CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा ले Delimitation पर सर्वदलीय चर्चा शुरू करे केंद्र: Congress

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार से संसद के दोनों सदनों का गरिमापूर्ण सत्रावसान करने और परिसीमन के मुद्दे पर वास्तविक सर्वदलीय संवाद बुलाने की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया से पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। रमेश का आरोप है कि मानसून सत्र स्थगित होने के 60 दिन बाद भी सत्रावसान न होना एक असामान्य देरी है।
कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को संसद के दोनों सदनों का ‘‘गरिमापूर्ण ढंग से’’ सत्रावसान कर परिसीमन के मुद्दे पर आगे की राह तय करने के लिए वास्तविक सर्वदलीय संवाद शुरू करना चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इससे पहले सरकार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित करना चाहिए। रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त, 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के 60 दिन बाद भी उसका सत्रावसान नहीं किया गया है और इस मामले में पिछला रिकॉर्ड काफी पहले टूट चुका है।
उन्होंने दावा किया कि इससे पहले मानसून सत्र के सत्रावसान में सबसे लंबी देरी 2015 में हुई थी। तब इसमें 28 दिन लगे थे। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मोदी सरकार को अब गरिमापूर्ण ढंग से दोनों सदनों का सत्रावसान करना चाहिए और परिसीमन को लेकर आगे की राह पर वास्तविक सर्वदलीय संवाद शुरू करना चाहिए, जिसकी मांग विपक्ष के नेता बार-बार करते रहे हैं।’’ रमेश ने आरोप लगाया कि ‘‘निवर्तमान’’ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की लोकसभा में ‘‘महाकलंकित दो-तिहाई बहुमत’’ जुटाकर परिसीमन से संबंधित सरकार के ‘‘खतरनाक विधेयकों’’ को पारित कराने की कोशिश विफल हो गई है।
उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई सहयोगी दल भी इन विधेयकों का विरोध करते रहे हैं और उन्होंने अब ‘‘नया साहस’’ दिखाया है। कांग्रेस महासचिव ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के ‘‘मंसूबे’’ को विपक्ष की एकता और एकजुटता के कारण 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में ‘‘करारी शिकस्त’’ मिली थी। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दलों में टूट कराए जाने के बावजूद विपक्ष की एकता बरकरार है।
रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को निलंबित किया जाना चाहिए और चुनाव प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रणाली में जनता के विश्वास को ‘‘बहुत बुरी तरह कमजोर’’ किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अंततः संविधान की जीत होगी और जनता का संकल्प विजयी होगा।
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