दिल्ली की इन जगहों पर मिलेगी आपको परफेक्ट फिल्टर कॉफी

  •  मिताली जैन
  •  जून 20, 2020   21:38
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दिल्ली की इन जगहों पर मिलेगी आपको परफेक्ट फिल्टर कॉफी

थलाइवर एक ऐसी जगह है, जहां पर आपको फिल्टर कॉफी के साथ−साथ केरल के कुछ बेहतरीन व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। उनके ऐपेटाइजर कुछ ऐसे हैं जो आपको दिल्ली में रहते हुए जरूर आजमाने चाहिए। खासकर यहां के कुजीपनियाराम और आलू बोंडा का स्वाद बेमिसाल है।

ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें फिल्टर कॉफी पीना बेहद पसंद होता है। ऐसे में जब वह किसी नए शहर में जाते हैं तो उन्हें अपनी पसंदीदा फिल्टर कॉफी कम ही मिलती है। लेकिन दिल्ली बाकी शहरों की दुनिया में काफी अलग है। देश की राजधानी दिल्ली यकीनन एक परफेक्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। यहां पर आपको घूमने फिरने से लेकर शॉपिंग यहां तक कि खाने−पीने में भी काफी कुछ एक्सप्लोर करने को मिलता है। चाहे आप कुछ नया एक्सपीरियंस करना चाहते हों या फिर स्वभाव से फूडी हो, दिल्ली आकर आपको निराशा नहीं होगी। तो चलिए आज हम आपको दिल्ली की उन जगहों के बारे में बता रहे हैं, जहां पर आपको परफेक्ट फिल्टर कॉफी पीने को मिलेगी−

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कर्नाटिक कैफे, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी

कर्नाटिक कैफे साउथ इंडियन लोगों के लिए एक बेहतरीन जगह है। खासतौर से, अगर आपको फिल्टर कॉफी पीने का शौक है तो आपको एक बार यहां पर जरूर जाना चाहिए। यह कैफे न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में सामुदायिक केंद्र के अंदर स्थित है, और दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए सबसे अच्छी जगह है। कैफे प्रामाणिक दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसता है। यहाँ के डोसा काफी पसंद किए जाते हैं। इसलिए फिल्टर कॉफी और दक्षिण भारतीय व्यंजन का स्वाद चखने के लिए आप यहां पर जा सकते हैं।

आंध्र भवन, अशोका रोड

अशोका रोड के आंध्र भवन में आपको एक बेहतरीन फिल्टर कॉफी को टेस्ट करने को मिलेगा। यहां पर आपको फिल्टर कॉफी के साथ−साथ कई बेहतरीन व्यजंन भी खाने को मिलते हैं। यहां पर आप अपने टेस्ट बड को शांत कर सकते हैं और इसके लिए आपको बहुत अधिक पैसे भी खर्च करने की जरूरत नहीं है।

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थलाइवर, हौज खास

थलाइवर एक ऐसी जगह है, जहां पर आपको फिल्टर कॉफी के साथ−साथ केरल के कुछ बेहतरीन व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। उनके ऐपेटाइजर कुछ ऐसे हैं जो आपको दिल्ली में रहते हुए जरूर आजमाने चाहिए। खासकर यहां के कुजीपनियाराम और आलू बोंडा का स्वाद बेमिसाल है। इसके अलावा यहां की फिल्टर कॉफी को लोग काफी पसंद करते हैं। अगर आपको भी यहां पर फिल्टर कॉफी पीनी है तो आपको लगभग 80 रूपए खर्च करने पड़ेंगे।

उडुपी कैफे, बहादुरशाह जफर मार्ग, आईटीओ

उडुपी कैफे एक दक्षिण भारतीय कैफे है, जो आपको 80 के दशक की याद दिलाएगा। वैसे तो आपको यहां पर काफी कुछ टेस्ट करने को मिलेगा, लेकिन फिल्टर कॉफी की बात ही कुछ और है। यहां पर एक फिल्टर कॉफी की कीमत लगभग 40 रूपए है।

मिताली जैन







CCTV लगवाने से पहले जान तो लें 'ज़रूरी बातें', रात में भी होगी क्लियर रिकॉर्डिंग

  •  मिथिलेश कुमार सिंह
  •  जनवरी 28, 2021   11:38
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CCTV लगवाने से पहले जान तो लें 'ज़रूरी बातें', रात में भी होगी क्लियर रिकॉर्डिंग

