भारतीय मूल की अमेरिकी गायिका ने डॉक्टरों के सम्मान में बनाया वीडियो सॉन्ग, देखें वीडियो

भारतीय मूल की अमेरिकी गायिका ने डॉक्टरों के सम्मान में बनाया वीडियो सॉन्ग, देखें वीडियो

अपनी जान को जोखिम में डालकर जानलेवा कोरोना वायरस का मुकाबला कर रहे डॉक्टरों के सम्मान में भारतीय मूल की एक अमेरिकी गायिका अनुराधा पालकुर्ती ने एक वीडियो गीत जारी किया।

वाशिंगटन। पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस से जंग लग रहा है। दुनिया के बड़े-बड़े शक्तिशाली देशों की कमर टूच गई है कोरोना के साथ जंग लड़ते-लड़ते। ऐसे में ये महामारी कब खत्म होगी किसी को नहीं पता। दुनियाभर के लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द इस संकट से निजात मिले। इस समय कोरोना के मरीजो के लिए भगवान से बढ़कर डॉक्टर्स है जो अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की जान बचाने के लिए दिन-रात बिना अपनी जान की परवाह किए अपने काम में लगे हैं।

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अपनी जान को जोखिम में डालकर जानलेवा कोरोना वायरस का मुकाबला कर रहे डॉक्टरों के सम्मान में भारतीय मूल की एक अमेरिकी गायिका अनुराधा पालकुर्ती ने एक वीडियो गीत जारी किया। अमेरिका में 10 लाख से अधिक डॉक्टरों में से आठ प्रतिशत से अधिक भारतीय मूल के चिकित्सक है और वे कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे खड़े है। अनुराधा पालकुर्ती ने इस गीत को गाया है और इसका शीर्षक ‘‘रुकता ही नहीं तू कहीं हार के’’ है। बोस्टन स्थित जूजू प्रोडक्शंस ने एक हफ्ते के भीतर इसे तैयार किया है। यह गीत 1974 में आई फिल्म ‘‘इम्तिहान’’ से है। अमेरिका में कुमार सानू, सुरेश वाडकर और बप्पी लाहिड़ी जैसे बॉलीवुड के गायकों के साथ काम कर चुकी पालकुर्ती ने कहा, ‘‘हम लोगों के घर में सुरक्षित बैठने के बीच ये लोग स्वेच्छा से खुद की चिंता किये बगैर अपने काम में लगे है।’’

उन्होंने कहा कि सभी अपने घरों तक सीमित हैं लेकिन तकनीक ने टीम को एक साथ आने और समय पर वीडियो जारी करने में मदद की। कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफभारतीय मूल के कई डॉक्टरों के आगे खड़े रहने से पालकुर्ती उनके समर्पण और सेवा से प्रेरित हुई। इस गीत को बोस्टन की कवियत्री और पटकथा लेखक सुनयना काचरू ने लिखा है। संगीत कमलेश भडकाम्कर और विजय दयाल ने दिया है तथा वीडियो निखिल जोशी ने बनाया है।