तीन हजार पन्नों की दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, लाल किले पर कब्जे की थी साजिश

तीन हजार पन्नों की दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, लाल किले पर कब्जे की थी साजिश

लाल किले पर कब्जा करने की थी साजिश। कब्जा करके नई प्रोटेस्ट साइट बनाने की साजिश रची गई थी। सोची समझी साजिश के तहत यहां पर किसान मार्च निकाला गया और कुछ हु़ड़दंगी लाल किले के ऊपर चढ़ गए और 26 जनवरी को देश को शर्मशार करने का काम किया गया।

भारत के गणतंत्र की आन,बान और शान जिसकी प्राचीर से प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हैं। जहां शान से देश का तिरंगा लहराता है। उसे कब्जा कर स्थाई धरना स्थल बनाने का प्लान था। लाल किला हिंसा की चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। लाल किले पर कब्जा करने की थी साजिश। कब्जा करके नई प्रोटेस्ट साइट बनाने की साजिश रची गई थी। सोची समझी साजिश के तहत यहां पर किसान मार्च निकाला गया और कुछ हु़ड़दंगी लाल किले के ऊपर चढ़ गए और 26 जनवरी को देश को शर्मशार करने का काम किया गया। अब उस घटना को लेकर बड़ा खुलासा अपनी चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने किया है। 

चार्जशीट में क्या

लाल किला हिंसा की तीन हजार पेज की चार्जशीट है, जिसमें तमाम आरोपों की फेहरिस्त है। उपद्रवी लाल किले को ठिकाना बनाना चाहते थे। लाल किले से ही आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहते थे। यानी लाल किले के अंदर पहुंचकर कब्जा करने की साजिश रची गई थी। हंगामे के लिए गणतंत्र दिवस का दिन चुना गया और जमकर हुड़दंग मचाया गया। जिससे दुनियाभर में भारत के सम्मान को ठेस पहुंचे। दीप सिद्धू, लखा सिधाना हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता थे।

ट्रैक्टर की खरीद में इजाफा 

पुलिस की ओर से ट्रैक्टरों की बिक्री के लिए राज्य-वार और महीने वार डेटा उपलब्ध कराने के लिए ट्रैक्टर और मशीनीकरण संघ को लिखा था। पंजाब में 2019 की तुलना में नवंबर 2020 में ट्रैक्टर की बिक्री में 43.53 फीसदी ज्यादा हुई। वहीं जनवरी 2020 की तुलना में ब्रिक्री 85.13 फीसदी हुई। हरियाणा में भी ट्रैक्टर की खरीद में 50 फीसदी का इजाफा हुआ था। ट्रैक्टर रैलियां कैसी निकाली गईं थी और दिल्ली में ट्रैक्टर पर सवार कुछ हुंड़दंगियों ने कैसा कोहराम मचाया था, उससे सभी वाकिफ हैं।

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आंदोलन के नाम पर दिल्ली में दंगों का तांडव 

26 जनवरी 2021 की वो तारीख को भला कौन भूल सकता है। जब पूरी दुनिया ने दिल्ली की सड़कों पर दंगों का तांडव देखा था। चार सौ से ज्यादा पुलिस वाले जख्मी हुए थे। पुलिस पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश हुई थी। हिंसा, आगजनी, तोड़-फोड़ सबकुछ हुआ था। लाल किले पर चढ़ाई हुई थी। वहां कोई और धार्मिक झंडा फहराया गया था। 





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