लव मर्जर...एक अडवांस प्रेम कथा (व्यंग्य)

साइबर-सिल्वेस्टर ने उसे ढांढस बँधाया कि घबराओ मत, समाज अभी ट्रांजिशन फेज में है, धीरे-धीरे वह भी दूसरों के साथ ओपन-सोर्स होना सीख जाएगी। असल में एलेक्स का दुःख केवल एकतरफा नहीं था; वह इस बात से भी आहत था कि ज़ारा उसे किसी इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च करने के बजाय घर में ही डंप किए हुए थी।
सन 2050 की उस सुनहरी और हाई-टेक सुबह में मोहल्ले के ऑक्सीजन-पार्क की आबोहवा ही कुछ और थी, जहाँ कंधे पर सिलेंडर लादे दो बुजुर्ग अपनी विंटेज यादों की फाइलें खोलकर बैठे थे। वे चर्चा कर रहे थे कि उनके जमाने में प्रेमी-प्रेमिका के घर के बाहर फिजिकल अटेंडेंस देते थे और पत्थर फेंककर खिड़कियाँ तोड़ने जैसे मैनुअल टास्क किया करते थे, पर आज का युग तो पूरी तरह रिमोट रोमांस और क्लाउड-बेस्ड अटैचमेंट का है। इसी बीच एलेक्स-पॉल अपने स्मार्ट ग्लास पर डेटा चेक करते हुए गहरी आहें भर रहा था, जिसे देखकर उसके मित्र साइबर-सिल्वेस्टर ने पूछा, क्या हुआ भाई? क्या तुम्हारी प्रेमिका किसी और के साथ लॉग-आउट कर गई या फिर तुम्हारा इमोशनल क्लाउड क्रैश हो गया? एलेक्स ने एक ऐसी दार्शनिक मुस्कान बिखेरी जिसे देखकर लगता था कि उसने अभी-अभी कोई बहुत बड़ा आध्यात्मिक घाटा सहा है। उसने कहा, नहीं यार, ट्रैजेडी तो यह है कि वह वापस आ गई! मैं अपनी पार्टनर ज़ारा-क्वांटम को तीन महीने के फ्री ट्रायल पर पड़ोसी के पास भेजकर आया था ताकि वह अपनी एक्सप्लोरेशन स्किल्स को अपग्रेड कर सके, पर वह तो कह रही है कि उसे मेरा ही सब्सक्रिप्शन रिन्यू कराना है। यह तो सरासर पिछड़ापन और बौद्धिक दिवालियापन है! उसे प्रोग्रेसिव होकर मल्टी-टास्किंग करनी चाहिए थी, किसी अजनबी के साथ अपने प्राइवेट मोमेंट्स की एचडी रील बनानी चाहिए थी, पर वह तो वापस आकर मेरे लिए चाय बनाने और लॉयल्टी निभाने जैसी दकियानूसी और सड़ी-गली बातें कर रही है। मैं तो सोच रहा हूँ कि इसकी शिकायत इमोशनल कंज्यूमर कोर्ट में कर दूँ।
साइबर-सिल्वेस्टर ने उसे ढांढस बँधाया कि घबराओ मत, समाज अभी ट्रांजिशन फेज में है, धीरे-धीरे वह भी दूसरों के साथ ओपन-सोर्स होना सीख जाएगी। असल में एलेक्स का दुःख केवल एकतरफा नहीं था; वह इस बात से भी आहत था कि ज़ारा उसे किसी इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च करने के बजाय घर में ही डंप किए हुए थी। एलेक्स चाहता था कि ज़ारा उसे किसी हाई-प्रोफाइल मेटावर्स किटी पार्टी में ऑफर करे, ताकि उसे भी अपनी मार्केटिंग वैल्यू और ग्लोबल डिमांड का अंदाजा हो सके। उसे चिढ़ इस बात की थी कि जब पूरी दुनिया शेयरिंग इकोनॉमी के सिद्धांतों पर चल रही है, तो ज़ारा उसे अपना प्राइवेट असेट और घरेलू सामान क्यों समझ रही है? वह तो उस आधुनिक पुरुषार्थ का स्वप्न देख रहा था जिसमें ज़ारा उसे किसी दूसरी महिला के साथ डेट पर भेजकर खुद बाहर से कमरा लॉक करे और उस पूरे