वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को चीन से अपनी ओर आकर्षित कर सकता है भारत: पोम्पियो

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 22, 2020   22:45
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वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को चीन से अपनी ओर आकर्षित कर सकता है भारत: पोम्पियो
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मुझे विश्वास है कि हमारा रिश्ता केवल मजबूत हो रहा है। आइये इस मौजूदा चुनौती से पहले की तुलना में अधिक लचीला और अभिनव बनकर बाहर आते हैं। दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच सहयोग को गहरा करने के लिये इस पल का लाभ उठाते हैं।

वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बुधवार को कहा कि भारत ने अमेरिका समेत दुनिया भर के कई देशों का भरोसा अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को चीन से अपनी ओर आकर्षित कर सकता है और चीन की कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम कर सकता है। अमेरिका भारत व्यवसाय परिषद (यूएसआईबीसी) द्वारा आयोजित वार्षिक ‘भारत विचार शिखर सम्मेलन’ को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए पोम्पियो ने कहा कि अमेरिका और भारत जैसे लोकतंत्र का साथ मिलकर काम करना महत्वूपूर्ण है, खासकर तब जब वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के द्वारा उत्पन्न चुनौतियों को पहले की तुलना में स्पष्ट तरीके से देख पा रहे हैं। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों के मुद्दे पर चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करने के लिये साथ मिलकर काम करते हैं कि विश्व बौद्धिक संपदा अधिकार संगठन के चुनाव में किसी ऐसे को जीत मिले, जो संपदा अधिकारों का सम्मान करता हो। यह काफी बुनियादी लगता है।’’

पोम्पियो ने कहा कि भारत के पास वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को चीन से आकर्षित करने तथा दूरसंचार, चिकित्सा उपकरणों तथा अन्य क्षेत्रों में चीन की कंपनियों पर निर्भरता कम करने का मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ऐसी स्थिति में है, क्योंकि उसने अमेरिका समेत दुनिया भर के देशों का भरोसा कमाया है।’’ पोम्पियो ने इस मौके पर यह भी कहा कि भारत को ऐसे माहौल को बढ़ावा देने की जरूरत है, जो अमेरिका के बढ़े निवेश व व्यापार के लिये अधिक खुला हो। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जैसा कि मैंने पिछले साल कहा था कि इन वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये भारत को ऐसे वातावरण को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता होगी, जो व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिये अधिक खुला हो। मुझे पता है कि यह संभव है क्योंकि भारतीय और अमेरिकी लोग कड़ी मेहनत व उद्यमशीलता की भावना साझा करते हैं, और मुझे विश्वास है कि हमारी साझेदारी केवल मजबूत से और मजबूत ही हो रही है।’’  पोम्पियो की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी जब भारत और अमेरिका आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिये व्यापार को लेकर मतभेद दूर करने के उद्देश्य से सीमित व्यापार सौदे पर बातचीत कर रहे हैं। भारत कुछ इस्पात और एल्यूमीनियम उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाये गये उच्च शुल्क से छूट देने, सामान्यीकृत प्रणाली (जीएसपी) के तहत कुछ घरेलू उत्पादों को निर्यात लाभ फिर से शुरू करने और कृषि, वाहन, वाहनों के कल-पुर्जे व इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों से अपने उत्पादों के लिये अधिक बाजार पहुंच उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है। 

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दूसरी ओर, अमेरिका कुछ सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती के अलावा अपने कृषि और विनिर्माण उत्पादों, डेयरी वस्तुओं व चिकित्सा उपकरणों के लिये अधिक बाजार पहुंच चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका की मेजबानी में आयोजित होने वाले अगले जी -7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा, हमने प्रधानमंत्री मोदी को अगले जी -7 (शिखर सम्मेलन) के लिये आमंत्रित किया है, जहां हम आर्थिक समृद्धि के नेटवर्क को आगे बढ़ाएंगे।’’ जी -7 देशों और संगठनों का एक ऐसा समूह है, जिन्हें अमेरिका स्वाभावित साझेदार मानता है, क्योंकि वे लोकतंत्र और पारदर्शिता व कानून के शासन जैसे मूल्यों को साझा करते हैं। पोम्पियो ने अपने संबोधन में टिकटॉक समेत चीन के 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाने के भारत के हालिया फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उच्च गुणवत्ता, पारदर्शी बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने की पहल ‘ब्लू डॉट नेटवर्क’ को आगे बढ़ाने के लिये भारत के साथ काम करना पड़ा।’’ उन्होंने कहा, यह प्रयास अमल करने के लिये महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुक्त बाजार लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का सबसे अच्छा तरीका है। भारत ने हाल में अपने अनुभव में यह देखा है। उन्होंने कहा कि आज याद करने के लिये एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण सत्य है कि चीन के वुहान से शुरू हुई कोरोना वायरस महामारी के कारण होने वाली आर्थिक क्षति से निपटने में निजी क्षेत्र की भूमिका अपरिहार्य होगी। 

