कांग्रेस का सवाल, एबीजी शिपयार्ड के मामले पर क्यों चुप हैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री

gaurav vallabh

गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि अदालत ने अग्रवाल से 13975 करोड़ रुपये वसूली किए जाने का आदेश दिया, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। उनके मुताबिक, इसके बाद 31 मार्च, 2016 को ऋषि अग्रवाल ने खुलासा किया था कि उसके पास 2.66 लाख करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है तथा उसने बैंकों से 1925 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने बैंकों के 22,842 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज होने की पृष्टभूमि में बृहस्पतिवार को सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस मामले पर चुप क्यों हैं। पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी सरकार में 22,842 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी बैंकों से की गई। पांच साल के बाद सीबीआई ने आखिरकार प्राथमिकी दर्ज की।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘एबीजी शिपायर्ड का मालिक ऋषि अग्रवाल हमेशा से ‘वाइब्रेंट गुजरात’ सम्मेलन में बतौर निवेशक शामिल होता था और 2013 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आधिकारिक शिष्टमंडल में दक्षिण कोरिया भी गया था।’’ 

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस शासित राज्य में तुष्टीकरण का मार्च, कोटा में PFI ने 75 साल पूरे होने पर निकाली ‘एकता रैली’

गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि अदालत ने अग्रवाल से 13975 करोड़ रुपये वसूली किए जाने का आदेश दिया, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। उनके मुताबिक, इसके बाद 31 मार्च, 2016 को ऋषि अग्रवाल ने खुलासा किया था कि उसके पास 2.66 लाख करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है तथा उसने बैंकों से 1925 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। वल्लभ ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री धोखाधड़ी के इस मामले पर खामोश क्यों हैं? इस मामले में कदम उठाने में पांच साल का समय क्यों लगा? ऋषि अग्रवाल कहां है? उसकी अब तक की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? वह विदेश कैसे गया? दोहरी नागरिकता हासिल करने में उसकी किसने मदद की?’’ 

इसे भी पढ़ें: जनता और विकास के लिए काम करते हुए राजनीतिक मतभेद भुलाने की जरूरत: उद्धव ठाकरे

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंकों के समूह के साथ 22,842 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड तथा उसके पूर्व प्रवर्तकों के साथ अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग का आपराधिक मामला दर्ज किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के कथित तौर पर देश के सबसे बड़े बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद यह कदम उठाया गया है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़