SBI में वित्त वर्ष के दौरान फ्रॉड के 1885 केस सामने आए, लगी 7,951 करोड़ की चपत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Feb 27 2019 4:59PM
SBI में वित्त वर्ष के दौरान फ्रॉड के 1885 केस सामने आए, लगी 7,951 करोड़ की चपत
Image Source: Google

आरटीआई से मिली जानकारी बताती है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2018) के दौरान एसबीआई में 2395.81 करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी के 556 प्रकरण सामने आये।

इंदौर। सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत प्राप्त सूचना के मुताबिक देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरूआती नौ माह (अप्रैल-दिसंबर 2018) के दौरान कुल 7,951.29 करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी के 1,885 मामले सामने आये। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बुधवार को  पीटीआई-भाषा को बताया कि सूचना के अधिकार के तहत एसबीआई के एक उच्च अधिकारी ने उन्हें यह जानकारी दी है। उन्होंने अपनी आरटीआई अर्जी पर एसबीआई के 25 फरवरी को भेजे जवाब के हवाले से बताया कि इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2018) में बैंक में कुल 723.06 करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी के 669 मामले सामने आये।

इसे भी पढ़ें: IL&FS संकट की जांच कराने के लिए ममता ने मोदी को लिखी चिठ्ठी

दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2018) में कुल 4832.42 करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी से संबंधित 660 प्रकरण प्रकाश में आये। आरटीआई से मिली जानकारी बताती है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2018) के दौरान एसबीआई में 2395.81 करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी के 556 प्रकरण सामने आये।

इसे भी पढ़ें: मिश्रित संकेतों के बीच सेंसेक्स 53 अंक मजबूत, निफ्टी 10,900 के पार



वैसे गौड़ ने अपनी आरटीआई अर्जी में एसबीआई से विशिष्ट तौर पर यह भी जानना चाहा था कि आलोच्य अवधि (अप्रैल-दिसंबर 2018) में उसके कितने ग्राहक बैंकिंग धोखाधड़ी के शिकार हुए और इस वजह से उन्हें कितनी रकम की चपत लगी। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज बैंक ने उक्त प्रश्न पर आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा सात (नौ) का हवाला देते हुए कहा कि कानूनी प्रावधानों के मुताबिक उसे इस विषय में मांगी गयी सूचना के खुलासे से छूट प्राप्त है। 

 

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Story