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पोम्पियो ने कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों में एक नये युग की आकांक्षा रखता है। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ द्विपक्षीय आधार पर बातचीत नहीं करते हैं। हम एक दूसरे को देखते हैं कि हम महान लोकतंत्र, वैश्विक शक्तियां और वास्तव में अच्छे दोस्त हैं। भारतउन कुछ भरोसेमंद देशों में से एक है, जहां के नेताओं से मैं महाद्वीपों को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दे पर सलाह व परामर्श के लिये नियमित तौर पर बात करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि हमारा रिश्ता केवल मजबूत हो रहा है। आइये इस मौजूदा चुनौती से पहले की तुलना में अधिक लचीला और अभिनव बनकर बाहर आते हैं। दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच सहयोग को गहरा करने के लिये इस पल का लाभ उठाते हैं।







इन दो दवा कंपनियों ने कोविड-19 टीके को मंजूरी के लिए यूरोपीय एजेंसी को आवेदन सौंपा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   18:31
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इन दो दवा कंपनियों ने कोविड-19 टीके को मंजूरी के लिए यूरोपीय एजेंसी को आवेदन सौंपा
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बायोएनटेक, फाइजर ने कोविड-19 टीके को मंजूरी के लिए यूरोपीय एजेंसी को आवेदन सौंप दिया है।अमेरिका की दवा कंपनी मॉडर्ना ने अमेरिकी और यूरोपीय नियामकों से कोविड-19 के अपने टीके का आपातकालीन उपयोग करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

बर्लिन। जर्मनी की दवा कंपनी बायोएनटेक और उसकी साझेदार अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने कहा है कि उन्होंने ‘यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी’ के समक्ष कोरोना वायरस के उनके टीके को मंजूरी के लिए एक आवेदन सौंपा है। दोनों कंपनियों ने मंगलवार को कहा कि सोमवार को सौंपे गये आवेदन की समीक्षा प्रक्रिया को पूरा किया गया। उन्होंने इसे एजेंसी के समक्ष छह अक्टूबर को शुरू किया था।

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अमेरिका की दवा कंपनी मॉडर्ना ने अमेरिकी और यूरोपीय नियामकों से कोविड-19 के अपने टीके का आपातकालीन उपयोग करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। प्रतिद्वद्वी कंपनी मॉडर्ना के इस अनुरोध के एक दिन इन कंपनियों ने यह कदम उठाया है। बायोएनटेक ने कहा है कि टीके को वर्तमान में बीएनटी162बी2 नाम दिया गया है और यदि यह मंजूर हो जाता है तो यूरोप में इसका इस्तेमाल 2020 के अंत से पहले शुरू हो सकता है।







जो बाइडन और कमला हैरिस ने गुरुनानक देव की जयंती पर दीं शुभकामनाएं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   18:22
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जो बाइडन और कमला हैरिस ने गुरुनानक देव की जयंती पर दीं शुभकामनाएं
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बाइडन और हैरिस ने गुरू नानक देव की 551 जयंती पर सिख समुदाय को शुभकामनाएं दीं।बाइडन और हैरिस ने संयुक्त बयान में कहा, “ गर्मियों में हुए प्रदर्शनों के दौरान हमने सभी उम्र के सिखों को नस्ली और लैंगिक समानता, धार्मिक बहुलवाद और सत्य तथा न्याय के प्रति निष्ठा के लिए शांतिपूर्ण मार्च करते देखा।

वाशिंगटन। अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और नव निवार्चित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने दुनिया भर के सिख समुदाय को गुरू नानक देव की 551वीं जयंती पर शुभकामनाएं दीं। बाइडन और हैरिस के दफ्तरों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि पांच शताब्दियों से भी अधिक समय से, आध्यात्मिक ज्ञान, मानवता की सेवा और नैतिक शुद्धता पर गुरु नानक की शिक्षाओं को सिखों ने हर दिन अमेरिका और दुनिया भर में जारी रखा है। बाइडन और हैरिस ने कहा, “ यह हमने इस चुनौतीपूर्ण वर्ष में देखा है। “ दोनों नेताओं ने कहा, “ हम उन सभी अमेरिकी सिखों के आभारी हैं जो महामारी में जरूरी सेवा के कर्मी के तौर पर अपने पड़ोसियों के साथ खड़े रहे और जिन्होंने जरूरत के समय अनगिनत लोगों को खाना परोसने के लिए अपने दिल और गुरुद्वारे के सामुदायिक रसोइयों को खोला है।“ उन्होंने कहा कि सिख हमेशा लैंगिक समानता के लिए खड़े रहे हैं।