खासकर रात के समय सीसीटीवी कैमरे ठीक ढंग से रिकॉर्ड करने में सक्षम नहीं होते हैं, ऐसे में अस्पष्ट तस्वीर की वजह से काफी दिक्कत सामने आ जाती है। वैसे तो आजकल सीसीटीवी हर सेंसिटिव जगह पर लगा मिलता है, लेकिन अगर आप सावधानी से अपनी सीसीटीवी इंस्टॉलेशन कराते हैं।

सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी यानी क्लोज सर्किट टीवी कैमरे बड़ी क्रांति साबित हुए हैं। ऐसे अनेक मामले आए हैं, जब सीसीटीवी को देखकर पुलिस ने तमाम अपराधियों को पकड़ा है और उनके कारनामों को सबके सामने उजागर किया है। जाहिर तौर पर इससे अपराध में भी एक हद तक नियंत्रण आया है, परंतु जब बात करते हैं सीसीटीवी के फीचर की, तो जान लें कि आधुनिक समय में चोर/ अपराधी भी बेहद सजग हो गए हैं।

खासकर रात के समय सीसीटीवी कैमरे ठीक ढंग से रिकॉर्ड करने में सक्षम नहीं होते हैं, ऐसे में अस्पष्ट तस्वीर की वजह से काफी दिक्कत सामने आ जाती है। वैसे तो आजकल सीसीटीवी हर सेंसिटिव जगह पर लगा मिलता है, लेकिन अगर आप सावधानी से अपनी सीसीटीवी इंस्टॉलेशन कराते हैं, और सावधानी से कैमरे परचेज करते हैं, तो यकीन मानिए रात के समय रिकॉर्डिंग बेहद साफ़ होगी और आप पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगे। 

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सामान्यतः मार्केट में जब लोग सीसीटीवी खरीदने जाते हैं, तब बड़ी कंपनी का नाम देखते हैं, या फिर उसकी सस्ती प्राइस देखते हैं, किंतु आपको इन दोनों के अलावा उस फीचर के बारे में ध्यान देना पड़ेगा, जिसे इंफ्रारेड लाइट कहते हैं।

जी हां! अगर आपके सीसीटीवी में इंफ्रारेड लाइट लगी हुई है, तो आपकी नाइट फुटेज भी बेहद क्लियर आएगी। इंफ्रारेड लाइट कोई एक लाइट नहीं होती बल्कि सीसीटीवी में कई सारी लाइट्स होती हैं और इसी वजह से इस तरह के कैमरे रात में बेहतरीन रिकॉर्डिंग कर पाते हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि जिन कैमरों में इन्फ्रारेड लाइट्स होती हैं, वह नंगी आंखों से आपको दिखाई नहीं देती है। इस वजह से आप का कैमरा भी सुरक्षित रहता है और उसकी रिकॉर्डिंग भी बेहतरीन होती है।

वैसे अगर सीसीटीवी कैमरों की बात करें तो यह मुख्यतः तीन तरह के होते हैं जिसमें एनालॉग, आईपी कैमरा और वायरलेस कैमरा शामिल होता है। 

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एनालाग कैमरे, सामान्य कैमरे होते हैं, जो यहां वहां लगे होते हैं। इसमें फुटेज रिकॉर्ड करने के लिए सामान्य रूप से डीवीआर, यानी डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर का इस्तेमाल किया जाता है। इसे इंस्टाल करना आसान होता है, तो उसमें कास्ट भी अपेक्षाकृत कम होती है।

हालाँकि इसका नुकसान यह होता है कि इसकी वीडियो क्वालिटी बेहतरीन नहीं आती है और इसमें बहुत सारी तारें भी लगी रहती हैं।

दूसरे नंबर पर आईपी कैमरा आता है, जिसे हम डिजिटल कैमरा भी कहते हैं। चूंकि यह इंटरनेट प्रोटोकोल से जुड़ा होता है, इसलिए इन्हें आईपी कैमरा भी कहते हैं।

इसमें हमें डीवीआर की जरूरत नहीं पड़ती है, बल्कि सीधे आप अपने लैपटॉप या कंप्यूटर डिवाइसेज पर रन करा सकते हैं। इसमें फुटेज रिकार्ड करने के लिए एनवीआर इस्तेमाल करते हैं। अच्छी वीडियो क्वालिटी के साथ-साथ इसमें केबल इत्यादि भी बहुत कम होती है। 

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नुकसान की बात करें, तो इसकी प्राइस ज्यादा होती है और स्टोरेज इत्यादि के लिए भी यह काफी ज्यादा स्पेस लेते हैं।

