दुनिया हुई हैरान, पांच महीने होगा और नरसंहार! जून की डेडलाइन, युद्धविराम पर Volodymyr Zelenskyy का खुलासा | Russia-Ukraine War

यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूस और यूक्रेन दोनों को संघर्ष खत्म करने के लिए जून की डेडलाइन दी है। उन्होंने कहा कि अगर जून तक कोई सहमति नहीं बनती है तो वाशिंगटन दोनों पक्षों पर दबाव डालेगा।
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले दो साल से अधिक समय से चल रहा भीषण युद्ध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँचता दिख रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि अमेरिका ने इस रक्तपात को रोकने के लिए 'जून की डेडलाइन' तय कर दी है। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों और न्यूक्लियर पावर प्लांट्स पर हमले तेज़ कर दिए हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूस और यूक्रेन दोनों को संघर्ष खत्म करने के लिए जून की डेडलाइन दी है। उन्होंने कहा कि अगर जून तक कोई सहमति नहीं बनती है तो वाशिंगटन दोनों पक्षों पर दबाव डालेगा। यह यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर रूस के लगातार हमलों के बीच हुआ, जिससे न्यूक्लियर पावर प्लांट को बिजली की सप्लाई कम करनी पड़ी। ज़ेलेंस्की ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "अमेरिकी प्रस्ताव दे रहे हैं कि दोनों पक्ष इस गर्मी की शुरुआत तक युद्ध खत्म कर दें और शायद वे इसी शेड्यूल के अनुसार दोनों पक्षों पर दबाव डालेंगे।" ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि त्रिपक्षीय बातचीत का अगला दौर अमेरिका के मियामी में होने की संभावना है, और इसमें यूक्रेन हिस्सा लेगा। उन्होंने आगे कहा, "हमने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है।"
ऊर्जा ठिकानों पर हमला: "दुनिया ने ऐसा कभी नहीं देखा"
शांति वार्ता की खबरों के बीच जमीनी हकीकत भयावह है। ज़ेलेंस्की ने रूस पर 'ऊर्जा आतंकवाद' का आरोप लगाया है।
न्यूक्लियर प्लांट पर खतरा: रूस ने यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों (NPP) को बिजली सप्लाई करने वाले महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है।
ब्लैकआउट का संकट: इन हमलों के कारण एक परमाणु इकाई (Unit) तकनीकी रूप से बंद हो गई है, जिससे पूरे देश में बिजली और हीटिंग का संकट खड़ा हो गया है।
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वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा- "रूस को यह महसूस कराना होगा कि दुनिया की प्रतिक्रिया उसके हमलों से कहीं अधिक शक्तिशाली है। उन्हें केवल युद्ध नहीं, बल्कि नतीजों वाली बातचीत की मेज पर आना होगा।"
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने शनिवार को कीव में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाने के लिए रूस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मॉस्को की आक्रामकता चल रहे शांति प्रयासों को प्रभावित कर रही है।
ज़ेलेंस्की ने X पर पोस्ट किया, "कल रात, रूसियों ने यूक्रेन के न्यूक्लियर पावर प्लांट के संचालन के लिए महत्वपूर्ण सुविधाओं पर हमला किया। आज, यूक्रेन के NPPs में यूनिट्स ने बिजली उत्पादन कम कर दिया, और एक यूनिट अपने आप बंद हो गई। यह उस स्तर का हमला है जिसकी हिम्मत दुनिया के किसी भी आतंकवादी ने कभी नहीं की, और रूस को दुनिया की प्रतिक्रिया महसूस करनी चाहिए। रूस को यह दिखाना होगा कि न केवल ऐसे हमले और युद्ध उसके लिए मायने रखते हैं, बल्कि चल रही बातचीत भी मायने रखती है जिससे नतीजे मिलने चाहिए।"
अबू धाबी में त्रिपक्षीय बातचीत का दूसरा दौर संपन्न
रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता वाली बातचीत का दूसरा दौर गुरुवार को अबू धाबी में संपन्न हुआ। ज़ेलेंस्की ने कहा कि वार्ताकारों ने इस बात पर चर्चा की कि युद्धविराम की तकनीकी रूप से निगरानी कैसे की जाएगी और अमेरिका ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का वादा किया।
रूस यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना जारी रखे हुए है
पिछले कुछ महीनों में, रूस ने महत्वपूर्ण एनर्जी सुविधाओं को बार-बार निशाना बनाकर यूक्रेन के खिलाफ अपने हवाई हमलों को तेज कर दिया है। इन हमलों ने पावर ग्रिड के बड़े हिस्सों को नष्ट कर दिया है, जिससे घरों में अंधेरा छा गया है और सर्दियों के तापमान के कारण हीटिंग और पानी की सप्लाई बाधित हो गई है।
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ज़ेलेंस्की ने कहा कि वाशिंगटन ने एक बार फिर युद्धविराम का विचार पेश किया है जो एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को प्रतिबंधित करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन इस तरह की व्यवस्था का पालन करने को तैयार है, बशर्ते रूस भी ऐसा ही करे।
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