T20 World Cup: IND vs PAK मैच पर संकट, Najam Sethi ने ICC को बताया इसे बचाने का फॉर्मूला।

बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट से बाहर करने के आईसीसी के फैसले के बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच का बहिष्कार कर दिया है। अब पूर्व पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने इस गतिरोध को तोड़ने का फॉर्मूला सुझाया है, जिसके तहत बांग्लादेश की वापसी से ही भारत-पाक मैच का भविष्य तय होगा।
टी20 वर्ल्ड कप से जुड़ा भारत-पाकिस्तान मुकाबला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ द्वारा अपनी टीम को भारत के खिलाफ खेलने से रोकने के फैसले को दोहराने के बीच, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने संकेत दिया है कि अगर आईसीसी चाहे तो यह हाई-वोल्टेज मैच अभी भी बचाया जा सकता है।
बता दें कि नजम सेठी का मानना है कि इसके लिए आईसीसी को बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर करने के अपने फैसले पर दोबारा विचार करना होगा। गौरतलब है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने ग्रुप मैच खेलने से इनकार कर दिया था और आईसीसी से आग्रह किया था कि उनके मुकाबले श्रीलंका में कराए जाएं। हालांकि, आईसीसी द्वारा कराई गई स्वतंत्र सुरक्षा समीक्षा में किसी ठोस खतरे की पुष्टि नहीं हुई, जिसके बाद बोर्ड ने बांग्लादेश की मांग स्वीकार नहीं की और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया गया।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस फैसले के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने खुलकर बांग्लादेश का समर्थन किया और आईसीसी के निर्णय के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के विकल्पों पर भी विचार किया। इसी बीच, पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच के बहिष्कार की घोषणा की, हालांकि इसके पीछे ठोस कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए। इसके जवाब में आईसीसी ने पीसीबी से अपने रुख पर पुनर्विचार करने को कहा और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
नजम सेठी ने एक मीडिया बातचीत में कहा कि अगर बांग्लादेश को श्रीलंका में खेलने की अनुमति दी जाती है तो स्थिति अब भी संभाली जा सकती है, क्योंकि वहां पहले से कई अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित हो रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि समझदारी से फैसला लिया जाएगा, क्योंकि भारत-पाकिस्तान मुकाबला क्रिकेट की सबसे बड़ी आकर्षणों में गिना जाता है और यही इसकी असली पहचान है।
सेठी ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का फैसला भावनात्मक नहीं बल्कि कानूनी सलाह के बाद लिया गया है और सरकार इस पर सहज है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान यह रुख भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के कथित दबदबे के खिलाफ ले रहा है। उन्होंने कहा कि पहले पाकिस्तान इस तरह के मामलों में अकेला पड़ जाता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और बांग्लादेश के साथ मिलकर यह एक बड़ा मोड़ बन सकता है।
गौरतलब है कि प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में होना है। अब सभी की निगाहें आईसीसी के अगले कदम और इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले के भविष्य पर टिकी हुई है।
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