किसान आवारा पशुओं को योगी आदित्यनाथ के आवास पर छोड़ दें: भूपेश बघेल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2022   08:20
किसान आवारा पशुओं को योगी आदित्यनाथ के आवास पर छोड़ दें: भूपेश बघेल

बघेल ने जनसभा में मौजूद किसानों से कहा,“किसान आवारा मवेशियों के कारण परेशान हैं क्योंकि वे फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान अपनी जान की परवाह किए बिना अपने खेतों की बारिश में, गर्म और ठंडे मौसम में रखवाली कर रहे हैं।”

गोरखपुर (उप्र)| छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पतिवार को आवारा पशुओं के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए किसानों से कहा कि वे इन पशुओं को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर छोड़ने दें।

यहां पहुंचने के बाद बघेल ने गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किए और फिर गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सेंदुली बेंदुली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र निषाद के लिए वोट मांगे।

बघेल ने जनसभा में मौजूद किसानों से कहा,“किसान आवारा मवेशियों के कारण परेशान हैं क्योंकि वे फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान अपनी जान की परवाह किए बिना अपने खेतों की बारिश में, गर्म और ठंडे मौसम में रखवाली कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “आवारा पशुओं को मुख्यमंत्री योगी के आवास पर छोड़ दें।” बघेल ने कहा, “धर्म और जाति के अलावा, प्रधानमंत्री ने भी इस मुद्दे पर बोलना शुरू कर दिया है और अब वादा किया है कि 10 मार्च के बाद, आवारा जानवरों के बारे में एक नीति बनाई जाएगी।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “हमने बहुत पहले छत्तीसगढ़ में आवारा पशुओं के लिए नीति बनाई है।” बघेल ने कहा, हमारी सरकार ने 36 करोड़ रुपये में मवेशियों का गोबर खरीदा और अधिकांश लोगों का भुगतान भी कर दिया।”

बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी से किसान, महिलाएं और युवा अपनी समस्याएं साझा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपड़े, जूते, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और दैनिक उपयोग की अन्य चीजों की कीमत बहुत अधिक हैं और लोग परेशानी में हैं क्योंकि कांग्रेस पिछले 32 वर्षों से राज्य की सत्ता से बाहर है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।