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बाइडन और हैरिस ने संयुक्त बयान में कहा, “ गर्मियों में हुए प्रदर्शनों के दौरान हमने सभी उम्र के सिखों को नस्ली और लैंगिक समानता, धार्मिक बहुलवाद और सत्य तथा न्याय के प्रति निष्ठा के लिए शांतिपूर्ण मार्च करते देखा।“ उन्होंने कहा कि सत्य तथा न्याय के प्रति निष्ठा सिख धर्म का मूल सिद्धांत और केंद्र है। हैरिस ने अलग से किए ट्वीट में कहा कि गुरू नानक के संदेश का इस्तेमाल एक राष्ट्र के तौर पर लोगों को प्रेरित करने एवं मदद करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “ हमें गुरू नानक के सदा प्रासंगिक रहने वाले दया और एकता के संदेश का इस्तेमाल राष्ट्र के तौर पर अपने लोगों को प्रेरित करने और मदद करने के लिए करना चाहिए।“ हैरिस ने कहा, “ गुरू नानक जी की जंयती के मौके पर मैं और बाइडन अमेरिका और दुनिया भर के हमारे सिख दोस्तों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं।“ इसके कुछ घंटे बाद ही दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया। उनके साथ ही अमेरिका के कई प्रभावशाली सांसदों एवं प्रतिष्ठित भारतीय अमेरिकियों ने भी सिख समुदाय को गुरू पर्व की शुभकामनाएं दी। सीनेटर पेट टूमे ने कहा,“पेंसिल्वेनिया के जीवंत सिख समुदाय एवं दुनिया भर के सिखों को गुरू पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

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इस साल उत्सव मनाने का तरीका बदला है लेकिन गुरू नानक देव की शिक्षाओं में कोई बदलाव नहीं आया है। “ कांग्रेस के सदस्य जोश गोटहाइमर ने भी सिख समुदाय को गुरू नानक जंयती की मुबारकबाद दी। इसी के साथ अमेरिका में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने भी सिख समुदाय को शुभकामनाएं दीं। न्यूजर्सी में होबेकन शहर के मेयर रविंदर एस भल्ला ने कहा, “ आज सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव जी की जंयती के मौके पर दुनियाभर के सिख गुरू पर्व मना रहे हैं।“ वह अमेरिका के एक इकलौते सिख मेयर हैं। उनके अलावा प्रतिष्ठित भारतीय अमेरिकी गुरिंदर सिंह खालसा, कांग्रेस के सदस्य ग्रेग स्टेटॉन, डायना टिटुस, अमेरिका के अटॉर्नी जनरल गुरबीर एस ग्रेवाल और न्यूजर्सी के गवर्नर फिल मर्फी समेत कई अन्य ने गुरू नानक देव की जंयती पर सिख समुदाय को शुभकामनाएं दीं और सिख धर्म के संस्थापक की शिक्षाओं को याद करते हुए उन्हें आज के समय में प्रासंगिक बताया।







पाकिस्तान में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या चार लाख के पार हुई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   16:47
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पाकिस्तान में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या चार लाख के पार हुई
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पाकिस्तान में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या चार लाख के पार हुई।पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित 67 और लोगों की मौत होने से देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 8,091 हो गयी है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 2,458 नये मामले सामने आये हैं।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या मंगलवार को चार लाख के पार पहुंच गई। देश में कोरोनो वायरस की दूसरी लहर ने जोर पकड़ लिया है और महामारी के प्रति लोगों की उदासीनता के कारण अधिकारियों को इससे निपटने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित 67 और लोगों की मौत होने से देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 8,091 हो गयी है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 2,458 नये मामले सामने आये हैं।

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इससे देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 400,482 हो गयी है। सिंध में सबसे अधिक 174,350 मामले, पंजाब में 119,579, खैबर-पख्तूनख्वा में 47,370, इस्लामाबाद में 30,406 मामले, बलूचिस्तान में 17,187, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 6,933 और गिलगित-बाल्टिस्तान में 4,658 मामले सामने आये हैं। मंत्रालय ने बताया कि अब तक 343,286 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और 2,165 मरीजों की हालत नाजुक है। देश में इस समय 49,105 मरीजों का इलाज चल रहा है।