Punjab Investors Summit से पहले CM Mann को झटका, केंद्र ने यूरोप दौरे पर लगाई रोक, AAP भड़की

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का आगामी 'इन्वेस्टर्स समिट' के लिए नीदरलैंड और चेक गणराज्य का दौरा केंद्र सरकार द्वारा 'पॉलिटिकल क्लीयरेंस' न दिए जाने के कारण रद्द हो गया है। यह लगातार तीसरी बार है जब मान के विदेश दौरे को रोका गया है, जिससे पंजाब के निवेश प्रयासों में बाधा उत्पन्न हुई है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का नीदरलैंड और चेक गणराज्य का दौरा रद्द हो गया है। इसका कारण यह है कि केंद्र सरकार ने उनके 'पॉलिटिकल क्लीयरेंस' के अनुरोध को रोक दिया और उनके दौरे पर कोई जवाब नहीं दिया।
तीसरी बार रुकी विदेश यात्रा
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री मान को विदेश जाने से रोका गया हो। पिछले कुछ समय में यह तीसरी बार है जब उन्हें मंजूरी नहीं मिली। इससे पहले पिछले महीने ही उन्हें निवेश के सिलसिले में यूके और इजराइल में जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। इससे पहले पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय हॉकी टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए उनके फ्रांस जाने के अनुरोध को भी केंद्र ने मना कर दिया था।
क्यों जाना चाहते थे मुख्यमंत्री?
अगले महीने पंजाब में 'इन्वेस्टर्स समिट' होने वाला है। मुख्यमंत्री मान एक डेलिगेशन के साथ यूरोप के इन देशों में जाकर बड़े बिजनेसमैन से मिलना चाहते थे, ताकि पंजाब में विदेशी निवेश लाया जा सके और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
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आम आदमी पार्टी का आरोप
इस मामले पर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार जानबूझकर विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निशाना बना रही है। इस तरह की पाबंदियों से पंजाब के विकास और निवेश लाने की कोशिशों को नुकसान पहुंच रहा है। जब दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री विदेश जा सकते हैं, तो पंजाब के मुख्यमंत्री को बार-बार क्यों रोका जा रहा है?
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क्या है नियम?
नियमों के मुताबिक, किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होती है। हालांकि, मंत्रालय अक्सर मंजूरी न देने का कोई खास कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताता, जिससे यह मामला अब एक राजनीतिक विवाद बन गया है।
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