Loan देने वाले ऐप को Google ने प्ले स्टोर से हटाया, सुरक्षा नीतियों का किया गया उल्लंघन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   15:18
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Loan देने वाले ऐप को Google ने प्ले स्टोर से हटाया, सुरक्षा नीतियों का किया गया उल्लंघन

गूगल ने सुरक्षा नीति का उल्लंघन कर रही कई व्यक्तिगत ऋण ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया है।गूगल ने शेष ऐप के डेवलपर्स से कहा है कि वे यह दर्शाएं कि किस तरीके से स्थानीय कानूनोंऔर नियमनों काअनुपालन कर रहे हैं।यदि वे ऐेसा करने में विफल रहते हैं तो उनकी ऐप को भी प्ले स्टोर से हटा दिया जाएगा।

नयी दिल्ली। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने भारत में सैकड़ों की संख्या में व्यक्तिगत ऋण ऐप की समीक्षा की है और इनमें से कई को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया है। प्रयोगकर्ताओं और सरकारी एजेंसियों ने कंपनी से इन ऐप को लेकर चिंता जताई थी। गूगल ने बृहस्पतिवार कहा कि जो ऐप उपयोक्ता सुरक्षा नीतियों का उल्लंघन कर रही थीं, उन्हें तत्काल प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। गूगल ने शेष ऐप के डेवलपर्स से कहा है कि वे यह दर्शाएं कि किस तरीके से स्थानीय कानूनों और नियमनों का अनुपालन कर रहे हैं। यदि वे ऐेसा करने में विफल रहते हैं तो उनकी ऐप को भी प्ले स्टोर से हटा दिया जाएगा।

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गूगल ने ब्लॉगपोस्ट में कहा, ‘‘गूगल के उत्पादों तक सुरक्षित अनुभव प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी वैश्विक उत्पाद नीतियां इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर डिजाइन और क्रियान्वित की गई हैं। हम प्रयोगकर्ता की सुरक्षा में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। ’’ हालांकि, गूगल ने यह नहीं बताया कि उसने किन ऐप को हटाया है। ब्लॉगपोस्ट में कहा गया है, ‘‘हमने भारत में सैकड़ों की संख्या में व्यक्तिगत ऋण ऐप की समीक्षा की। इनको लेकर प्रयोगकर्ताओं और सरकारी एजेंसियों ने चिंता जताई थी। प्रयोगकर्ता सुरक्षा नीति का उल्लंघन कर रही ऐप को प्ले स्टोर से तत्काल हटा दिया गया है।





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HDFC ने गुड होस्ट से किया करार, 232.81 करोड़ में बेचेगी अपनी हिस्सेदारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   11:27
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HDFC ने गुड होस्ट से किया करार, 232.81 करोड़ में बेचेगी अपनी हिस्सेदारी

आवास ऋण कंपनी एचडीएफसी ने गुड होस्ट में 24.48 प्रतिशत हिस्सेदारी 232.81 करोड़ रुपये में बेचने का करार किया है।यह गुड होस्ट की जारी और चुकता शेयर पूंजी का 24.48 प्रतिशत है। एचडीएफसी ने कहा कि उसकी कुल शेयर बिक्री 232.81 करोड़ रुपये रहेगी।

नयी दिल्ली।आवास ऋण कंपनी एचडीएफसी लि. ने गुड होस्ट में अपनी 24.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए करार किया है। गुड होस्ट छात्र-छात्राओं के लिए आवास सुविधाओं का प्रबंधन करती है। इस हिस्सेदारी बिक्री से एचडीएफसी को 232.81 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। एचडीएफसी लि. ने बुधवार को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि उसने एक रुपये के 47,75,241 शेयरों की बिक्री का करार किया है।

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यह गुड होस्ट की जारी और चुकता शेयर पूंजी का 24.48 प्रतिशत है। एचडीएफसी ने कहा कि उसकी कुल शेयर बिक्री 232.81 करोड़ रुपये रहेगी। गुड होस्ट होस्टल सेवाएं, गेस्ट हाउस सेवाएं, सर्विस अपार्टमेंट और होस्टल सेवाओं के लिए पट्टे पर संपत्ति उपलब्ध कराती है। वित्त वर्ष 2019-20 में गुड होस्ट का कारोबार 112.60 करोड़ रुपये रहा था।





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कृपया ध्यान दीजिए ! ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर बढ़ सकता है इंश्योरेंस प्रीमियम

