बोरिस जॉनसन को मिला सांसदों का साथ, ब्रिटेन में 12 दिसंबर को होंगे आम चुनाव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 30, 2019   12:30
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बोरिस जॉनसन को मिला सांसदों का साथ, ब्रिटेन में 12 दिसंबर को होंगे आम चुनाव

इसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन के क्रिसमस के पहले चुनाव कराने और ब्रेक्जिट की योजना के पक्ष में जन समर्थन हासिल करने के प्रयासों को समर्थन मिलने के तौर पर देखा जा रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री मध्यावधि चुनाव सांसदों के समर्थन से ही करवा सकते हैं।

लंदन। ब्रेक्जिट गतिरोध खत्म करने के लिए चुनाव कराने के ब्रिटेन के प्रधनमंत्री बोरिस जॉनसन के आह्वान का ब्रिटेन के सांसदों ने समर्थन किया जिसके बाद अब देश में 12 दिसंबर को चुनाव होंगे। कुछ ही घंटे पहले यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने ब्रिटेन के अलग होने को जनवरी के अंत तक टालने पर औपचारिक रूप से सहमति दी थी। मंगलवार रात हाउस ऑफ कॉमन्स ने चुनाव की तारीख के पक्ष में मतदान किया।

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अगर हाउस ऑफ लॉर्ड्स इस संबंध में विधेयक पारित कर देता है और इस सप्ताह के अंत तक इस पर कानून बन जाता है तो ब्रिटेन में यह चार साल के भीतर तीसरा चुनाव होगा। कानून बनने के बाद मतदान की तारीख तक पांच हफ्ते तक प्रचार होगा। इसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन के क्रिसमस के पहले चुनाव कराने और ब्रेक्जिट की योजना के पक्ष में जन समर्थन हासिल करने के प्रयासों को समर्थन मिलने के तौर पर देखा जा रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री मध्यावधि चुनाव सांसदों के समर्थन से ही करवा सकते हैं। इससे पहले वह तीन बार जॉनसन की कोशिश को बाधित कर चुके हैं।





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UN में पाकिस्तान को भारत ने लिया आड़े हाथ, ऐतिहासिक मंदिर पर हुए हमले को लेकर दिया ये बयान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   16:29
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UN में पाकिस्तान को भारत ने लिया आड़े हाथ,  ऐतिहासिक मंदिर पर हुए हमले को लेकर दिया ये बयान

पाकिस्तान में हिंदू मंदिर को तोड़ने पर भारत ने कहा कि विडंबना है कि जिस देश में मंदिर पर हमला हुआ, वह शांति पर संरा के प्रस्ताव में सह-प्रायोजक है। इस हमले की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं तथा अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने मंदिर के पुनर्निर्माण का आदेश दिया था।

संयुक्त राष्ट्र।‘‘शांति की संस्कृति’’ विषय पर संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव को सह-प्रायोजित करने को लेकर पाकिस्तान को भारत ने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उस देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को ‘कमजोर’ कर दिया गया और एक ऐतिहासिक मंदिर पर हुए हमले के दौरान वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ‘मूक दर्शक’ बनी रहीं। पिछले वर्ष दिसंबर में, पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कारक जिले के टेर्री गांव में, कुछ स्थानीय मौलानाओं तथा कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमीयत उलेमा ए इस्लाम के सदस्यों के नेतृत्व में भीड़ ने एक मंदिर में आग लगा दी थी। इस हमले की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं तथा अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने मंदिर के पुनर्निर्माण का आदेश दिया था।

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भारत ने इस पड़ोसी देश में ‘धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए शांति और सहिष्णुता की संस्कृति को बढ़ावा देने’ के प्रस्ताव को स्वीकार करने के संबंध में अपने वक्तव्य में बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘यह बहुत बड़ी विडंबना है कि वह देश, जहां हाल ही में मंदिर पर हमला हुआ और उसे ध्वस्त कर दिया गया तथा जहां इस तरह के हमले सिलसिलेवार रूप से होते रहते हैं और जहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों को ‘कमजोर’ कर दिया जाता है, वह देश ‘शांति की संस्कृति’ विषय के तहत प्रस्ताव का एक सह-प्रायोजक है।’’ भारत ने कहा, ‘‘इस प्रस्ताव की आड़ लेकर पाकिस्तान जैसे देश छिप नहीं सकते हैं। ’’ गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बृहस्पतिवार को प्रस्ताव पारित किया, जिसमें ऐसे धार्मिक स्थलों को विश्व में लक्षित तरीके से निशाना बनाये जाने, उनका विध्वंस करने, उन्हें क्षतिग्रस्त करने या उन्हें खतरे में डालने जैसे सभी कृत्यों की निंदा की गयी है। प्रस्ताव में किसी धार्मिक स्थल को दूसरे धर्म के लिए उपासना स्थल में जबरन तब्दील करने के भी किसी कदम की निंदा की गयी है।

