World Cup जीत के जश्न के बीच Ravi Shastri का 'Commentary Blunder', फैंस ने किया Troll

अहमदाबाद में भारत की विश्व कप फाइनल जीत के जश्न के बीच रवि शास्त्री की कमेंट्री में हुई चूक ने सबका ध्यान खींचा, जिसकी तुलना उनके 2011 विश्व कप के यादगार कमेंट्री से की जा रही है और इसे एक बड़ी गलती माना जा रहा है।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी मैदान में भारत की ऐतिहासिक जीत का जश्न लंबे समय तक याद रखा जाएगा, लेकिन उसी दौरान कमेंट्री में हुई एक छोटी सी गलती भी चर्चा का विषय बन गई है। भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर विश्व कप का खिताब अपने नाम किया, लेकिन मैच के निर्णायक पल पर कमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय खिलाड़ी रवि शास्त्री से एक बड़ी चूक हो गई।
बता दें कि जैसे ही न्यूजीलैंड का आखिरी विकेट गिरा और भारत ने 96 रन से शानदार जीत दर्ज की, पूरे मैदान में जश्न का माहौल बन गया। मौजूद जानकारी के अनुसार इसी क्षण रवि शास्त्री ने कमेंट्री करते हुए उसे नौवां विकेट बता दिया, जबकि वास्तव में वही मैच का अंतिम और दसवां विकेट था।
गौरतलब है कि भारत की यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। भारतीय टीम ने इस खिताब को जीतकर न केवल टूर्नामेंट का तीसरा खिताब अपने नाम किया, बल्कि घरेलू मैदान पर ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बनने का गौरव भी हासिल किया है। इसके साथ ही भारत इस खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली पहली टीम भी बन गया।
हालांकि इतने बड़े मौके पर हुई कमेंट्री की इस गलती को दर्शकों ने तुरंत नोटिस कर लिया। मैच खत्म होने के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने इसे क्रिकेट इतिहास के अहम पल में हुई बड़ी चूक बताया।
कुछ प्रशंसकों ने कहा कि इतने बड़े मौके पर कमेंट्री में जोश और भावनाओं की झलक दिखाई देनी चाहिए थी। मौजूद प्रतिक्रियाओं के अनुसार कई लोगों का मानना है कि इस ऐतिहासिक पल पर ज्यादा यादगार और दमदार शब्दों की उम्मीद की जा रही थी।
दरअसल रवि शास्त्री का नाम पहले भी एक यादगार कमेंट्री से जुड़ा रहा है। वर्ष 2011 के विश्व कप फाइनल में भारत की जीत के समय उनका मशहूर वाक्य “धोनी ने शानदार अंदाज में मैच खत्म किया” आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है।
इसी वजह से कई प्रशंसकों ने उस ऐतिहासिक कमेंट्री और मौजूदा गलती की तुलना भी की है। उनका कहना है कि जहां एक तरफ पहले का वाक्य क्रिकेट इतिहास का हिस्सा बन गया, वहीं इस बार की चूक भी लंबे समय तक चर्चा में रह सकती है।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी एक पोस्ट को लाखों लोगों ने देखा और उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि मैच की शुरुआत में ज्यादा ऊर्जा खर्च हो गई और फाइनल क्षण पर कमेंट्री फीकी रह गई।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद मैदान के भीतर भारतीय खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा है। जीत के बाद पूरे मैदान में जश्न का माहौल देखने को मिला और भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी उठाकर अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।
फिलहाल भारत की इस शानदार जीत की चर्चा देशभर में हो रही है, लेकिन इसके साथ ही कमेंट्री में हुई यह छोटी सी गलती भी लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गई है।
अन्य न्यूज़