तीसरा वायरलेस कैमरा है। जाहिर तौर पर इसको इंस्टॉल करने के लिए किसी तार की जरूरत नहीं होती है और यह वाईफाई पर काम करता है। हालांकि यह अपेक्षाकृत महंगा होता है, किंतु इसके फायदे यह होते हैं कि इसे कहीं भी एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है और इसकी रिकॉर्डिंग को क्लाउड इत्यादि पर भी स्टोर किया जा सकता है। हालाँकि, इससे आप बहुत दूर तक कवरेज नहीं कर पाते हैं और इन्हें आपको वाई फाई की रेंज के अंदर ही लगाना होता है।

अब आप जान चुके होंगे कि कौन सा सीसीटीवी आप के लिए बेहतर विकल्प है। वैसे आप शुरुआत में बताए टिप्स को मत भूलिएगा, जिसमें इंफ्रारेड लाइट लगाने की सलाह दी गई है। इससे आप के कैमरे में रात की बेहतरीन रिकॉर्डिंग आएगी, इस बात में कोई दो राय नहीं है।

- मिथिलेश कुमार सिंह







दिल्ली में इन जगहों का लुत्फ उठाने के लिए पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे

  •  मिताली जैन
  •  अक्टूबर 12, 2020   21:30
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दिल्ली में इन जगहों का लुत्फ उठाने के लिए पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे

जामा मस्जिद, जिसे मस्जिद ई जहान नुमा के नाम से भी जाना जाता है, भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। यह मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा बनाया गया था और इसका उद्घाटन इमाम सैयद अब्दुल गफूर शाह बुखारी ने किया था।

दिल्ली देश की राजधानी है और पर्यटक इसे देश का दिल मानते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि दिल्ली में खाने−पीने से लेकर घूमने तक के लिए कई बेहतरीन जगहें मौजूद हैं। इतना ही नहीं, यहां पर हर तरह के व्यक्ति के लिए घूमने और देखने के लिए कुछ ना कुछ है। आमतौर पर जब आप कहीं घूमने जाते हैं तो आपको पैसे खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन अगर आप दिल्ली में हैं तो आपको इसकी भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। जी हां, दिल्ली की ऐसी कई बेहतरीन जगहें हैं, जो पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र हैं, लेकिन यहां पर घूमने के लिए आपको पैसे खर्च करने की कोई जरूरत नहीं है। तो चलिए जानते हैं ऐसी ही कुछ बेहतरीन जगहों के बारे में−

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घूमें जामा मस्जिद

जामा मस्जिद, जिसे मस्जिद ई जहान नुमा के नाम से भी जाना जाता है, भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। यह मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा बनाया गया था और इसका उद्घाटन इमाम सैयद अब्दुल गफूर शाह बुखारी ने किया था। यहाँ तीन विशाल मुख्य द्वार हैं जो सभी चालीस मीटर ऊँचे हैं और निर्माण में सफेद संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर की पट्टियों के साथ मस्जिद के काम को खूबसूरती से दिखाया गया है। मस्जिद के यहाँ एक विशाल प्रांगण भी है। यह आंगन इतना विशाल है कि यहां लगभग 25,000 उपासक बैठ सकते हैं और यह 408 वर्ग फीट की जगह घेरता है। इस मस्जिद के आंगन में घूमना एक अद्भुत एहसास होता है।

हजरत निजामुद्दीन दरगाह में कव्वाली संगीत

हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह में कव्वाली संगीत दिल्ली में मुफ्त में दिल्ली में करने के लिए चीजों का अनुभव करना चाहिए। यहां कव्वाली का प्रदर्शन पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर सकता है। यह शो हर दिन होता है। कुछ अद्भुत सूफी गीत जैसे भर दो झोली मेरी, कुन फाया कुन, छप तिलक सब छेनी, अज रंग है और कई अन्य यहां प्ले किए जाते हैं और इस तरह यहां एक सम्मोहित करने वाला वातावरण बनता है। निज़ामुद्दीन औलिया के वंशज, जिन्हें निज़ामी ब्रदर्स के नाम से भी जाना जाता है, इस स्थान पर वास्तविकता के साथ−साथ प्रामाणिकता की भावना भी लाते हैं। नियाज़मी ब्रदर्स का परिवार सात सौ से अधिक वर्षों से इस स्थान पर गा रहा है।

