Mansukh Mandaviya से मिले पैरा निशानेबाज, Asian Para Games चयन में PCI पर लगाया पक्षपात का आरोप

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आइची-नागोया पैरा एशियाई खेलों की चयन प्रक्रिया को लेकर पैरा निशानेबाजों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नयी दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री से मुलाकात की। निशानेबाजों ने भारतीय पैरालंपिक समिति पर नियमों में ढील देकर अयोग्य खिलाड़ियों को शामिल करने और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। खेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार मामले का व्यावहारिक समाधान तलाशने पर विचार किया जा रहा है।

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर आगामी आइची-नागोया पैरा एशियाई खेलों के लिए चयन प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पैरा निशानेबाजों ने शुक्रवार को यहां खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की और खेल प्रशासन में कथित खामियों को लेकर अपनी चिंताएं उनके सामने रखीं। तीन निशानेबाजों के एक प्रतिनिधिमंडल ने खेल मंत्री से मुलाकात की और अपना आरोप दोहराया कि भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) ने 18 अक्टूबर से शुरू होने वाले खेलों के लिए चार ऐसे निशानेबाजों को शामिल करने के उद्देश्य से चयन के नियमों में ढील दी जो निर्धारित मानदंडों पर खरे नहीं उतरते थे। एशिया में तीसरी रैंकिंग पर काबिज पैरा पिस्टल निशानेबाज संदीप कुमार ने पहले चयन प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाया था।

उनका दावा था कि महाद्वीपीय रैंकिंग में 14वें स्थान पर मौजूद रुद्रांश खंडेलवाल को उनसे और मौजूदा एशियाई नंबर एक आकाश पर तरजीह देते हुए चुन लिया गया। खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘मंत्री ने उनकी बातें सुनीं और उनकी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। इस स्थिति को बेहतर तरीके से कैसे सुलझाया जाए, इस पर चर्चा अभी जारी है।

’’ पैरा निशानेबाजों ने पैरा एशियाई खेलों के लिए चयन प्रक्रिया में कथित वित्तीय भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और हेरफेर की तत्काल स्वतंत्र जांच की मांग की थी। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के महानिदेशक को बुधवार को सौंपे गए एक ज्ञापन में पैरा निशानेबाजों ने पीसीआई के अधिकारियों और उसकी निशानेबाजी तकनीकी समिति (एसटीसी) पर गैर-कानूनी तरीके से पैसे वसूलने, खुलेआम भ्रष्टाचार और खेल मंत्रालय के दिशानिर्देशों के उल्लघंन करने का आरोप लगाया। बैठक में मौजूद एक निशानेबाज ने कहा, ‘‘पीसीआई को लगता है कि चूंकि यह मामला मीडिया में उजागर हो चुका है इसलिए अब खिलाड़ियों के नाम भेजना उनके लिए अपमानजनक होगा।

उनका कहना है कि ‘हमने कोटे छोड़ दिए हैं और अब कुछ नहीं हो सकता’। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने खेल मंत्री को बताया कि पीसीआई खिलाड़ियों को नहीं भेजकर देश की पदक संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रही है। इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

’’ खेल मंत्री के साथ यह बैठक उस घटना के एक दिन बाद हुई जिसमें पैरा निशानेबाजों ने पैरा एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के विदाई समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था।

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