पीयूष गोयल ने उद्योग व्यापार संघों के साथ की वार्ता, सुझावों को वित्त मंत्रालय तक पहुंचाने का दिया भरोसा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 9, 2020   22:31
  • Like
पीयूष गोयल ने उद्योग व्यापार संघों के साथ की वार्ता, सुझावों को वित्त मंत्रालय तक पहुंचाने का दिया भरोसा
Image Source: Google

वीडियो काफ्रेंस में भारतीय उद्योग परिसंघ (सी आईआई), भारतीय वाणिज्य उद्योग महासंघ (फिक्की), एसोचैम, लघु उद्योग भारती, फिस्मे, साफ्टवेयरसेवा इकाइयों के संगठन नास्काम, पीएचडी वाणिज्य उद्योगमंडल, वाहन विनिर्माओं के सघ सियाम, लघु व्यापारियों के संगठन कैट और कुछ अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

नयी दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को उद्योग व्यापार संघों के प्रतिनिधियों से कहा कि वह कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न हालात को लेकर उनके सभी विषयों और सुझावों को वित्त मंत्रालय को भेजते जा रहे हैं जो कि उन पर ‘एक संतुलित और सधा हुआ दृष्टिकोण ’ अपनाएगा। गोयल ने वीडियो कांफ्रेस के जरिए उनसे वार्ता कर के वर्तमान परिस्थितियों में व्यापार और उद्योग जगत की समस्याओं और वास्तविकताओं की जानकारी ली। बातचीत में उद्योगों के लिए अतरिक्त राहत पैकज की मांग भी उठी।

गोयल ने पैकेज के मुद्दे पर कहा कि ‘जो भी सुझाव आ रहे हैं उन्हें विचार के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जा रहा है। वित्त मंत्रालय उन पर संतुलित और सधा दृष्टिकोण अपना सकता है।’उन्होंने यह भी कहा कि उनका मंत्रालय माल को लाने ले जाने की सुविधाओं तथा आयात निर्यात से जुड़ी समस्याओं के समाधान के प्रयास कर रहा है। मंत्रालय व्यापार उद्योग क्षेत्र की अन्य मांगों पर विभिन्न मंत्रालयों से भी संपर्क में है। उद्योग संघों ने नकद कमाई कम होने, आर्डर रद्द होने, मजदूरों की कमी तथा केंद्र के निर्देशों की राज्यों के स्तर पर अलग अलग व्याख्या जैसे मुद्दे भी उठाए। लेकिन उनकी तरफ से मंत्री को यह भी बताया गया कि सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग ने अपना 95 प्रतिशत काम फिर से शुरू कर दिया है। 

इसे भी पढ़ें: भारत की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2020-21 में 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान: संयुक्तराष्ट्र

वीडियो काफ्रेंस में भारतीय उद्योग परिसंघ (सी आईआई), भारतीय वाणिज्य उद्योग महासंघ (फिक्की), एसोचैम, लघु उद्योग भारती, फिस्मे, साफ्टवेयरसेवा इकाइयों के संगठन नास्काम, पीएचडी वाणिज्य उद्योगमंडल, वाहन विनिर्माओं के सघ सियाम, लघु व्यापारियों के संगठन कैट और कुछ अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।







संकट से जूझ रहे PMC बैंक को लेकर RBI ने दिया ये बड़ा बयान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   18:47
  • Like
संकट से जूझ रहे PMC बैंक को लेकर RBI ने दिया ये बड़ा बयान
Image Source: Google

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि पीएमसी बैंक के समाधान की दिशा में शुरुआती प्रतिक्रिया ‘सकारात्मक’ दिखी है।बैंक और उसका प्रबंधन पूरी तरह से निवेशकों के साथ काम में लगा हुआ है। जिन निवेशकों ने सूचना ज्ञापन लिया है प्रबंधन उनके साथ पूरी तरह से जुड़ा हुआ है।

मुंबई। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि संकट से जूझ रहे पंजाब एण्ड महाराष्ट्र सहकारी बैंक (पीएमसी) बैंक के पुनरूद्धार के लिये संभावित निवेशकों की ओर से मिली प्रतिक्रिया अब तक ‘‘सकारात्मक’’ रही है। धोखाधड़ी का शिकार हुये इस बहु-राज्यीय शहरी सहकारी बैंक ने पिछले महीने पुनरुद्धार के लिये संभावित निवेशकों से उसमें निवेश और इक्विटी भागीदारी के लिये रुचि पत्र आमंत्रित किये हैं। इसके लिये सूचना ज्ञापन जारी करने की समयसीमा 20 नवंबर और बोली पूर्व स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिये 30 नवंबर की तिथि तय की गई थी। आरबीआई की द्वैमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करने के बाद गवर्नर दास ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब तक जो प्रतिक्रिया दिखी है वह सकारात्मक रही है।बैंक और उसका प्रबंधन पूरी तरह से निवेशकों के साथ काम में लगा हुआ है। जिन निवेशकों ने सूचना ज्ञापन लिया है प्रबंधन उनके साथ पूरी तरह से जुड़ा हुआ है।’’

इसे भी पढ़ें: RBI का बड़ा फैसला, बदलने जा रहा है पैसों के लेनदेन से जुड़ा ये नियम