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लोधी गार्डन

दिल्ली का लोधी गार्डन, दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध आकर्षणों में से एक है। यह स्थान सभी फोटोग्राफी प्रेमियों, वास्तुकला प्रेमियों और उन सभी लोगों के लिए घूमने के लिए एक शानदार जगह है जो कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं। यह स्थान सप्ताह के सभी दिनों में पर्यटकों के लिए खुला रहता है और दरवाजे सुबह 6 से शाम 7 बजे तक खोले जाते हैं। ताजा वातावरण और इस जगह में अद्भुत वास्तुकला के कारण लोधी उद्यान इस जगह पर आने वाले पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है। यह भी एक तथ्य है कि सैय्यद और लोधी वंश के शासक यहां दफन थे। यह जगह यहां पुराने वाटर टैंक की वजह से भी बेहद खूबसूरत है। लोधी गार्डन में भी बहुत सारी चीजें हैं जो यहां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। खान मार्केट लोधी मार्केट के बहुत करीब स्थित है और यहाँ से बहुत सारी चीज़ें खरीदी जा सकती हैं। 

मिताली जैन







दिल्ली के इन बेहतरीन म्यूजियम में नहीं घूमा तो समझो कुछ नहीं देखा

  •  मिताली जैन
  •  अगस्त 31, 2020   19:48
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दिल्ली के इन बेहतरीन म्यूजियम में नहीं घूमा तो समझो कुछ नहीं देखा

राष्ट्रीय डाक टिकट संग्रहालय डाक भवन के अंदर स्थित है और डाक विभाग द्वारा प्रबंधित किया जाता है। संसद मार्ग के पटेल चौक पर स्थित इस संग्रहालय में आपको स्वतंत्रता के बाद के युग में इस्तेमाल किए जाने वाले डाक टिकटों को देखने का मौका मिलेगा।

देश की राजधानी और उसका दिल मानी जाने वाली दिल्ली में देखने के लिए बहुत कुछ है। दिल्ली में धार्मिक मंदिरों से लेकर ऐतिहासिक स्मारक, थीम पार्क, शॉपिंग सेंटर और बहुत कुछ है, जो इसे देखने लायक बनाता है। इसके अलावा यहां पर कई तरह के म्यूजियम हैं और हर म्यूजियम की अपनी एक अलग खासियत है। अगर आप भारत देश की सांस्कृतिक विरासत के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो ऐसे में आपको दिल्ली के विभिन्न संग्रहालयों में जरूर जाना चाहिए। तो चलिए आज हम आपको दिल्ली में मौजूद कुछ बेहतरीन संग्रहालयों के बारे में बता रहे हैं−

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राष्ट्रीय डाक टिकट संग्रहालय

राष्ट्रीय डाक टिकट संग्रहालय डाक भवन के अंदर स्थित है और डाक विभाग द्वारा प्रबंधित किया जाता है। संसद मार्ग के पटेल चौक पर स्थित इस संग्रहालय में आपको स्वतंत्रता के बाद के युग में इस्तेमाल किए जाने वाले डाक टिकटों को देखने का मौका मिलेगा। संग्रहालय में स्वतंत्रता से पूर्व के भी हाउस स्टैम्पस मौजूद हैं। यहां तक कि आपको यहां पर 1854 में पहली मोहर वाली सिंध डाक को भी देखने को मिलेगी।

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नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय

इस संग्रहालय का मुख्य उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास के पुनर्निर्माण के साथ−साथ संरक्षण करना है। स्वतंत्रता के दौर में जवाहरलाल नेहरू के बारे में जानने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए यह दिल्ली के सबसे बेहतरीन संग्रहालयों में से एक है। संग्रहालय में उनके जीवन के कई पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है और शोधकर्ताओं के पास यहां पर जानने व खोजने के लिए बहुत कुछ है। यह संग्रहालय नई दिल्ली के किशोर मूर्ति मार्ग पर स्थित है।

गांधी स्मृति संग्रहालय 

गांधी स्मृति संग्रहालय दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों में से एक है। यह उस समय को इंगित करता है जहां महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम 144 दिन बिताए थे। इस तरह के इतिहास को दिखाने के बावजूद, संग्रहालय के अंदर उपयोग किए जाने वाले उपकरण काफी आधुनिक हैं और इसलिए वह पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यह संग्रहालय बिरला हाउस के पास तीस जनवरी मार्ग पर स्थित है।

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खादी संग्रहालय

खादी संग्रहालय भारत के सबसे बेहतरीन विरासत संग्रहालयों में से एक है। दिल्ली के सभी कनॉट प्लेस संग्रहालयों में से, यह संग्रहालय इतिहास प्रेमियों और बच्चों के बीच लोकप्रिय है। बचपन में हम सभी ने चरखे के बारे में किताबों में पढ़ा है, अब उसे करीब से अनुभव करने का समय है। यह संग्रहालय मुख्य रूप से चरखे के बारे में है और इसका उपयोग करने से क्या होता है। यहां आपको कुछ तैयार बुनाई वाले उत्पाद भी मिलेंगे।

मिताली जैन 







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