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प्रस्ताव के सह-प्रायोजक में पाकिस्तान और 21 अन्य देश हैं। भारत ने प्रस्ताव पर अपनी स्थिति की व्याख्या करते हुए पाकिस्तान के कारक कस्बे में एक मंदिर पर हुए हमले का, एक सिख गुरुद्वारे पर हुए हमले का तथा अफगानिस्तान में बामयान बुद्ध प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का जिक्र किया है। भारत ने कहा कि बढ़ते आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, चरमपंथ और असहिष्णुता के दौर में धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक धरोहरों को आतंकी कृत्यों, हिंसा एवं विनाश का खतरा है। भारत ने विशेष रूप से धर्म के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में चर्चा का आधार तैयार करने के लिए उद्देश्यपरकता और निष्पक्षता के सिद्धांतों के अनुपालन का आह्वान किया। बयान में कहा गया, ‘‘हमें उन ताकतों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए जो संवाद और शांति की जगह हिंसा और नफरत को स्थान देती हैं।





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मिस्र में बम विस्फोट में एक सुरक्षाकर्मी की मौत, तीन घायल; IAS ने ली हमले की जिम्मेदारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   15:30
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मिस्र में बम विस्फोट में एक सुरक्षाकर्मी की मौत, तीन घायल; IAS ने ली हमले की जिम्मेदारी

मिस्र में बम विस्फोट में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों को शेख जुवैद नगर ले जा रहे बख्तरबंद वाहन को आईएस ने एक रिमोट नियंत्रित विस्फोटक उपकरण से उड़ा दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक सुरक्षाकर्मी मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए।

अल आरिश। मिस्र के अशांत उत्तरी सिनाई प्रायद्वीप में बृहस्पतिवार को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा किए गए विस्फोट में एक सुरक्षाकर्मी मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए।

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अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों को शेख जुवैद नगर ले जा रहे बख्तरबंद वाहन को आईएस ने एक रिमोट नियंत्रित विस्फोटक उपकरण से उड़ा दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक सुरक्षाकर्मी मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए। आईएस ने अपनी वेबसाइट पर बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है।





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डोनाल्ड ट्रंप का Facebook चालू होगा या नहीं? ओवरसाइट बोर्ड करेगा निर्णय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   14:45
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डोनाल्ड ट्रंप का Facebook चालू होगा या नहीं? ओवरसाइट बोर्ड करेगा निर्णय

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खाते के बारे में फेसबुक का ओवरसाइट बोर्ड निर्णय करेगा। बोर्ड ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे इस संबंध में फेसबुक से अनुरोध प्राप्त हुआ है। फेसबुक ने यूजर के राजनेता होने की स्थिति में खाता निलंबित करने संबंधी नीतिगत सुझाव भी बोर्ड से मांगा है।

वाशिंगटन।अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खाते के बारे में फेसबुक का ओवरसाइट बोर्ड निर्णय करेगा। फेसबुक ने स्वतंत्र विशेषज्ञों से इस बात पर निर्णय लेने को कहा है कि ट्रंप के खाते पर लगी रोक को जारी रखा जाये या हटाया जाये। इस महीने की शुरुआत में (छह जनवरी को) कैपिटन भवन पर ट्रंप के समर्थकों के हंगामे के बाद फेसबुक और उसकी अनुषंगी इंस्टाग्राम ने पूर्व राष्ट्रपति के खाते को निलंबित कर दिया है। फेसबुक ने तीन साल पहले स्वतंत्र विशेषज्ञों वाले ओवरसाइट बोर्ड का गठन किया था।

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बोर्ड ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे इस संबंध में फेसबुक से अनुरोध प्राप्त हुआ है। फेसबुक ने यूजर के राजनेता होने की स्थिति में खाता निलंबित करने संबंधी नीतिगत सुझाव भी बोर्ड से मांगा है। बोर्ड ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘इस मामले में बोर्ड का निर्णय फेसबुक के लिये बाध्यकारी होगा। बोर्ड का निर्णय तय करेगा कि क्या ट्रंप के खातों का निलंबन अनिश्चित समय के लिये जारी रहेगा।’’ ओवरसाइट बोर्ड ने कहा कि आने वाले दिनों में इस मामले को एक पांच सदस्यीय समीक्षा समिति के पास भेजा जायेगा। समिति के एक निर्णय के पहुंच जाने के बाद निष्कर्षों को पूरे बोर्ड के समक्ष रखा जायेगा। बोर्ड बहुमत से कोई फैसला लेगा।





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