Arunachal में चीनी घुसपैठ की अफवाह, एक्शन में सरकार, जयशंकर-राजनाथ के बीच हुई मीटिंग में क्या हुई बात?

सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से धीरे-धीरे कब्ज़ा करने के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) सीमा पर दबदबा बनाए रखने और चीनी गतिविधियों पर नज़र रखने व उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सोशल मीडिया पर चीनी सेना के अरुणाचल प्रदेश में धीरे-धीरे घुसपैठ करने के दावों के बीच, बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद परिसर में एक बैठक की। यह बैठक संसद भवन में रक्षा मंत्री के कार्यालय में हुई, क्योंकि सरकार लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास चीनी गतिविधियों को लेकर ऑनलाइन हो रही नई चर्चाओं से पैदा हुई चिंताओं पर बात करना चाहती थी। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से धीरे-धीरे कब्ज़ा करने के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) सीमा पर दबदबा बनाए रखने और चीनी गतिविधियों पर नज़र रखने व उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा महान हिमालय पर्वतमाला के साथ तिब्बत से सटी हुई है और भारत ने हाल के वर्षों में इस इलाके में बुनियादी ढांचे को काफी मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कों, सीमा के पास बने ठिकानों और निगरानी प्रणालियों की वजह से सीमा पर गश्त, इलाके की जानकारी और किसी भी स्थिति का जवाब देने की क्षमता में सुधार हुआ है। भारतीय और चीनी पेट्रोलिंग टीमों के बीच आमने-सामने की स्थिति की खबरों पर सरकार के सूत्रों ने कहा सीमा तय न होने के कारण, कभी-कभी पेट्रोलिंग टीमें आमने-सामने आ जाती हैं। इसे मौजूदा तरीकों और नियमों के ज़रिए सुलझा लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि LAC पर नज़र रखने के लिए सेना और ITBP दोनों ही सीमावर्ती इलाकों में पूरी तरह तैनात हैं।
LAC के पास चीन की संदिग्ध गतिविधियां
ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब अरुणाचल प्रदेश के पास चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और अपर सुबनसिरी इलाके में चीनी सैनिकों के आक्रामक रवैये की खबरों पर लोगों का ध्यान बढ़ा है। हालांकि सेना ने इन खबरों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन नई दिल्ली ने फिर से कहा है कि सीमा से जुड़े मुद्दों को बहुत गंभीरता से लिया जाता है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि LAC पर शांति और स्थिरता भारत-चीन के व्यापक रिश्तों के लिए अहम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सीमा से जुड़े मुद्दों को बेहद गंभीर मानता है और इन इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा की स्थिति का असर दोनों देशों के रिश्तों की आगे की दिशा पर पड़ेगा।
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भारत-चीन सीमा वार्ता
6 अगस्त को हुई भारत-चीन सीमा मामलों पर बातचीत और समन्वय के लिए वर्किंग मैकेनिज्म (WMCC) की 36वीं बैठक में भी यही बात दोहराई गई, जिसमें दोनों पक्षों ने LAC पर स्थिति की समीक्षा की। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, भारत और चीन ने बकाया मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी व गलत आकलन से बचने के लिए WMCC और स्थानीय कमांडर-स्तर की बैठकों सहित राजनयिक और सैन्य माध्यमों का इस्तेमाल जारी रखने पर सहमति जताई।
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