Sheila Dikshit Birth Anniversary: क्यों कहलाती हैं 'Modern Delhi' की शिल्पकार, जानें CM Sheila Dikshit के अनसुने किस्से

दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का 31 मार्च को जन्म हुआ था। कहा जाता है कि अगर दिल्ली ने विकास देखा है, तो वह शीला दीक्षित के कार्यकाल में देखा गया है। उन्होंने बतौर सीएम दिल्ली के विकास में अहम भूमिका निभाई थी।
आज यानी की 31 मार्च को दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का जन्म हुआ था। शीला दीक्षित भारतीय राजनीति की एक ऐसी नेता थीं, जिन्होंने दिल्ली के विकास में अहम भूमिका निभाई थी। यहां तक कहा जाता है कि अगर दिल्ली ने विकास देखा है, तो वह शीला दीक्षित के कार्यकाल में देखा गया है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर शीला दीक्षित के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
पंजाब के कपूरथला में 31 मार्च 1938 को शीला दीक्षित का जन्म हुआ था। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई दिल्ली में हुई। शीला दीक्षित ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से इतिहास में स्नातक और फिर मास्टर्स किया। पढ़ाई के दौरान शीला दीक्षित को राजनीति से जुड़े मामलों में गहरी दिलचस्पी पैदा होने लगी। उन्होंने अपनी पढ़ाई के अलावा राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा करने लगीं और उनको अपनी राय व्यक्त करने में भी खूब आनंद आता था।
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सियासी सफर
बता दें कि शीला दीक्षित का सियासी सफर काफी लंबा और सफल रहा है। शीला दीक्षित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ी थीं। साल 1938 से 2019 तक वह कांग्रेस की कद्दावर नेता और दिल्ली की सबसे लंबे समय तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहने वाली महिला थीं। शीला दीक्षित ने 15 साल के कार्यकाल के समय CNG, दिल्ली मेट्रो और फ्लाईओवर जैसे बुनियादी ढांचे का विकास हुआ। साल 1998 में दिल्ली की जनता ने शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री चुना गया था। आज भी शीला दीक्षित की गिनती दिल्ली के सबसे सफल मुख्यमंत्रियों में होती है।
विवाद
शीला दीक्षित पर राजनीति में रहते हुए कुछ विवादों का भी सामना करना पड़ा था। उन पर कुछ आरोप लगे, जिसके कारण उनको काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। वहीं साल 2013 के चुनाव के समय शीला दीक्षित के खिलाफ बिजली कंपनियों और सरकारी खर्चों को लेकर FIR दर्ज की गई थी। लेकिन बाद में कई मामलों में उनको राहत भी मिली थी।
राज्यपाल की भूमिका
सीएम पद छोड़ने के बाद साल 2014 में शीला दीक्षित को केरल का राज्यपाल बनाया गया था। लेकिन कुछ महीनों बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। शीला दीक्षित ऐसी नेता थीं, जिन्होंने दिल्ली को आधुनिक शहर बनाने में अहम योगदान दिया था।
मृत्यु
वहीं कांग्रेस की अनुभवी और दूरदर्शी नेता रहीं शीला दीक्षित का 20 जुलाई 2019 को 81 साल की उम्र में निधन हो गया था।
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