Pakistan | गुरुद्वारे के अंदर बुजुर्ग सिख जोड़े की बेरहमी से हत्या, 3 दिन बाद मुख्य संदिग्ध गिरफ्तार, भारत में भारी आक्रोश

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रेनू तिवारी । Jun 19 2026 1:38PM

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक बेहद स्तब्ध करने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ के मर्दान जिले में एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे के भीतर सेवादार बुजुर्ग सिख जोड़े की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक बेहद स्तब्ध करने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ के मर्दान जिले में एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे के भीतर सेवादार बुजुर्ग सिख जोड़े की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दोहरे हत्याकांड के तीन दिन बाद स्थानीय पुलिस ने मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इस घटना के बाद पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक सिख समुदाय में दहशत का माहौल है, वहीं भारत में सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पाकिस्तान सरकार को आड़े हाथों लिया है।

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मृतकों की पहचान 70 वर्षीय जगन्नाथ और उनकी पत्नी अस्मा वंती के रूप में हुई है। वे पेशावर से लगभग 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में मर्दान जिले के बाबू मोहल्ला स्थित गुरुद्वारे की देखभाल कर रहे थे। बुधवार को गुरुद्वारे के अंदर ही उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।

प्रांतीय पुलिस ने गिरफ्तार संदिग्ध की पहचान अमाजुगारी के निवासी शेर शाह के रूप में की है। मर्दान जिले के पुलिस अधिकारी (DPO) मसूद अहमद बंगश ने बताया कि पुलिस अधिकारियों, आतंकवाद-रोधी विभाग (CTD) के कर्मियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त जांच टीम (JIT) द्वारा की गई जांच में अब तक संदिग्ध का किसी प्रतिबंधित समूह, आतंकवादी संगठन या संगठित नेटवर्क से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है।

पुलिस ने कहा कि हत्याओं के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है और अधिकारी संदिग्ध के बयानों और अब तक एकत्र किए गए अन्य सबूतों के आधार पर सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, "हमलावर गुरुद्वारे में घुसे" और गोलीबारी करने के बाद मौके से फरार हो गए।

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पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गुरुद्वारे की सुरक्षा के लिए एक पुलिस गार्ड तैनात किया गया था, लेकिन हमले के समय वह वहां मौजूद नहीं था। परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन जांचकर्ताओं ने पाया कि डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर काम नहीं कर रहा था।

इस हत्या पर भारत में अकाल तख्त और बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अकाल तख्त के जत्थेदार (प्रधान पुजारी) ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने हत्या की निंदा की और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तथा खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल खान अफरीदी से आग्रह किया कि वे इस मामले का कड़ा संज्ञान लें, जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार करें और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करें।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने हत्याओं की निंदा की और कहा कि पाकिस्तान 1950 के नेहरू-लियाकत समझौते के तहत किए गए वादों को पूरा करने में लगातार विफल रहा है, जिसमें भारत और पाकिस्तान दोनों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी दी गई थी। 

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