Prabhasakshi NewsRoom: Punjab में AAP ने Rajya Sabha सीटों का सौदा किया, सारा माल 'लाला' तक पहुँचाया गयाः Harbhajan Singh

Harbhajan Singh
ANI

हरभजन सिंह, जो पहले आम आदमी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे, अब पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक उपयोगकर्ता के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग उन्हें गद्दार कह रहे हैं, वे पहले यह पूछें कि पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बेची गई।

पंजाब की राजनीति में इन दिनों आम आदमी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कभी खुद को शुचिता, पारदर्शिता और सिद्धांतों की राजनीति का प्रतीक बताने वाली आम आदमी पार्टी अब उन्हीं आरोपों के घेरे में दिखाई दे रही है, जिनके खिलाफ उसने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। ताजा विवाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह के बयानों के बाद और गहरा गया है। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी पर पंजाब की राज्यसभा सीट बेचने और रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इन आरोपों ने पंजाब की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है।

हरभजन सिंह, जो पहले आम आदमी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे, अब पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक उपयोगकर्ता के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग उन्हें गद्दार कह रहे हैं, वे पहले यह पूछें कि पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बेची गई। उन्होंने दावा किया कि समय आने पर वह बताएंगे कि किसे कितनी रकम मिली और किसकी तरफ से मिली। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों को मंत्री और अधिकारी बनाकर पंजाब को लूटने का काम किया गया तथा सारा माल "लाला" तक पहुंचाया गया। हरभजन ने यहां तक कहा कि पंजाब को लूटकर खत्म कर दिया गया है।

इसे भी पढ़ें: Pakistan के लिए जासूसी, Dubai से फंडिंग! Pathankot में CCTV से Army की हर मूवमेंट पर नज़र, एक गिरफ्तार

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने हरभजन सिंह से सवाल किया था कि जब उन्हें आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा था तो उन्होंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की क्या मजबूरी थी? उस व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी कथित तौर पर गद्दारों को पच्चीस पच्चीस करोड़ रुपये दे रही है। इस पर हरभजन सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर ही गंभीर सवाल उठा दिए।

इससे पहले भी हरभजन सिंह ने अप्रत्यक्ष रूप से अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा था कि काश आपके नेता को पंजाब से एक प्रतिशत भी प्रेम होता। उनके इस बयान को पंजाब की जनता और राजनीतिक दलों ने काफी गंभीरता से लिया था। अब नए आरोपों के बाद विपक्षी दलों को आम आदमी पार्टी पर हमला करने का नया अवसर मिल गया है।

कांग्रेस ने हरभजन सिंह के आरोपों को हाथों हाथ लिया है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि हरभजन सिंह के बयान ने एक बदसूरत सच को उजागर कर दिया है और पंजाब की जनता अरविंद केजरीवाल तथा भगवंत मान से जवाब मांग रही है। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने भी केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान को चुनौती देते हुए कहा कि वे हरभजन सिंह के आरोपों का जवाब दें। वहीं कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों से सफाई मांगी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पंजाब के लोग पहले से ही यह मानते रहे हैं कि राज्यसभा सीटों का सौदा हुआ था।

देखा जाये तो हरभजन सिंह के आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी भर नहीं माने जा रहे, क्योंकि वह खुद उसी व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में उनके बयान को विपक्ष आम आदमी पार्टी के भीतर की सच्चाई के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। हालांकि आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई ठोस और विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है। देखा जाये तो आम आदमी पार्टी ने अपने पूरे राजनीतिक अभियान को भ्रष्टाचार विरोधी छवि और ईमानदार राजनीति के आधार पर खड़ा किया था। ऐसे में यदि उसी पार्टी पर राज्यसभा सीट बेचने, रिश्वत लेने और सत्ता का दुरुपयोग करने जैसे आरोप लगते हैं, तो उसकी नैतिक विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे ही।

आम आदमी पार्टी ने हमेशा खुद को पारंपरिक दलों से अलग बताया है। पार्टी का दावा रहा है कि वह राजनीति में नई संस्कृति लाई है, जहां न तो धनबल का प्रभाव होगा और न ही सत्ता का दुरुपयोग। लेकिन पिछले कुछ समय में पार्टी के कई नेताओं पर लगे आरोपों, बड़े नेताओं का भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जाना, पंजाब सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर ईडी के छापों, पार्टी में आंतरिक असंतोष और लगातार हो रहे दल बदल ने उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया है। अब हरभजन सिंह जैसे चर्चित चेहरे के आरोपों ने इस बहस को और तेज कर दिया है कि क्या आम आदमी पार्टी भी धीरे धीरे वही रास्ता अपना रही है, जिसकी आलोचना करके वह सत्ता तक पहुंची थी।

बहरहाल, फिलहाल पंजाब की राजनीति में यह मुद्दा गर्माया हुआ है। विपक्ष लगातार जवाब मांग रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी बचाव की मुद्रा में दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में यदि हरभजन सिंह अपने दावों के समर्थन में कोई प्रमाण या और खुलासे सामने लाते हैं, तो यह विवाद और गहरा सकता है। साथ ही यह मामला आम आदमी पार्टी की उस छवि की भी अग्निपरीक्षा बन सकता है, जिसे उसने वर्षों की मेहनत से तैयार किया था।

All the updates here:

अन्य न्यूज़