अमेरिका में नया नियम लागू, अब कुछ श्रेणी के शरणार्थियों को सीधे आव्रजन अदालतों में भेजा जाएगा

अमेरिका ने एक नया नियम लागू किया है जिसके तहत कुछ श्रेणी के शरणार्थियों को आव्रजन अधिकारियों के शुरुआती इंटरव्यू के बिना सीधे आव्रजन न्यायालयों में भेजा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य लंबित पड़े 14 लाख आवेदनों का जल्द से जल्द निपटारा करना है। यह बदलाव मुख्य रूप से 'अफर्मेटिव शरण' आवेदनों पर लागू होगा।
(सागर कुलकर्णी) (अतिरिक्त जानकारी के साथ) वाशिंगटन, 28 जुलाई अमेरिका ने एक नया नियम लागू किया है जिसके तहत कुछ श्रेणी में शरण चाहने वाले आव्रजकों को आव्रजन अधिकारियों के प्रारंभिक साक्षात्कार के बिना सीधे आव्रजन न्यायालयों में भेजा जाएगा। यह नियम मंगलवार को तत्काल प्रभाव से लागू हो गया जिसका उद्देश्य अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) के समक्ष लंबित आवेदकों की 14 लाख अर्जियों का जल्द से जल्द निपटारा करना है। यूएससीआईएस के निदेशक जोसेफ एडलो ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा,‘‘ अमेरिका की शरण (आश्रय) प्रणाली उन लोगों की सुरक्षा के लिए बनाई गई है जिन्हें वास्तव में उत्पीड़न का भय है।
यह नया नियम यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि संसाधनों का उपयोग ऐसे दावों के समयबद्ध निपटारे के लिए किया जाए, न कि उन लोगों पर जो इस व्यवस्था का फायदा उठाना चाहते हैं।’’ यूएससीआईएस ने कहा कि फिलहाल शरण संबंधी आवेदनों पर निर्णय लेने का अधिकार यूएससीआईएस और न्याय विभाग के अधीन आव्रजन न्यायाधीशों, दोनों के पास है। यूएससीआईएस उन विदेशी नागरिकों के अफर्मेटिव शरण’ आवेदनों का निपटारा करता है, जिनके खिलाफ निर्वासन की कार्यवाही शुरू नहीं हुई है। वहीं, आव्रजन न्यायाधीश उन विदेशी नागरिकों के डिफेंसिव शरण’ आवेदनों पर फैसला सुनाते हैं, जिनके खिलाफ निर्वासन की कार्यवाही पहले से चल रही होती है।’’ यह बदलाव ‘अफर्मेटिव शरण’ आवेदनों पर लागू होगा।
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