ई-नीलामी के जरिये कोल इंडिया का कोयला आबंटन 38 प्रतिशत घटा

coal-allocation-decreased-by-38-percent-through-e-auction
[email protected] । May 8 2019 4:49PM

यह वित्त वर्ष 2017-18 के इसी महीने में 37.9 लाख टन था। कोल इंडिया की वेबसाइट के अनुसार ई-नीलामी के जरिये कोयला वितरण उन कंपनियों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया जो उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था के जरिये ईंधन की खरीद नहीं कर पा रहे थे।

नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया ने हाजिर ई-नीलामी योजना के तहत पिछले वित्त वर्ष (2018-19) में3.43 करोड़ टन कोयला आबंटन किया। यह एक साल पहले से 37.7% कम रहा। सरकारी आंकड़े के अनुसार देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी ने वित्त वर्ष 2017-18 में 5.52 करोड़ टन ईंधन (कोयला) का आबंटन किया।

इसे भी पढ़ें: चीन और अमेरिका के शीर्ष प्रतिनिधियों ने बीजिंग में शुरू की व्यापारिक बातचीत

हालांकि मार्च में योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी द्वारा आबंटित कोयला 10.2 प्रतिशत बढ़कर 41.8 लाख टन पहुंच गया। यह वित्त वर्ष 2017-18 के इसी महीने में 37.9 लाख टन था। कोल इंडिया की वेबसाइट के अनुसार ई-नीलामी के जरिये कोयला वितरण उन कंपनियों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया जो उपलब्ध संस्थागत व्यवस्था के जरिये ईंधन की खरीद नहीं कर पा रहे थे।

इसे भी पढ़ें: व्यापारी सम्मेलन में बोले मोदी, ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस में देश को 50वें स्थान पर पहुंचा दूंगा

 ई-नीलामी का मकसद सभी खरीदारों को एकल खिड़की सेवा के जरिये आनलाइल कोयला खरीदने का समान अवसर उपलब्ध कराना है। कोल इंडिया का घरेलू कोयला उत्पादन में हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है। कंपनी का कोयला उत्पादन 2018-19 में 7 प्रतिशत बढ़कर 60.69 करोड़ टन रहा। इससे पूर्व वित्त वर्ष में कोयला उत्पादन 56.74 करोड़ टन था।

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़