दास ने कहा कि संभावित निवेशकों द्वारा रुचि पत्र सौंपने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर है। ‘‘देखते हैं क्या प्रतिक्रिया रहती है, उसके बाद ही हम इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट रुख ले सकते हैं।’’ रिजर्व बैंक ने सितंबर 2019 को पीएमसी बैंक के निदेशक मंडल को हटाकर उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था।इसके साथ ही बैंक पर कई तरह के नियामकीय प्रतिबंध भी लगा दिये गये थे।बैंक में वित्तीय अनियमिततायें पाये जाने के बाद यह निर्णय लिया गया।रीयल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल को दिये गये कर्ज के बारे में भ्रामक जानकारी और तथ्यों को छिपाया गया। केन्द्रीय बैंक ने इस साल सितंबर में ए.के. दिक्षित को बैंक का नया प्रशासक नियुक्त किया है। दास ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा जारी करते हुये कहा, ‘‘वित्तीय स्थिरता को बनाये रखने और हमारे एजेंडा में जमाकर्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिये जाने के चलते हम दो अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों में स्थिति को तुरंत संभाल सके हैं।’’ वर्ष 2020 में निजी क्षेत्र के दो बैंकों -- यस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक-- को बचाया गया है।







बैंकों को बचाने के लिए बांड, शेयरों को बट्टे खाते डालना जमाकर्ताओं के हित में:RBI गवर्नर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   18:35
  • Like
बैंकों को बचाने के लिए बांड, शेयरों को बट्टे खाते डालना जमाकर्ताओं के हित में:RBI गवर्नर
Image Source: Google

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों को बचाने के मामले का कोई निश्चित तरीका नहीं हो सकता है।हर मामले में उसके हिसाब से समाधान करना पड़ सकता है।गौरतलब है कि इस साल मार्च में यस बैंकको डूबने से बचाने के दौरान 7,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त टियर-1 बांड को बट्टे खाते डाल दिया गया था।

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक को उबारने में बांडों और शेयरों में निवेश को बट्टे खाते डालने के केंद्रीय बैंक के निर्णय का शुक्रवार को बचाव किया। उन्होंने इसे जमाकर्ताओं के हित में उठाया गया वैध कदम बताया। दास ने कहा कि बैंकों को बचाने के मामले का कोई निश्चित तरीका नहीं हो सकता है। हर मामले में उसके हिसाब से समाधान करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि इस साल मार्च में यस बैंक को डूबने से बचाने के दौरान 7,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त टियर-1 बांड को बट्टे खाते डाल दिया गया था। जबकि लक्ष्मी विलास बैंक के मामले में करीब 320 करोड़ रुपये के टियर-2 बांड और लगभग सभी बकाया शेयरों को बट्टे खाते डाल दिया गया। इनमें से कई कदम अभूतपूर्व हैं और इससे प्रभावित होने वाले पक्षों ने अदालत का रुख किया।

इसे भी पढ़ें: RBI का बड़ा फैसला, बदलने जा रहा है पैसों के लेनदेन से जुड़ा ये नियम

द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में दास ने कहा, ‘‘ यह कार्रवाई जमाकर्ताओं के हितों को देखते हुए की गयी। इन्हें अपनाने के दौरान नियामकीय दिशानिर्देश और वैध प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया गया।’’ उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ‘वित्त बाजार या अर्थव्यवस्था के अन्य किसी भी क्षेत्र को लेकर तटस्थ रुख रखता है।’ और बैंकों को डूबने से बचाने के लिए जो निर्णय लिए गए वह जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा से जुड़े थे। यही रिजर्व बैंक की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

इसे भी पढ़ें: RBI को 2020-21 की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था के वृद्धि के रास्ते पर लौटने की उम्मीद

दास ने इस संबंध में ज्यादा विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया और कहा, ‘‘ हमारी सभी कार्रवाइयां कानून के दायरे में हैं। यह कानून सम्मत और नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं।’’ यस बैंक को डूबने से बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों में उसमें 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया। वहीं लक्ष्मी विलास बैंक के मामले में रिजर्व बैंक ने उसका विलय डीबीएस बैंक में कर दिया।







पीएनबी घोटाला: मेहुल चौकसी की कंपनी के शीर्ष अधिकारी को नहीं मिली जमानत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   18:29
  • Like
पीएनबी घोटाला: मेहुल चौकसी की कंपनी के शीर्ष अधिकारी को नहीं मिली जमानत
Image Source: Google

सीबीआई की विशेष अदालत ने करोड़ों रूपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में गिरफ्तार गीतांजलि समूह के उपाध्यक्ष विपुल चितालिया की जमानत याचिका शुक्रवार को यहां खारिज कर दी।

मुंबई। सीबीआई की विशेष अदालत ने करोड़ों रूपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में गिरफ्तार गीतांजलि समूह के उपाध्यक्ष विपुल चितालिया की जमानत याचिका शुक्रवार को यहां खारिज कर दी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चितालिया को मार्च 2018 में गिरफ्तार किया थाा। चितालिया ने उसके बाद दूसरी बार जमानत याचिका दायर की थी।

इसे भी पढ़ें: RBI ने HDFC की डिजिटल सर्विस, नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर लगाई रोक

विशेष सीबीआई न्यायाधीश वी सी बर्डे ने जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि गीतांजलि समूह के मालिक और फरार आरोपी मेहुल चोकसी के साथ चितालिया फर्जी लेनदेन के जरिए धोखाधड़ी का प्रमुख साजिशकर्ता था।