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 20, 2021   16:03
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कृपया ध्यान दीजिए ! ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर बढ़ सकता है इंश्योरेंस प्रीमियम

कमेटी ने सुझाया है कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में पांचवी धारा को भी जोड़ा जाए। जिसमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। आपको जानकारी दे दें कि नया वाहन खरीदने पर ट्रैफिक नियमों के उल्लघंन वाला प्रीमियम नहीं भरना पड़ेगा।

नयी दिल्ली। वाहन चालको को अब सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने उन्हें भारी पड़ सकता है। क्योंकि इंश्योरेंस रेगुलेटर बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने कुछ सुझाव दिए हैं। ऐसे में ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों को ज्यादा मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम भरना पड़ सकता है। दरअसल, इरडा की एक वर्किंग कमेटी ने ज्यादा प्रीमियम वसूलने की सिफारिश की है।  

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कमेटी ने सुझाया है कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में पांचवी धारा को भी जोड़ा जाए। जिसमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। आपको जानकारी दे दें कि नया वाहन खरीदने पर ट्रैफिक नियमों के उल्लघंन वाला प्रीमियम नहीं भरना पड़ेगा। दरअसल, शराब पीकर गाड़ी चलाने, गलत जगह पर पार्किंग करने इत्यादि जैसे उल्लंघनों के आधार पर प्रीमियम तय होगा। अभी सिर्फ इसकी सिफारिश की गई है। हालांकि, अंतिम निर्णय इरडा को ही लेना है।

बीमा कंपनियों को कैसे मिलेगी जानकारी ?

अब आप लोग सोच रहे होंगे कि किस वाहन ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया और किसने नहीं। इसके बारे में बीमा कंपनियों को कैसे पता चलेगा। ज्यादा मत सोचिए, इसकी भी पूरी व्यवस्था है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीमा कंपनियों को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े चालान के बारे में नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) से जानकारी मिल सकेगी। 

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ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को नंबर दिए जाएंगे। जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को 100 प्वाइंट तो गलत जगह पर गाड़ी को पार्क करने पर 10 प्वाइंट दिए जाएंगे। इन्हीं नंबरों के आधार पर आप पर पेनाल्टी लगेगी और प्रीमियम की राशि तय की जाएगी। जिसका मतलब साफ है कि ज्यादा पेनाल्टी नंबर होने पर ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।







ई-वाणिज्य क्षेत्र में एफडीआई नियमों में बदलाव करेगी सरकार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 20, 2021   12:09
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ई-वाणिज्य क्षेत्र में एफडीआई नियमों में बदलाव करेगी सरकार

सरकार ई-वाणिज्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) केनियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है जिनके तहत इस क्षेत्र की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) वाली ऐसी कंपनियों को उन विक्रेताओं से उत्पाद खरीदने से रोकना है जिनमें उनकी खुद अथवा उनकी मूल कंपनी की अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है।

नयी दिल्ली। सरकार ई-वाणिज्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) केनियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है जिनके तहत इस क्षेत्र की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) वाली ऐसी कंपनियों को उन विक्रेताओं से उत्पाद खरीदने से रोकना है जिनमें उनकी खुद अथवा उनकी मूल कंपनी की अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है।

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सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सरकार ने इससे पहले दिसंबर 2018 में उत्पादों की आनलाइन बिक्री के लिये मंच उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को उन कंपनियों के उत्पाद बेचने से रोका था जिनमें उनकी प्रत्यक्ष हिस्सेदारी है।मौजूदा नीति के मुताबिक आनलाइन बिक्री मंच उपलब्ध कराने वाली कंपनियों में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है लेकिन उनके लिये गोदामों में रखे तैयार माल की बिक्री करने जैसी गतिविधियां चलाने का निषेध है।

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सरकार का एफडीआई वाली ई- वाणिज्य कंपनियों के मामले में नियमों में बदलाव के बारे में विचार करना महत्वपूर्ण है। क्योंकि देश के व्यापारियों का संगठन कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि ई- वाणिज्य कंपनियां फेमा और एफडीआई नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। कैट के मुताबिक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने अमेजन और फ्लिपकार्ट द्वारा नियमों के कथित उल्लंघन संबंधी ज्ञापन को प्रवर्तन निदेशालय और रिजर्व बैंक को जरूरी कार्रवाई के लिये भेज दिया है।





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