कांग्रेस ने राहुल गांधी की मजदूरों से मुलाकात पर जारी की डॉक्यूमेंट्री, करोड़ों परिवारों के लिए की न्याय की मांग

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 23, 2020   11:23
कांग्रेस ने राहुल गांधी की मजदूरों से मुलाकात पर जारी की डॉक्यूमेंट्री, करोड़ों परिवारों के लिए की न्याय की मांग

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने करीब 17 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री में लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के दर्द को दिखाया है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रवासी श्रमिकों से पिछले दिनों हुई मुलाकात पर एक डॉक्यूमेंट्री शनिवार को जारी की जिसमें गांधी ने कोरोना वायरस महामारी मुश्किल का सामना कर रहे करोड़ों परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रत्येक को 7500 रुपये देने की पैरवी की है। कांग्रेस और राहुल गांधी के विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर इस डॉक्यूमेंट्री को जारी किया गया। गांधी की आवाज में इस डॉक्यूमेंट्री में मजदूरों की मुश्किलों को बयां किया गया है। उन्होंने करीब 17 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री में लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के दर्द को दिखाया है। 

इसे भी पढ़ें: विपक्षी दलों ने सरकार के समक्ष संसदीय कामकाज की बहाली और वित्तीय पैकेज समेत 11 सूत्री मांगे रखीं 

गौरतलब है कि लॉकडाउन के कारण ट्रेन और बसों के बंद होने के बाद प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने-अपने घरों को निकल पड़े थे। विभिन्न जगहों पर हुए हादसों में कई मजदूरों की मौत भी हो गई। इस डॉक्यूमेंट्री में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि गरीबों और मजदूरों को न्याय दिया जाए और देश के आर्थिक रूप से कमजोर 13 करोड़ परिवारों में से प्रत्येक को 7500 रुपये की मदद दी जाए। राहुल गांधी ने गत 16 मई को दिल्ली के सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास इन प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की थी। उन्होंने फुटपाथ पर मजदूरों के साथ बैठकर बात की थी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले इन मजदूरों का दुख दर्द साझा किया था और घर भेजने का इंतजाम करवाया था। ये मजदूर हरियाणा के अंबाला से पैदल चलकर अपने गांव जा रहे थे। 





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।