सियालकोट रैली से पहले इमरान समर्थकों पर पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, पीटीआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

सियालकोट रैली से पहले इमरान समर्थकों पर पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, पीटीआई कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज
ANI

शनिवार सुबह सियालकोट में इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने प्रदर्शन किया। जिसके बाद पुलिस की तरफ से पार्टी कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया गया।

पाकिस्तान की पुलिस ने सियालकोट में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ(पीटीआई) की रैली स्थल को खाली कराने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय मीडिया के अनुसार शनिवार सुबह सियालकोट में इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने प्रदर्शन किया। जिसके बाद पुलिस की तरफ से पार्टी कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया गया। जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पीटीआई ने अनुमति के बिना ईसाई समुदाय के स्वामित्व वाले सीटीआई मैदान पर रैली आयोजित की थी जिसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस जगह को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की है।

इसे भी पढ़ें: भारत के साथ ‘सार्थक व रचनात्मक संवाद’ का माहौल नहीं है: पाकिस्तानी विदेश कार्यालय

डॉन अखबार ने पीटीआई के ट्वीट का हवाला देते हुए कहा कि दिन में होने वाली रैली से पहले नेता उस्मान डार सहित पार्टी के कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया है। टेलीविजन फुटेज का हवाला देते हुए, पाकिस्तानी अखबार ने बताया कि पुलिस कर्मियों को रैली के लिए बनाए गए ढांचे को तोड़ते हुए देखा गया, जबकि फुटेज में आंसू गैस के गोले दागे जाने की बात भी सामने आई है। वहीं पूरे मामले पर रैली स्थल पर मौजूद जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) हसन इकबाल का कहना है कि स्थानीय ईसाई समुदाय ने जमीन पर जनसभा आयोजित किए जाने को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह उनकी संपत्ति है।

इसे भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फिर दिखा पाकिस्तानी ड्रोन, BSF जवानों ने बरसाईं कई गोलियां

इकबाल ने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं कि हम अभी उस जमीन पर खड़े हैं जो ईसाई समुदाय से संबंधित है। उन्होंने उच्च न्यायालय में एक रिट (याचिका) दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि इस आधार पर कोई राजनीतिक रैली नहीं की जाए। अदालत ने तब सियालकोट के उपायुक्त को दोनों पक्षों को सुनने और मामले का फैसला करने का निर्देश दिया था।






Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

अंतर्राष्ट्रीय

झरोखे से...