कांग्रेस का सवाल, एबीजी शिपयार्ड के मामले पर क्यों चुप हैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री

गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि अदालत ने अग्रवाल से 13975 करोड़ रुपये वसूली किए जाने का आदेश दिया, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। उनके मुताबिक, इसके बाद 31 मार्च, 2016 को ऋषि अग्रवाल ने खुलासा किया था कि उसके पास 2.66 लाख करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है तथा उसने बैंकों से 1925 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है।
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गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि अदालत ने अग्रवाल से 13975 करोड़ रुपये वसूली किए जाने का आदेश दिया, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। उनके मुताबिक, इसके बाद 31 मार्च, 2016 को ऋषि अग्रवाल ने खुलासा किया था कि उसके पास 2.66 लाख करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है तथा उसने बैंकों से 1925 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। वल्लभ ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री धोखाधड़ी के इस मामले पर खामोश क्यों हैं? इस मामले में कदम उठाने में पांच साल का समय क्यों लगा? ऋषि अग्रवाल कहां है? उसकी अब तक की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? वह विदेश कैसे गया? दोहरी नागरिकता हासिल करने में उसकी किसने मदद की?’’
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गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंकों के समूह के साथ 22,842 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड तथा उसके पूर्व प्रवर्तकों के साथ अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग का आपराधिक मामला दर्ज किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के कथित तौर पर देश के सबसे बड़े बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद यह कदम उठाया गया है।
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