डेटा को क्लाउड पर लाइव स्ट्रीम करके प्रोग्रेसिव पार्टनर का सर्वोच्च गोल्ड मेडल जीते। इधर शहर के स्यूडो-इंटेलेक्चुअल बुद्धिजीवी एक फाइव स्टार कन्वेंशन सेंटर में सेमिनार कर रहे थे कि पुराने जमाने के प्रेमी कितने अकुशल और अनप्रोफेशनल थे जो ईर्ष्या और पजेसिवनेस के चक्कर में हिंसक हो जाते थे। मंच पर खड़ा रिलेशनशिप एल्गोरिदम स्पेशलिस्ट चिल्ला रहा था, साथियों, असली पुरुषार्थ उसे अपनी बाहों में जकड़ने में नहीं, बल्कि उसे दूसरे की बाहों में जाते हुए लाइव स्ट्रीम करने और उस पर सोशल मीडिया लाइक्स बटोरने में है! जो प्रेमी अपनी प्रेमिका का दूसरा प्रेमी खुद शॉर्टलिस्ट नहीं करता, वह प्रेमी नहीं, लव-टेररिस्ट है।
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एलेक्स ने अब ज़ारा-क्वांटम को आखिरी अल्टीमेटम दे दिया—ज़ारा, अगर तुम अगले हफ्ते तक किसी अजनबी के साथ इंटीमेट-डेट पर नहीं गई और मुझे उसकी बिहाइंड द सीन्स फोटोज और सेंसरी डेटा नहीं भेजा, तो मैं तुम्हें अपनी लाइफ की फ्रेंड-लिस्ट से हमेशा के लिए ब्लॉक कर दूँगा। बेचारा एलेक्स चाहता था कि उसकी प्रेमिका समाज की मेनस्ट्रीम प्रोग्रेसिविटी में आए और किसी अजनबी के साथ अपने एकांत के पलों को सोशल मीडिया पर लाइव करे ताकि उसे मोस्ट इवॉल्व्ड मेल का टैग मिले। 2050 का यह नया रिलेशनशिप मॉडल उन सभी पुरानी क्रिमिनल एक्टिविटीज का एक परमानेंट और सस्टेनेबल समाधान बनकर उभरा था। अब पजेसिवनेस एक गंभीर मानसिक बीमारी घोषित हो चुकी थी और शेयरिंग को ही सर्वोच्च वर्चुअल वर्चू माना जाता था। एलेक्स जैसे न्यू-एज लवर्स का मानना था कि हत्या करना वेस्ट ऑफ रिसोर्स और डाटा-लॉस है, जबकि प्रेमिका को शेयर करना एक दीर्घकालिक सोशल इन्वेस्टमेंट है। प्रेमिका भी अब किसी दूसरे के साथ अपने आत्मीय पलों को प्रेमी के साथ रियल-टाइम में साझा करती है, जिससे प्रेमी को घर बैठे ही वॉयुरिस्टिक किक मिलती है और उसे क्राइम पेट्रोल का हिस्सा नहीं बनना पड़ता। यह डिजिटल सतीत्व का वह महान दौर है जहाँ धोखा शब्द डिक्शनरी से पूरी तरह डिलीट कर दिया गया है और उसकी जगह को-ऑपरेटिव रोमांस ने ले ली है, जहाँ हर कोई एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की तरह डाउनलोड और अपलोड के लिए उपलब्ध है।
एलेक्स का दिमाग इस कदर ग्लोबल हो चुका था कि उसने खुद के लिए भी नए रास्ते तलाशने शुरू कर दिए थे। उसने हॉट-स्वैप डेटिंग ऐप के अल्ट्रा-प्रो-मैक्स वर्जन पर अपनी प्रोफाइल बनाई। एलेक्स ने अपनी शक्ल पर इतने साइबर-फिल्टर्स, एआई-मास्क और एल्गोरिथम-स्किन थोप दिए थे कि अगर उसका अपना आधार कार्ड या डीएनए रिपोर्ट उसे देखती, तो वह भी उसे किसी दूसरे ग्रह का पर्यटक समझकर डॉलर मांगने लगती। वह खुद के डिजिटल मेकअप के नीचे असली पहचान भूल चुका था। उसी रात उसे एक प्रोफाइल दिखी—नियो-नाइट-राइडर। उस प्रोफाइल का अवतार इतना जादुई, चमकीला और आकर्षक था कि एलेक्स के दिल