भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   11:22
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भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था।

संयुक्त राष्ट्र। भारत और चीन के सैनिकों के बीच सिक्किम की सीमा पर हाल ही में हुई झड़प के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने उम्मीद जतायी है कि दोनों देशों में उत्पन्न तनाव को बातचीत के जरिये कम किया जाएगा। एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था। 

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भारतीय सेना ने एक बयान में कहा था कि इसे निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत स्थानीय कमांडरों द्वारा सुलझा लिया गया। संयक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम उम्मीद करते हैं कि सीमा पर जारी तनाव बातचीत के जरिए कम हो जाए।’’ दुजारिक से पूछा गया था कि क्या ‘‘भारत-चीन सीमा पर हुई हालिया झड़प’’ पर संयुक्त राष्ट्र सचिव या महासचिव कोई टिप्पणी करना चाहते हैं।





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राजनीतिक संकट के बीच कुवैत में नयी कैबिनेट ने शपथ ली

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 3, 2021   18:56
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राजनीतिक संकट के बीच कुवैत में नयी कैबिनेट ने शपथ ली

कुवैत में संसद के साथ गहराते गतिरोध के बीच बुधवार को नयी कैबिनेट ने शपथ ग्रहण की। सरकारी मीडिया में आयी खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री शेख सबा अल-खलीद अल हमद अल सबा ने ऐसे चार मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर कर दिया जिनकी नियुक्ति से सांसद नाराज थे।

दुबई। कुवैत में संसद के साथ गहराते गतिरोध के बीच बुधवार को नयी कैबिनेट ने शपथ ग्रहण की। सरकारी मीडिया में आयी खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री शेख सबा अल-खलीद अल हमद अल सबा ने ऐसे चार मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर कर दिया जिनकी नियुक्ति से सांसद नाराज थे। उनके स्थान पर प्रधानमंत्री ने कम विवादित और अनुभवी नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी है। इसे संसद के साथ संबंधों को सुधारने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है। तेल संसाधनों के धनी खाड़ी देश में अमीर द्वारा नियुक्त सरकार और निर्वाचित संसद के बीच जारी गतिरोध और मौजूद खाई शेख नवाफ अल अहमद अल सबा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

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अमीर शेख नवाफ पिछले ही साल गद्दी पर बैठे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने नाराज सांसदों और संसद को मनाने के लक्ष्य से चार पुराने मंत्रियों को बाहर करके अन्य लोगों को कैबिनेट में जगह दी है। सरकार और संसद के बीच जारी लड़ाई से जनता का भरोसा कमजोर हुआ है, हालात अस्थिर हुए हैं और 1990 की इराकी घुसपैठ के बाद पहली बार देश इतने बड़े ऋण संकट में फंसा है। कुवैत के जनरल रिजर्व फंड में नकदी नहीं है और सांसद गहरे तक फैले भ्रष्टाचार के कारण ऋण लेने के पक्ष में भी नहीं हैं। गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी और कच्चे तेल के गिरते दाम के कारण अर्थव्यवस्था की हालत खराब होने पर अन्य खाड़ी देशों ने ऋण का सहारा लिया है।

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अमीर शेख नवाफ ने बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह में बढ़ते संकट को दूर करने के लिए एकता बनाए रखने को कहा। उन्होंने मंत्रियों से कहा, ‘‘आप पर बहुत जिम्मेदारियां हैं, खास तौर से इस महत्वपूर्ण समय में और मुझे विश्वास है कि आप सभी साथ मिलकर एक टीम की तरह काम कर सकेंगें।’’ अब देखना यह है कि नए कैबिनेट पर सांसदों की क्या प्रतिक्रिया होती है। अभी तक उनकी ओर से कुछ नहीं कहा गया है।





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लोगों की आवाज दबाने के लिए म्यांमार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर रबड़ की गोलियां दागीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 3, 2021   17:32
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लोगों की आवाज दबाने के लिए म्यांमार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर रबड़ की गोलियां दागीं

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट का विरोध कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बुधवार को प्रर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और रबड़ की गोलियां दागीं।

