AAP ने कहा, उत्तराखंड में सामने आ रहे घोटालों पर प्रधानमंत्री मोदी चुप्पी तोड़ें

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बिष्ट ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में एक बड़े शराब घोटाले को भी अंजाम दिया गया जिसमें दुकानों को शराब के ठेके एक साल की बजाय तीन साल के लिए दे दिए गए। उन्होंने कहा, ‘‘इससे प्रदेश के राजकोष को भारी नुकसान होगा।’
देहरादून। आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उत्तराखंड में लगातार सामने आ रहे घोटालों पर अपना मौन तोड़ने और उनकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आप के प्रदेश समन्वयक जोत सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि एक के बाद एक सामने आ रहे भर्ती घोटालों की सूची में अब विधानसभा का भी नाम जुड़ गया है जहां पूर्व अध्यक्षों ने बेटे-बहू, भांजे और भतीजियों सहित अपने अनेक रिश्तेदारों को नियुक्ति दिलवाई। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि प्रधानमंत्री अब इन घोटालों पर अपना मौन तोड़ें और बताएं कि इन पर उनके क्या विचार हैं।’’ 

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बिष्ट ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में एक बड़े शराब घोटाले को भी अंजाम दिया गया जिसमें दुकानों को शराब के ठेके एक साल की बजाय तीन साल के लिए दे दिए गए। उन्होंने कहा, ‘‘इससे प्रदेश के राजकोष को भारी नुकसान होगा।’’ उन्होंने दावा किया कि यह बदलाव 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शराब माफिया को खुश करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह भी एक बड़ा घोटाला है। हम इसकी भी सीबीआई और ईडी से जांच की मांग करते हैं।’’ प्रदेश में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंका के चलते विशेष कार्यबल (एसटीएफ) द्वारा की गयी जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है और अब तक इस मामले में उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश के 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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जांच के बीच पूर्व में आयोजित सचिवालय रक्षक, कनिष्ठ सहायक, (न्यायिक), वन आरक्षी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, पुलिस दारोगा, उत्तराखंड उर्जा निगम में अभियंताओं की नियुक्ति में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आये जिनसे प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बार-बार दोहराया है कि जिस भी संस्था में भर्ती परीक्षा में अनियमितता की शिकायत आ रही है, वहां जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। विधानसभा में हुई नियुक्तियों की बाबत उन्होंने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी से जांच करवाने का अनुरोध करेंगे और सरकार इसमें पूरा सहयोग करेगी।

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