की धड़कन गीगाबाइट की रफ़्तार से दौड़ने लगी। उसे लगा यही वह परफेक्ट अजनबी है जिसे वह ज़ारा के लिए एक्वायर करना चाहता है ताकि उसकी सोशल स्टैंडिंग बढ़ सके। उसने उस अज्ञात प्रोफाइल को सुपर लाइक, मेगा लाइक और गॉड लाइक ठोक दिया। उसे रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि वह जिसे अजनबी समझकर अपनी प्रेमिका का भविष्य और अपना स्वाभिमान सौंप रहा है, वह डिजिटल पर्दे के पीछे असल में कौन है। वह तो बस एक क्लाइंट और सर्वर के बीच का रिश्ता जोड़ने में मगन था, यह भूलकर कि एल्गोरिदम कभी-कभी खून के रिश्तों को भी बाइनरी कोड में बदल देते हैं और इंसान केवल एक यूजर आईडी बनकर रह जाता है।
आखिरकार ज़ारा-क्वांटम एक नया बॉयफ्रेंड ढूंढने के मिशन में सफल हो गई और उसने उसे सफलतापूर्वक एक्वायर कर लिया। एलेक्स खुशी के मारे अपने वर्चुअल रियलिटी सूट में नाचने लगा और पूरे मोहल्ले में डिजिटल-शुगर-फ्री-लड्डू के कूपन बांटने लगा। वह खुशी से चिल्लाया, आज मेरा विजन 2050 सफल हुआ, मेरी प्रेमिका आखिरकार किसी और की बाहों में लैंड कर गई है! अब मैं समाज में गर्व से सिर उठाकर कह सकूँगा कि मैं एक मॉडर्न और लिबरल पार्टनर हूँ। तभी ज़ारा का वीडियो कॉल आया और वह चहकते हुए बोली, एलेक्स डार्लिंग, तुम्हारी ज़िद और हॉट-स्वैप वाली रिकमेंडेशन रंग लाई! मैंने अपना सेकंडरी पार्टनर ढूंढ लिया है और ताज्जुब की बात यह है कि तुमने खुद ही उसे पिछले संडे ऐप पर सुपर लाइक करके रिकमेंड किया था। तो चलो, अब अपने नए रिश्तेदार और मेरे नए प्रोजेक्ट से मिलो! ज़ारा ने कैमरा घुमाया। एलेक्स की आँखें फटी की फटी रह गईं। सामने सोफे पर उसका अपना सगा छोटा भाई सोनू-साइबर बैठा था, जो एलेक्स का ही प्यूमा वाला टी-शर्ट पहनकर दांत चियान रहा था। एलेक्स हक्का-बक्का रह गया। उसने हकलाते हुए पूछा, सोनू? तू? पर मैंने तो नियो-नाइट-राइडर को लाइक किया था जिसकी फोटो में छह एब्स थे और चेहरा रोबोटिक सुपरमॉडल जैसा था! यह धोखाधड़ी है या मेरा चश्मा खराब हो गया है?
सोनू-साइबर खिलखिलाकर हँसा और बोला, बड़े भैया, 2050 में चेहरा और शरीर तो केवल डिस्प्ले एड हैं। आपने जिसे लाइक किया, वह मेरा हॉट-प्रोफाइल फिल्टर था जिसे मैंने डार्क वेब से खरीदा था। आपने खुद ही तो सिखाया था कि अपनी असली पहचान छुपाकर मल्टीपल पर्सनालिटी जीना ही असली प्रोग्रेसिविटी है। तो मैंने सोचा घर की लक्ष्मी बाहर क्यों जाए? आपकी सुपर लाइक मिली, तो मैंने इसे फैमिली-कोलेबोरेशन का दैवीय संकेत मान लिया। एलेक्स के पैरों तले ज़मीन खिसक जानी चाहिए थी, पर वह 2050 का इवॉल्व्ड पुरुष था। उसने एक पल के लिए अपना सिर खुजलाया और फिर जोर-जोर से हँसने लगा। उसने कहा, वाह! इसे कहते हैं मैक्सिमम आउटपुट और घर की संपत्ति का घर में ही संचलन! कम से कम अब मुझे उसे डेट पर ले जाने का पेट्रोल अलाउंस, वाई-फाई डेटा और भारी भरकम रेस्तरां बिल नहीं देना पड़ेगा। प्राइवेसी के नाम पर मैं खुद अपने ही कमरे की चाबी बाहर से लगाकर उसे पूरी हॉस्पिटैलिटी दे सकूँगा और इस इन-हाउस प्रोजेक्ट की निगरानी भी कर पाऊँगा। और सुनो सोनू, कल सुबह की स्मार्ट-कॉफी तुम ही बनाओगे क्योंकि अब तुम इस घर के इंटर्न प्रेमी हो और ज़ारा तुम्हारी सुपरवाइजर है।
