उत्तर कोरिया ने क्यों किया अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की निंदा

kim jong
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उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया-जापान सैन्य सहयोग की निंदा की।रविवार का बयान ऐसे समय में आया है, जब उत्तर कोरिया के पड़ोसी ने कहा है कि देश अगले पांच साल में अपने पहले परमाणु परीक्षण के लिए तैयार होगा।

सियोल।उत्तर कोरिया ने त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की रविवार को आलोचना की और चेतावनी दी कि इस कदम से देश अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाने को मजबूर हो जाएगा। उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम के विस्तार के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की शत्रुता को वजह बताता रहा है। रविवार का बयान ऐसे समय में आया है, जब उत्तर कोरिया के पड़ोसी ने कहा है कि देश अगले पांच साल में अपने पहले परमाणु परीक्षण के लिए तैयार होगा।

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उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति से कोरियाई प्रायद्वीप और शेष दुनिया के सुरक्षा वातावरण के तेजी से बिगड़ने की आशंका अधिक है और देश के लिए रक्षा निर्माण करना एवं अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाना जरूरी हो जाएगा।’’ बयान में पिछले हफ्ते नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं के बीच हुई एक त्रिपक्षीय बैठक का मुद्दा उठाया गया।

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बैठक के दौरान तीनों देशों ने उत्तर कोरिया के परमाणु खतरों से निपटने के लिए अपने सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया था। हाल में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि वह उत्तर कोरिया के निरंतर बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों और परमाणु परीक्षण करने की योजनाओं को लेकर ‘‘बेहद चिंतित’’ हैं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल ने कहा कि उत्तर कोरिया के उन्नत परमाणु कार्यक्रम के कारण त्रिपक्षीय सहयोग का महत्व बढ़ गया है और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा था कि उत्तर कोरिया के खतरों को रोकने के लिए संयुक्त मिसाइल रोधी अभ्यास महत्वपूर्ण होगा।

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