Adani Group की JAL डील को फिर लगा ब्रेक, Vedanta की याचिका पर NCLAT में अहम सुनवाई टली

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एनसीएलएटी ने पीठ में बदलाव के कारण जयप्रकाश एसोसिएट्स (जेएएल) के लिए अदाणी समूह की बोली के खिलाफ वेदांता की याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी है। यह मामला एनसीएलटी द्वारा अदाणी की अधिग्रहण योजना को दी गई मंजूरी को वेदांता द्वारा दी गई कानूनी चुनौती से संबंधित है।

 राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने खनन कंपनी वेदांता समूह की कर्जग्रस्त जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज की बोली के चयन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई सोमवार को स्थगित कर दी। दिवाला अपीलीय न्यायाधिकरण ने उस पीठ की संरचना में बदलाव के कारण सुनवाई स्थगित की जो वेदांता लिमिटेड द्वारा दायर दो अपीलों पर सुनवाई कर रही थी।

यह बदलाव पीठ के एक सदस्य की अनुपलब्धता के कारण किया गया है। एनसीएलएटी जल्द ही सुनवाई की अगली तारीख तय करेगा। वेदांता ने 17 मार्च को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की इलाहाबाद पीठ द्वारा पारित उस आदेश को चुनौती देते हुए दो याचिकाएं दायर की हैं जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को दिवाला प्रक्रिया के तहत जेएएल के अधिग्रहण के लिए मंजूरी दी गई थी।

एनसीएलएटी ने 24 मार्च को जेएएल के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह की बोली को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के आदेश पर किसी भी अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, उसने कहा था कि यह योजना अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता समूह द्वारा दायर अपीलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।

एनसीएलएटी के इस अंतरिम आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसने भी इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने हालांकि निर्देश दिया था कि जेएएल की निगरानी समिति को कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय लेने से पहले न्यायाधिकरण की अनुमति लेनी होगी।

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