तभी ज़ारा ने एक और बड़ा बम फोड़ा, "एलेक्स डार्लिंग, बात यहीं खत्म नहीं होती। सोनू ने भी तुम्हारे लिए एक 'कस्टमाइज्ड रिटर्न गिफ्ट' तैयार किया है। उसने तुम्हारी प्रोफाइल को हमारी मोहल्ले वाली उस 'मैडम-मून' के साथ मैच करा दिया है, जिनके तीन तलाक, पांच रिन्यूअल और अनगिनत 'शॉर्ट-टर्म लीज' हो चुके हैं। वे कल रात तुम्हें अपना पुराना 'इमोशनल डाटा' और विंटेज साड़ियों का कलेक्शन दिखाने के लिए कैंडल-लाइट डिनर पर बुला रही हैं। सोनू का कहना है कि घर का कोई भी सदस्य खाली नहीं बैठना चाहिए, सबको अपनी 'शेयरिंग ड्यूटी' निभानी होगी तभी हम एक 'होलिस्टिक फैमिली' कहलाएंगे।" एलेक्स की आँखें खुशी से भर आईं। उसने कहा, "गजब! अब घर के पुराने संस्कारों और नई प्रोग्रेसिविटी के बीच एक हाइब्रिड मॉडल तैयार होगा। 'मैडम-मून' के साथ मेरा डेट पर जाना समाज के लिए एक क्रांतिकारी संदेश होगा कि हम उम्र और अनुभव के बंधनों से मुक्त हो चुके हैं।" तभी एक रोबोटिक पुलिस एलेक्स के दरवाजे पर आई। पुलिस ने कहा, "एलेक्स जी, आपके भाई सोनू और प्रेमिका ज़ारा ने मिलकर आपको इस घर से 'लॉग-आउट' कर दिया है। उन्होंने आपकी प्रोफाइल को 'एग्रीमेंट' से डिलीट करके आपके कमरे को मेटावर्स पर किसी दूसरे 'विदेशी पार्टनर' को किराए पर दे दिया है। अब आप एक 'फ्रीलांस लवर' हैं, अपना नया 'सॉफ्टवेयर' और छत ढूंढें।"
एलेक्स ने फोन की तरफ देखा, एक लंबी साँस ली और मुस्कुराते हुए बोला, "कोई बात नहीं! कम से कम अब मैं 'अनलिमिटेड' और 'अनबाउंड' हो गया हूँ! रिजेक्शन भी तो एक तरह का 'सिस्टम अपडेट' ही है।" तभी गेट के बाहर 'मैडम-मून' अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी लेकर हॉर्न बजा रही थीं, और एलेक्स उनकी पिछली सीट पर बैठने के लिए दौड़ पड़ा। 2050 की उस सुबह में, एलेक्स ने साबित कर दिया कि जब तक 'शेयरिंग' का डेटा पैकेट जारी है, तब तक संसाधन और भावनाएं कभी खत्म नहीं होते, चाहे वह कमरा हो या कलेजा। पड़ोसी बुजुर्ग ने यह देखा तो उसने अपना ऑक्सीजन मास्क उतारकर फेंक दिया, उसे लगा कि इस 'प्रोग्रेसिव' हवा से बेहतर तो मौत है। लेकिन एलेक्स हवा में हाथ हिलाते हुए 'मैडम-मून' के साथ ओझल हो गया। इस कहानी का अंत पाठक को हतप्रभ छोड़ जाता है क्योंकि यहाँ कोई हारा नहीं है, बस सब 'शेयर' हो गए हैं। एलेक्स लुटा है या वह सचमुच 'ग्लोबल' होकर मुक्त हो गया है, यह फैसला अब 2050 के एल्गोरिदम ही करेंगे।
- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’,
(हिंदी अकादमी, मुंबई से सम्मानित नवयुवा व्यंग्यकार)
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