रूस-यू्क्रेन तनाव को कम करना तात्कालिक प्राथमिकता : भारत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2022   07:05
रूस-यू्क्रेन तनाव को कम करना तात्कालिक प्राथमिकता : भारत

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि एवं राजदूत टी. एस. तिरुमूर्ति ने सोमवार रात सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा, ‘‘ हम यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर हो रही गतिविधियों और रूसी संघ द्वारा इस संबंध में की गई घोषणा सहित पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।’’

संयुक्त राष्ट्र / नयी दिल्ली|  रूस-यूक्रेन सीमा पर बढ़ते तनाव को लेकर ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त करते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि इस तनाव को कम करना तात्कालिक प्राथमिकता होना चाहिए और सभी पक्षों को अत्यंत संयम का परिचय देना चाहिए। इसके साथ ही भारत ने कहा कि मौजूदा संकट को राजनयिक बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि एवं राजदूत टी. एस. तिरुमूर्ति ने सोमवार रात सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा, ‘‘ हम यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर हो रही गतिविधियों और रूसी संघ द्वारा इस संबंध में की गई घोषणा सहित पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।’’

रूस-यूक्रेन सीमा पर बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, हम एक सैन्य तनाव का जोखिम नहीं उठा सकते। तिरुमूर्ति ने यह भी कहा कि इन घटनाओं से क्षेत्र की शांति और सुरक्षा कमजोर हो सकती है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा आवश्यक है और यूक्रेन के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित विभिन्न हिस्सों में 20,000 से अधिक भारतीय छात्र और नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की भलाई उनके लिए प्राथमिकता है।

यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने भी मंगलवार को भारतीय छात्रों से अस्थायी रूप से देश छोड़ देने की फिर से अपील की। इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस और यूक्रेन के मध्य उपजे विवाद का बातचीत से समाधान करने पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत इस मामले में शांति का पक्षधर है।

सिंह ने उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के बंशी बाजार में एक चुनावी सभा से इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि रूस और यूक्रेन के मध्य उपजे विवाद का बातचीत के आधार पर समाधान निकाला जाना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा, भारत चाहता है कि किसी तरह से शांति स्थापित हो। हम लोग आश्वस्त हैं कि जब बातचीत होगी तो कोई न कोई रास्ता निकलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रूस-यूक्रेन संकट और कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल भारत में वित्तीय स्थिरता के लिए चुनौती है।

सीतारमण ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि वित्तीय स्थिरता विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में दो मुद्दों पर चर्चा की गई। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के ‘‘दोनेत्स्क और लुहांस्क गणराज्य’’ के क्षेत्रों की ‘‘स्वतंत्रता’’ को मान्यता देने के आदेश पर सोमवार को हस्ताक्षर कर दिए जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और रूस के यूक्रेन पर आक्रमण करने की आशंका बढ़ गयी है।

राजदूत तिरुमूर्ति ने कहा, ‘‘ रूसी संघ के साथ लगती यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गंभीर चिंता का विषय है। इन चीज़ों से क्षेत्र की शांति एवं सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।’’

भारत ने इसके साथ ही सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान भी किया। तिरुमूर्ति ने कहा, ‘‘सभी देशों के वैध सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए तनाव को कम करना और इस क्षेत्र तथा उसके बाहर दीर्घकालिक शांति एवं स्थिरता स्थापित करना पहली प्राथमिकता है।





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