Alzheimers Disease: Brain में ब्लड और ऑक्सीजन सप्लाई घटने से बढ़ता है Alzheimer, ये बदलाव हैं जरूरी

Alzheimers Disease
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बढ़ती उम्र में सामान्य भूलने की आदत ओवरथिंकिंग से हो सकती है, लेकिन अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारी मस्तिष्क कोशिकाओं में बदलाव के कारण होती है। इसमें याददाश्त, नींद और निर्णय क्षमता प्रभावित होती है। सटीक इलाज न होने पर भी स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और बेहतर खानपान अपनाकर इससे काफी हद तक बचाव संभव है।

बढ़ती उम्र के साथ भूलना एक आम समस्या है। जैसे हम किसी का नाम भूल जाते हैं, गाड़ी की चाबी रखकर भूल जाते हैं। हालांकि यह समस्याएं याददाश्त से संबंधि है, लेकिन इनका स्तर यह नहीं होता है कि इनको बीमारी माना जाए। बता दें कि यह समस्याएं ओवरथिंकिंग की वजह से होती है। ओवर थिंकिंग भी एक मेंटल समस्या है, जिसको सायकाइट्रिस्ट या सायकोलोजिस्ट की मदद से आराम से ठीक किया जा सकता है।


अल्जाइमर रोग

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर यह समस्याएं होना नॉर्मल है, तो फिर भूलने की बीमारी क्या है। भूलने की गंभीर बीमारी का अर्थ है कि इस स्थिति में चीजें भूल जाना, आपकी लापरवाही की वजह नहीं होता है या फिर ज्यादा व्यस्तता की वजह नहीं होता है। अगर आपके ब्रेन में हो रहे कुछ ऐसे बदलावों की वजह से होता है, जोकि याददाश्त संबंधी समस्या पैदा कर रहे हैं। अल्जाइमर एक ऐसी समस्या है, जोकि आमतौर पर बुढ़ापे में होती है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि अल्जाइमर बीमारी लाइफ को कैसे प्रभावित करती है।

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क्यों होती है भूलने की बीमारी

भूलने की बीमारी का एक बड़ा कारण बढ़ती उम्र भी है। क्योंकि जब उम्र बढ़ने लगती है, तो दिमाग की कोशिकाएं सूखने लगती हैं। जिस कारण ब्रेन में सही मात्रा में ब्लड और ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती है। जिस वजह से याददाश्त संबंधी समस्या होने लगती है। हालांकि यह सिर्फ भूलने की बीमारी का एक मात्र कारण नहीं है, बल्कि अन्य कई फैक्टर भी होते हैं।

अल्जाइमर के लक्षण

रखी गई चीजों को जल्दी भूल जाना

रात में नींद न आना

छोटे-छोटे कामों में परेशानी होना

परिवार के सदस्यों को न पहचान पाना

सोचने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होना

डिप्रेशन में रहना और डर जाना।

बचाव के तरीके

हालांकि इस बीमारी का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं मिल पाता है। लेकिन अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करके इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। इस बीमारी के शुरूआती लक्षणों पर लोग ध्यान नहीं देते हैं, जिस कारण यह बीमारी बढ़ती है। ऐसे में अगर किसी को इस तरह के लक्षण दिखें, तो फौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

अल्जाइमर से बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेना चाहिए। लोगों से मिलना-जुलना चाहिए, जिस कारण डिप्रेशन न हो। घर के लोगों को संपर्क में रहना चाहिए, जिस कारण लोगों को पहचानने में परेशानी न हो। अगर घर में पहले से किसी को यह बीमारी है, तो आपको इस पर खास ध्यान देना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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