सर्वपितृ अमावस्या पर इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक, 10 अक्टूबर को तर्पण से पितरों को मिलेगी शांति

Sarva Pitru Amavasya
AI-Generated

10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाएगी, जो पितृ पक्ष की अंतिम तिथि है। इस दिन पितरों के तर्पण, दान और मंदिर, मुख्य द्वार तथा पीपल के पास दीपक जलाने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन कार्यों से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

कल यानी 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाएगी। वैसे पितृ पक्ष की यह अंतिम तिथि मानी जाती है। इस दिन पितरों का तर्पण और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों की आत्मशांति के लिए किए गए धार्मिक कार्यों से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

इस दिन कुछ जगहों पर दीपक जलाना काफी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मकता आती है और परिवार के सदस्यों पर पितरों की कृपा बनी रहती हैं। आइए आपको बताते हैं सर्वपितृ अमावस्या के दिन किन जगहों पर दीपक जलाएं।

सर्वपितृ अमावस्या मुहूर्त

- सर्वपितृ अमावस्या का कुतुप मुहूर्त का समय सुबह 11 बजकर 45 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

- रौहिणी मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 18 मिनट तक रहने वाला है।

- पराह्न काल का मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 18 मिनट से लेकर 3 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।

घर के मंदिर में जलाएं दीपक

अमावस्या के दिन सुबह और शाम घर के मंदिर में दीपक जलाएं। इस दौरान भगवान का ध्यान करें और परिवार की सुख-शांति की कामना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे जलाएं दीया

हिंदू धर्म में पीपल और बरगद के पेड़ों का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। सर्वपितृ अमावस्या पर इन पेड़ों के नीचे दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

घर के मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक

इसके अलावा, आपको इस दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करना शुभता और सकारात्मक का प्रतीक माना जाता है। दीपक जलाते समय परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना करें।

नदी, तालाब या जलाशय के पास जलाएं दीपक

सर्वपितृ अमावस्या के दिन नजदीकी नदी, तालाब या किसी अन्य जलाशय के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों का स्मरण करते हुए उनकी शांति और सद्गति की प्रार्थना जरुर करें। लेकिन दीपक जलाते समय जलाशय की सुरक्षा और स्थानीय नियमों का ध्यान जरुर रखें।

All the updates here:

अन्य न्यूज़