SC के फैसले के बाद कांग्रेस ने कहा, सरकार की 'गलत प्राथमिकताओं' का मुद्दा है सेंट्रल विस्टा परियोजना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 5, 2021   19:14
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SC के फैसले के बाद कांग्रेस ने कहा, सरकार की 'गलत प्राथमिकताओं' का मुद्दा है सेंट्रल विस्टा परियोजना

उच्चतम न्यायालय ने ‘सेंट्रल विस्टा’ परियोजना को मिली पर्यावरण मंजूरी और भूमि उपयोग में बदलाव की अधिसूचना को मंगलवार को बरकरार रखा और राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर के क्षेत्र में फैली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता साफ कर दिया।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने ‘सेंट्रल विस्टा’ परियोजना पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद मंगलवार को कहा कि यह परियोजना कानून से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि सरकार की ‘गलत प्राथमिकताओं’ का विषय है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि सरकार इस परियोजना को ऐसे समय आगे बढ़ा रही है जब देश कोरोना संकट और आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है तथा सरकार ने सैनिकों, सरकारी कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के भत्ते में हजारों करोड़ रुपये की कटौती की है। 

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उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने ‘सेंट्रल विस्टा’ परियोजना को मिली पर्यावरण मंजूरी और भूमि उपयोग में बदलाव की अधिसूचना को मंगलवार को बरकरार रखा और राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर के क्षेत्र में फैली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता साफ कर दिया। सेंट्रल विस्टा परियोजना की घोषणा सितंबर 2019 में की गई थी। इसके तहत त्रिकोण के आकार वाले नए संसद भवन का निर्माण किया जाएगा जिसमें 900 से 1,200 सांसदों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसका निर्माण अगस्त 2022 तक पूरा होना है। उसी वर्ष भारत 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस परियोजना के तहत साझा केंद्रीय सचिवालय का निर्माण 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है।

कांग्रेस महासचिव सुरजेवाला ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ‘‘13,450 करोड़ रुपये की सेंट्रल विस्टा परियोजना कोई विधि सम्मत मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक ‘आत्ममुग्ध निरंकुश शासक’ द्वारा इतिहास में मनमाने तरीके से अपना नाम दर्ज कराने की सनक में ‘गलत प्राथमिकताओं’ का ज्वलंत मामला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विडंबना यह है कि कोरोना महामारी और आर्थिक मंदी के समय भी केंद्र सरकार के पास सेंट्रल विस्टा पर खर्च करने के लिए 14,000 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री का विमान खरीदने के लिए 8000 करोड़ रुपये हैं। परंतु, इसी भाजपा सरकार ने 1.13 करोड़ सशस्त्र बलों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के भत्ते में 37,530 करोड़ रुपये की कटौती कर दी।’’ 

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कांग्रेस नेता ने यह आरोप भी लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री को यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने 15 लाख सैनिकों और 26 लाख सैन्य पेंशनभोगियों पर 11,000 करोड़ रुपये की कटौती लागू की है। इसके साथ ही, इस सरकार ने लद्दाख में चीनी आक्रामकता का मुकाबला कर रहे हमारे जवानों के लिए ‘गर्म टेंट’ और दूसरे उपकरण प्रदान नहीं किए।’’ दूसरी तरफ, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार पर्यावरण संबंधी मुद्दों को लेकर हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि सरकार निर्माण की अवधि के दौरान उच्चतम मानकों का पालन करना जारी रखेगी।





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वाराणसी में कोरोना टीकाकरण के लाभार्थियों से शुक्रवार को संवाद करेंगे PM मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   19:50
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वाराणसी में कोरोना टीकाकरण के लाभार्थियों से शुक्रवार को संवाद करेंगे PM मोदी

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को बताया कि टीकाकरण करा चुके लोग इस कार्यक्रम के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री से टीकाकरण संबंधी अपने अनुभव भी साझा करेंगे।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लाभार्थियों और टीका लगा चुके लोगों से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को बताया कि टीकाकरण करा चुके लोग इस कार्यक्रम के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री से टीकाकरण संबंधी अपने अनुभव भी साझा करेंगे। बयान में कहा गया कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री की वैज्ञानिकों, राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर संवाद और चर्चा चल रही है।

इस मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान जारी है। देश भर में हमारे अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवा रहे हैं। कल 22 जनवरी को (अपराह्न)1:15 बजे मैं वाराणसी में कोविड-19 टीकाकरण के लाभार्थियों और टीका लगाने वालों से संवाद करूंगा।’’ प्रधानमंत्री ने 16 जनवरी को देशव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। टीकाकरण के पहले चरण में तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को टीका लगाया जाएगा।





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शनिवार से असम और मेघालय के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे गृह मंत्री अमित शाह

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   19:34
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शनिवार से असम और मेघालय के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे गृह मंत्री अमित शाह

उत्तर पूर्वी परिषद उत्तर पूर्वी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए प्रधान संस्था है जिसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा -ये आठ राज्य शामिल हैं। शाह रविवार को असम लौटेंगे।

गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम और मेघालय के दो दिवसीय दौरे पर 23 जनवरी को गुवाहाटी पहुंचेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शाह शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की मौजूदगी में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना की शुरुआत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के प्रमुखों, एक उप-अधिकारी और एक-एक जवान को शाह आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड वितरित करेंगे। इसके बाद शाह मेघालय पहुंचेंगे जहां वह शिलोंग में उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के पूर्ण अधिवेशन की अध्यक्षता करेंगे। 

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उत्तर पूर्वी परिषद उत्तर पूर्वी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए प्रधान संस्था है जिसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा -ये आठ राज्य शामिल हैं। शाह रविवार को असम लौटेंगे। वह बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) समझौते पर हस्ताक्षर की पहली वर्षगांठ पर कोकराझार में आयोजित एक समारोह में शिरकत करेंगे। यह समझौता असम में रहने वाले बोडो जनजातीय लोगों को राजनीतिक अधिकार, आर्थिक पैकेज प्रदान करता है। शाह नलबारी जिले के केंदुकुची में भाजपा की एक रैली को भी संबोधित करेंगे। असम में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा के चुनाव होने हैं।





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झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों को जल्द मिलेंगे फ्लैट, केजरीवाल ने दिया निर्देश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   19:26
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झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों को जल्द मिलेंगे फ्लैट, केजरीवाल ने दिया निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि आर्थिक रूप से कमजोर और झोपड़ी में रहने वालों के लिए निर्मित फ्लैटों का आवंटन जल्दी से जल्दी किया जाए। वक्तव्य के अनुसार केजरीवाल ने कहा कि इन फ्लैटों के निर्माण के लिए भूमि के आवंटन में आने वाली रुकावटों को दूर किया जाना चाहिए।

नयी दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों को जल्दी से जल्दी फ्लैट आवंटित किए जाएं। केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास योजना की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे। केजरीवाल ने कहा, “हमें दिल्ली में हर गरीब व्यक्ति को घर देना है। परियोजना तय समय में पूरी होनी चाहिए।” 

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि आर्थिक रूप से कमजोर और झोपड़ी में रहने वालों के लिए निर्मित फ्लैटों का आवंटन जल्दी से जल्दी किया जाए। वक्तव्य के अनुसार केजरीवाल ने कहा कि इन फ्लैटों के निर्माण के लिए भूमि के आवंटन में आने वाली रुकावटों को दूर किया जाना चाहिए। पहले हुई बैठकों में निर्णय लिया गया था कि निर्माण परियोजना दो चरणों में पूरी होगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए डीयूएसआईबी की खाली जमीन पर फ्लैट का निर्माण होगा। 





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