैं। इन किसानों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने संबोधित किया। शरद पवार के साथ किसानों के प्रदर्शन में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट भी शामिल हुए।

शरद पवार ने कहा कि मुंबई ने देश की आजादी की लड़ाई में आक्रामक भूमिका निभाई, मुंबई में मजदूर वर्ग एकजुट होकर महाराष्ट्र की मांग के लिए सड़कों पर उतरे, इस बार किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए महाराष्ट्र के सभी कोनों से लोग मुंबई आए हैं। दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के बारे में पवार ने कहा कि यह आंदोलन देश के अबतक के इतिहास का किसी भी विवाद के बिना लंबे समय तक चलने वाला आंदोलन है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शरद पवार ने कंगना रनौत के नाम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास कंगना रनौत से मिलने का समय है लेकिन उनके पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं है। बता दें कि किसान राजभवन तक मार्च निकालने वाले थे लेकिन उन्हें मुंबई पुलिस ने मार्च करने की इजाजत नहीं दी। जिसके बाद अब किसानों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के लिए राजभवन जाएगा।





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