सोना तस्करी मामले में शिवशंकर की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस और भाजपा के निशाने पर विजयन सरकार

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वियजन के पूर्व प्रधान सचिव शिवशंकर को प्रवर्तन निदेशालय ने सोना तस्करी मामले में बुधवार को गिरफ्तार किया। शिवशंकर की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी कांग्रेस और भाजपा को विजयन पर निशाना साधने का मौका मिल गया।

तिरुवनंतपुरम। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा निलंबित आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर की गिरफ्तारी के बाद केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार और माकपा विपक्ष के निशाने पर आ गयी हैं। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त पर हुआ है जब राज्य महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनाव के लिए तैयार हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के काफी विश्वस्त और मुख्यमंत्री कार्यालय में एक समय सबसे प्रभावशाली अधिकारी रहे शिवशंकर से जुड़े घटनाक्रम के बाद वाम दल और उसके नेता मामले को आसानी से रफा -दफा नहीं कर पाएंगे। वियजन के पूर्व प्रधान सचिव शिवशंकर को प्रवर्तन निदेशालय ने सोना तस्करी मामले में बुधवार को गिरफ्तार किया। शिवशंकर की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी कांग्रेस और भाजपा को विजयन पर निशाना साधने का मौका मिल गया।

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शिवशंकर को लेकर विपक्षी दल आरंभ से ही मुख्यमंत्री पर हमलावर हैं। विपक्ष ने कहा है कि देश में शायद पहली बार सेवारत आईएएस अधिकारी को तस्करी जैसे अपराध के मामले में राष्ट्रीय एजेंसी ने गिरफ्तार किया है। शिवशंकर की गिरफ्तारी के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ने विजयन के इस्तीफे की मांग को तेज कर दिया है। 

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिवशंकर को सारे अधिकार दे रखे थे और उनकी गिरफ्तारी विजयन की गिरफ्तारी के समान है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि विजयन को राज्य के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि, माकपा का कहना है कि शिवशंकर लंबे समय से सरकार का हिस्सा नहीं थे क्योंकि आरोप लगने के तुरंत बाद उन्हें निलंबित कर पद से हटा दिया गया। संपर्क किए जाने पर माकपा के राज्य सचिव कनम राजेंद्रन ने पीटीआई-को बताया कि उनकी पार्टी एलडीएफ की अगली बैठक में ताजा घटनाक्रम पर चर्चा करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा विवाद के बाद आगामी चुनाव में सत्तारूढ़ मोर्चा के सामने बड़ी चुनौतियां होंगी। राज्य में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है।

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