Putin को बड़ा झटका,रूस के तेल टैंकर पर ब्रिटिश कमांडो ने बोला धावा

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नेटवर्क में 700 से ज्यादा जहाज शामिल है और ब्रिटेन पहले ही इनमें से 500 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है। दिलचस्प बात यह है कि जिस सिमट्रोस टैंकर को रोका गया है, उस पर 22 भारतीय नाविक भी मौजूद थे।
समंदर के बीचों-बीच एक फिल्मी ऑपरेशन चल रहा था। हेलीकॉप्टर से ब्रिटिश कमांडो नीचे उतर रहे थे। निशाने पर था रूस की कथित शैडो फ्लट से जुड़ा एक विशाल तेल टैंकर और उसी जहाज पर मौजूद थे 22 भारतीय नाविक। समंदर से इस वक्त एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। जहां ब्रिटेन ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसे रूस के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। ब्रिटिश रॉयल नेवी और सुरक्षा एजेंसियों ने रूस की कथित शैडो फ्लट से जुड़े तेल टैंकर सिमट्रोस को इंग्लिश चैनल में रोक लिया है और उसे निगरानी में इंग्लैंड के दक्षिणी तट की ओर ले जाया जा रहा है। करीब 6 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में ब्रिटेन के रॉयल मरीन कमांडो, नेशनल क्राइम एजेंसी और रॉयल एयरफोर्स शामिल रहे। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी फुटेज में हथियार बंद कमांडो हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे सीधे जहाज पर उतरते हुए दिखाई दिए। कुछ ही मिनटों में पूरे जहाज को सुरक्षा बलों ने अपने नियंत्रण में ले लिया।
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री की स्ट्रामर ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए यह कहा है कि यह रूस की युद्ध मशीन पर सीधा प्रहार है। उनके मुताबिक रूस तेल बेचकर जो पैसा कमा रहा है उसी का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध को जारी रखने के लिए किया जा रहा है। लेकिन ऐसे में सवाल यह है कि आखिर यह शैडो फ्लट है क्या? यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों से बचने के लिए रूस ने कथित तौर पर सैकड़ों जहाजों का एक नेटवर्क तैयार किया है। यह रिपोर्ट्स में कहा गया जिसे शैडो फीट कहा जाता है। यह जहाज अक्सर अपना नाम या फिर झंडा और मालिकाना रिकॉर्ड बदलते रहते हैं। जिससे कि इनकी पहचान और ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है। अब ब्रिटेन का दावा है कि रूस के प्रतिबंधित तेल की लगभग 75% धुलाई इसी नेटवर्क के जरिए होती है। यही वजह है कि पश्चिमी देश इसे क्रेमलिन की आर्थिक लाइफ लाइन मानते हैं।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नेटवर्क में 700 से ज्यादा जहाज शामिल है और ब्रिटेन पहले ही इनमें से 500 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है। दिलचस्प बात यह है कि जिस सिमट्रोस टैंकर को रोका गया है, उस पर 22 भारतीय नाविक भी मौजूद थे। फिलहाल जहाज को इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास निगरानी में रखा गया है और उसके दस्तावेजों और गतिविधियों तथा मालिकाना नेटवर्क की जांच की जा रही है। पड़ताल जारी है। ब्रिटेन के रक्षा अधिकारियों का यह कहना है कि यह सिर्फ एक जहाज को रोकने की कारवाही नहीं है बल्कि रूस की कथित शैडो फ्लट के खिलाफ व्यापक अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस ऑपरेशन में फ्रांस के साथ भी समन्वय किया गया और दोनों देश पिछले कई महीनों से इस नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। ऑपरेशन चला रहे हैं।
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अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि इस कारवाही पर रूस की प्रतिक्रिया रिएशंस क्या कुछ सामने आते हैं। क्योंकि अगर पश्चिमी देशों ने शैडो फ्लड के खिलाफ इसी तरह की कारवाही जारी रखी तो इसका असर सिर्फ समुद्र तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सीधे रूस की तेल कमाई और यूक्रेन युद्ध की फंडिंग पर भी पड़ सकता है।
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