समिति का सुझाव- दिल्ली में शराब पीने की उम्र हो 21 साल, साल में सिर्फ 3 दिन ही हो ड्राई डे

समिति का सुझाव- दिल्ली में शराब पीने की उम्र हो 21 साल, साल में सिर्फ 3 दिन ही हो ड्राई डे

आपको बता दें कि इसके लिए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक समिति का गठन सितंबर महीने में ही किया था। समिति ने कहा है कि ड्राई डे सिर्फ गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती पर ही होने चाहिए।

शराब पीने को लेकर उम्र क्या होनी चाहिए, इसको लिए हर जगह अलग-अलग बातें कही जाती है। दिल्ली की बात करें तो यहां 25 साल या उससे ऊपर के उम्र वाले को ही अब तक शराब के सेवन के लिए कानूनी तौर पर इजाजत दी गई थी। लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा आबकारी राजस्व बढ़ाने के तरीके सुझाने के लिए गठित एक समिति ने यह सुझाव दिया है कि यहां शराब पीने के लिए कानूनी उम्र 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष कर दी जाए। इस समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि साल में सिर्फ 3 दिन ही ड्राई डे रखा जाए। साथ ही साथ अब डिपार्टमेंटल स्टोर पर भी बीयर और वाइन बेचने की इजाजत दे दी जाए। इसके बाद से माना जा रहा है कि दिल्ली में शराब बिक्री के नियमों में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं जो आने वाले दिनों में दिखाई भी देंगे।

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आपको बता दें कि इसके लिए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक समिति का गठन सितंबर महीने में ही किया था। समिति ने कहा है कि ड्राई डे सिर्फ गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती पर ही होने चाहिए। इस समिति का उद्देश्य शराब के दाम को लेकर एक आसान तंत्र विकसित करना, शराब कारोबार में आ रही दिक्कतों का समाधान निकालना और राज्य में शराब से किस तरीके से शुल्क में वृद्धि की जा सके इस पर सुझाव देना है। इसी समिति ने शराब को लेकर दिल्ली सरकार को नए नियमों की सिफारिश भेजी है। वर्तमान समय में देखे तो दिल्ली में 864 शराब की दुकानें हैं जो दिल्ली पर्यटन निगम, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड और दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम जैसी सरकारी एजेंसियों द्वारा ही संचालित की जाती हैं।

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समिति ने सुझाव दिया है कि दिल्ली में 272 नगर पालिका वार्ड है। ऐसे में 1 वार्ड में 3-3 शराब की दुकाने होनी चाहिए। यानी कि कुल 816 दुकानें होनी चाहिए। इसके अलावा एनडीएमसी में कुल 24 दुकानें होनी चाहिए। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 6 दुकानें खोली जानी चाहिए। माना जा रहा है कि समिति की सिफारिशों पर दिल्ली सरकार अब जनता से सुझाव मांग सकती है। हालांकि कोरोना काल के बाद जिस तरीके से अर्थव्यवस्था को लेकर देश में परिस्थितियां उत्पन्न हुई है, खास करके जब दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कई बार कहा है कि उन्हें आर्थिक रूप से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि शायद इस नियम को लागू किया जा सकता है।





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