सर्वेश कुशारे ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने

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भारत के सर्वेश कुशारे ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने स्वर्ण पदक जीता।

(अपराजिता उपाध्याय) ग्लास्गो, 28 जुलाई राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन कर सोमवार को राष्ट्रमंडल खेलों में इतिहास रच दिया हालांकि वह मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए। कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर दूसरा स्थान हासिल किया। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने स्वर्ण पदक जीता।

दोनों खिलाड़ी 2.25 मीटर के बाद 2.28 मीटर पार करने में असफल रहे, लेकिन काउंटबैक नियम के आधार पर बेकफोर्ड को विजेता घोषित किया गया। इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। अन्य भारतीय खिलाड़ी आदर्श राम 2.15 मीटर की छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे।

इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में भारत का एकमात्र पदक तेजस्विन शंकर ने 2022 बर्मिंघम खेलों में कांस्य पदक के रूप में जीता था लेकिन 31 वर्षीय कुशारे ने रजत पदक जीतकर उस उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया। तेजस्विन ने भी सोमवार को स्पर्धा में हिस्सा लिया, लेकिन बृहस्पतिवार से शुरू होने वाली पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा की तैयारी को देखते हुए उन्होंने 2.05 मीटर के पहले प्रयास में असफल रहने के बाद हटने का फैसला किया। 27 वर्षीय तेजस्विन का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2.29 मीटर है और पिछले दो वर्षों में उन्होंने डेकाथलॉन पर ध्यान केंद्रित करने के कारण व्यक्तिगत ऊंची कूद प्रतियोगिताओं में ज्यादा हिस्सा नहीं लिया है।

महाराष्ट्र के नाशिक जिले के देवरगांव के रहने वाले कुशारे के पिता प्याज की खेती करते हैं। वह अपने पिता और बचपन के कोच के बनाए मक्के के छिलके, कपास और खेती के कचरे से बने कामचलाऊ लैंडिंग पिट का इस्तेमाल करके ऊंची कूद का अभ्यास करते थे। उन्होंने जीत के बाद कहा ,‘‘ यह मेरा पहला पदक है।

एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के प्रदर्शन से ओलंपिक की तैयारी में मदद मिलती है। मैं ओलंपिक पदक जीतना चाहता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों में मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है।’’ तेजस्विन से मिलने वाले टिप्स के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ खिलाड़ी को उस भूमिका में रहने दें। वह अच्छा खिलाड़ी है।

हम आगे भी प्रतिस्पर्धा करके अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।’’ कुशारे इस महीने दोहा डायमंड लीग में पोडियम पर रहने वाले भारत के पहले ऊंची कूद के खिलाड़ी बने थे। उन्होंने मोनाको चरण में तीसरा स्थान हासिल किया था। डायमंड लीग में पोडियम पर रहने वाले वह चौथे भारतीय बने थे।

उनसे पहले भालाफेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा (2022 से 13 बार), लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर (2023) और पूर्व चक्काफेंक खिलाड़ी विकास गौड़ा (2015) यह कमाल कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशारे को इस प्रदर्शन के लिये बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा ,‘‘ राष्ट्रमंडल खेल 2026 में सर्वेश कुशारे को शानदार रजत पदक।

उनकी प्रतिबद्धता और निरंतरता उल्लेखनीय है। इस असाधारण उपलब्धि के लिये उन्हें बधाई। भारत को उन पर गर्व है।

भविष्य के लिये शुभकामनायें।’’ खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा ,‘‘ सर्वेश कुशारे को ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरूषों की ऊंची कूद में रजत पदक जीतने पर बधाई। इस शानदार प्रदर्शन पर पूरे देश को गर्व है।

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