राष्ट्रमंडल खेल: महिला भारोत्तोलन के 63 किग्रा वर्ग में कुल वजन दर्ज करने में नाकाम रहीं निरुपमा देवी

राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण कर रही भारत की भारोत्तोलक निरुपमा देवी महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में कुल वजन दर्ज करने में असफल रहीं। वह छह में से केवल एक ही सफल प्रयास कर सकीं। इसके साथ ही प्रतियोगिता में उनका अभियान समाप्त हो गया।
(अपराजिता उपाध्याय) ग्लास्गो, 28 जुलाई राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण कर रहीं भारत की निरुपमा देवी का महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में मंगलवार को यहां अभियान निराशाजनक रूप से समाप्त हुआ जब वह छह में से केवल एक सफल प्रयास कर सकीं और कुल वजन दर्ज करने में नाकाम रहीं। पच्चीस वर्षीय निरुपमा पूरे मुकाबले के दौरान लय में नहीं दिखीं। उन्होंने छह प्रयासों में केवल स्नैच में 93 किग्रा का एक सफल प्रयास किया।
उन्होंने स्नैच में 93 किग्रा वजन अपने दूसरे प्रयास में उठाया जबकि वह पहले प्रयास में ऐसा करने में नाकाम रहीं थी। वह तीसरे प्रयास में 95 किग्रा वजन उठाने में भी असफल रहीं। स्नैच चरण के बाद वह पांचवें स्थान पर थीं।
पदक की दौड़ में बने रहने के लिए उन्हें क्लीन एवं जर्क में अच्छे प्रदर्शन की जरूरत थी। उन्होंने शुरुआती प्रयास के लिए 123 किग्रा वजन चुना। वह वजन को कंधों तक (क्लीन) लाने में सफल रहीं लेकिन उसे सिर के ऊपर स्थिर (जर्क) नहीं कर सकीं।
उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 126 किलोग्राम है। भारतीय साथियों के जोरदार उत्साहवर्धन के बीच निरुपमा ने दूसरे प्रयास में फिर 123 किग्रा वजन उठाने की कोशिश की। इस बार भी वह क्लीन करने में सफल रहीं लेकिन जर्क के दौरान संतुलन खो बैठीं और बारबेल उनके पीछे गिर गई।
प्रतियोगिता में बने रहने और कांस्य पदक की उम्मीद कायम रखने के दबाव में वह तीसरे और अंतिम प्रयास में भी 123 किग्रा वजन उठाने में नाकाम रहीं। इसके साथ ही वह कुल वजन दर्ज नहीं कर सकीं और उनका अभियान समाप्त हो गया। कनाडा की तोक्यो ओलंपिक चैंपियन मॉड शेरोन ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखते हुए तीनों वर्गों (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड बनाए और लगातार तीसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
शेरोन ने स्नैच में 102 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 130 किग्रा से रिकॉर्ड कुल 232 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। इंग्लैंड की सारा डेविस स्मेल ने कुल 217 किग्रा (95 किग्रा और 122 किग्रा) वजन के साथ रजत पदक जीता जबकि नौरू की 17 वर्षीय फेमिली क्रिस्टी नोटे ने 216 किग्रा (100 किग्रा और 116 किग्रा) के साथ कांस्य पदक हासिल किया। राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक भारोत्तोलन भारत के लिए सबसे सफल खेल रहा है जहां उसने अब तक के 10 पदक में से छह पदक जीते हैं।
इसमें पैरा पावरलिफ्टिंग का एक पदक भी शामिल है।
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