यंगून। म्यांमार में सैन्य तख्तापलट का विरोध कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बुधवार को प्रर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और रबड़ की गोलियां दागीं। विभिन्न शहरों से आई खबरों के मुताबिक, पुलिस ने कारतूस का भी इस्तेमाल किया जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई। एक फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों को दबाने के लिए म्यांमा के नए सैन्य शासकों ने हिंसक बल प्रयोग बढ़ा दिया है और सामूहिक गिरफ्तारियां करना शुरू कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने कहा कि ऐसी आशंका है कि रविवार को कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। हिंसा बढ़ने के बाद, म्यांमा के राजनीतिक संकट का हल निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी बढ़ा दिए गए हैं। संरा सुरक्षा परिषद शुक्रवार को म्यांमा के हालात को लेकर बैठक कर सकती है।

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परिषद के राजनयिकों ने बताया कि इस बैठक के लिए ब्रिटेन ने अनुरोध किया था। दस राष्ट्रों के क्षेत्रीय समूह दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन(आसियान) के विदेश मंत्रियों की मंगलवार को टेलिकॉन्फ्रेंस बैठक हुई जिसमें सहायक कदमों पर आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया। इस समूह की अपील को दरकिनार करते हुए म्यांमा के सुरक्षा बलों ने बुधवार को भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग करना जारी रखा।

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स्वतंत्र समाचार सेवा डेमोक्रेटिक वॉइस ऑफ बर्मा के मुताबिक, मोनयावा शहर में कम से कम तीन लोगों को गोली मारी गई। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया गया कि यिंगयांग में 14 वर्षीय लड़के को गोली मारी गई। सोशल मीडिया पर और स्थानीय समाचार प्रदाताओं की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई तथा मरने वालों के बारे में लगातार खबरें आ रही हैं।





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कोविड-19 टीकों की आपूर्ति के लिए सीरिया की मदद करेगा भारत, दुनियाभर में हो रही प्रशंसा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 3, 2021   17:01
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कोविड-19 टीकों की आपूर्ति के लिए सीरिया की मदद करेगा भारत, दुनियाभर में हो रही प्रशंसा

भारत ने कहा कि, सीरिया में कोविड-19 टीकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संरा संग काम करने को तत्पर है। बता दें कि दुनियाभर को कोविड-19 टीकों की अहम आपूर्ति मुहैया कराने के कारण भारत की व्यापक स्तर पर प्रशंसा हो रही है।

संयुक्त राष्ट्र। दुनियाभर के देशों को कोविड-19 टीकों की अहम आपूर्ति करने वाले भारत ने कहा है कि वह महामारी के कारण पैदा हुए ‘‘गंभीर’’ हालात का सामना कर रहे सीरिया के लोगों को टीकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र एवं उसकी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने को लेकर तत्पर है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि के नागराज नायडू ने सीरिया में मानवाधिकार हालात पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय पैनल से कहा कि भारत इस जरूरत के समय में सीरिया के लोगों के साथ खड़ा है।

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नायडू ने कहा, ‘‘10 साल तक चले सीरियाई संघर्ष के कारण सीरिया के लोगों को बहुत कुछ सहना पड़ा है। देश कोविड-19, सर्दी के मौसम और खाद्य असुरक्षा के कारण मुश्किल हालात का सामना कर रहा है, जिसके कारण 62 लाख विस्थापितों समेत एक करोड़ 70 लाख सीरियाई लोगों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।’’ भारत ने द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय माध्यमों से एक करोड़ 20 लाख डॉलर की मानवीय सहायता दी है और पिछले साल जुलाई में वैश्विक महामारी से निपटने में सीरिया की मदद के लिए 10 मीट्रिक टन से अधिक चिकित्सकीय आपूर्ति की गई थी। इस महीने की शुरुआत में 2000 मीट्रिक टन भोजन की आपूर्ति की गई थी। नायडू ने कहा, ‘‘हम सीरिया के लोगों के लिए कोविड-19 टीकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसकी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने को लेकर तत्पर हैं।’’

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दुनियाभर को कोविड-19 टीकों की अहम आपूर्ति मुहैया कराने के कारण भारत की व्यापक स्तर पर प्रशंसा हो रही है। नायडू ने कहा कि स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट और संघर्ष में शामिल पक्षों द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन के मामले बताते हैं कि प्रभावशाली देशों की संलिप्तता के कारण इस संघर्ष का अंतरराष्ट्रीयकरण हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम संघर्ष के सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे राजनीतिक मार्ग पर मौजूदा गतिरोध को दूर करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाएं।’’ उन्होंने कहा कि बाह्य तत्वों की संलिप्तता के कारण सीरिया और क्षेत्र में आतंकवाद बढ़ा है।





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