गृह मंत्री अमित शाह के डिनर के बाद तेज हुई अटकलें, सौरव गांगुली की पत्नी डोना जाएंगी राज्यसभा?

गृह मंत्री अमित शाह के डिनर के बाद तेज हुई अटकलें, सौरव गांगुली की पत्नी डोना जाएंगी राज्यसभा?
ANI

प्रदेश भाजपा सूत्रों ने बताया कि शाह के गांगुली आवास के दौरे के दौरान इस मामले पर चर्चा हुई थी। उनके साथ दासगुप्ता, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 6 मई को बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली के आवास पर रात्रिभोज ने एक नई तरह की अटकलों को हवा दी है। कहा जा रहा है कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान की पत्नी को बीजेपी की तरफ से राज्यसभा के लिए नामित किया जा सकता है। बता दें कि सौरव गांगुली की पत्नी डोना एक प्रशंसित ओडिसी नर्तकी हैं। पश्चिम बंगाल से राष्ट्रपति पद के लिए मनोनीत दो सदस्यों अभिनेत्री रूपा गांगुली और पूर्व पत्रकार स्वपन दासगुप्ता का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। हालांकि गांगुली की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। 

इसे भी पढ़ें: राजनीतिक हितों को साधने के लिए हो रहा पुलिस का इस्तेमाल! शाह के बंगाल दौरे के मायने

प्रदेश भाजपा सूत्रों ने बताया कि शाह के गांगुली आवास के दौरे के दौरान इस मामले पर चर्चा हुई थी। उनके साथ दासगुप्ता, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी थे। इसके साथ ही शाह 6 मई को विक्टोरिया मेमोरियल में डोना के एक नृत्य गायन में भी शामिल हुए थे। दिलीप घोष ने सोमवार को कहा कि अगर डोना गांगुली जैसा कोई व्यक्ति राज्यसभा जाता है तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति अलग-अलग क्षेत्रों से ख्यातिलब्ध लोगों को राज्यसभा के लिए मनोनीत करते हैं। ऐसे में अगर पश्चिम बंगाल से किसी को राज्यसभा के लिए मनोनित किया जाता है तो हमें खुशी होगी। 

इसे भी पढ़ें: चक्रवाती तूफान ‘असानी’ के कारण ओडिशा में कुछ तटीय इलाके खाली कराए गए

भाजपा प्रदेश प्रमुख मजूमदार ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व मामले को देख रहा है और वे अंतिम निर्णय लेंगे।" हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर सौरव खुद राज्यसभा जाते हैं तो उन्हें खुशी होगी। गौरतलब है कि पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले यह​ चर्चा भी चली थी कि भाजपा सौरव गांगुली को अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर सकती है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।