दिल्ली में दूषित जल ने मचाई सियासी हलचल, CM आवास पर 500 पानी के सैंपल सौपेंगे बीजेपी नेता

दिल्ली में दूषित जल ने मचाई सियासी हलचल, CM आवास पर 500 पानी के सैंपल सौपेंगे बीजेपी नेता

दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी, विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता, सतीश उपाध्याय समेत अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेता आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर जाएंगे। बीजेपी नेता 500 घरों से इकट्ठा किए गए पीने के पानी को सौंपने दिल्ली सीएम के आवास पर जाएंगे।

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषित हवा के बाद दूषित पानी को लेकर जारी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल जारी है। इन सब के बीच दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी, विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता, सतीश उपाध्याय समेत अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेता आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर जाएंगे। बीजेपी नेता 500 घरों से इकट्ठा किए गए पीने के पानी को सौंपने दिल्ली सीएम के आवास पर जाएंगे।

इसे भी पढ़ें: प्रदूषण के मुद्दे पर एकदूसरे पर आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा: गौतम गंभीर

बता दें कि बीते कुछ दिनों से पानी की गुणवत्ता को लेकर दिल्ली में संग्राम मचा हुआ है। दरअसल, भारतीय मानक ब्यूरो(बीआईएस) की एक रिपोर्ट आई जिसमें दिल्ली की 11 जगहों से पाइप से आने वाले पानी के नमूने लिए गए जिनमें ज्यादातर नमूने मानकों को पूरा करने में असफल रहे। जिसके बाद बीआईएस की इस रिपोर्ट पर सियासित बढ़ गई है। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर दावा किया कि फ्री पानी के नाम पर अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जनता को जहर पिला रहे हैं। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने ट्विटर पर कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीएसआई) ने अपनी रिपोर्ट की एक प्रति दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर भेज दी है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को उन्होंने ट्वीट कर उन 11 स्थानों के विवरण दिए थे, जहां से पानी के नमूने एकत्र किए गए थे। अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान पर आड़े हाथों लिया। स पर पलटवार करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के पानी की गुणवत्ता काफी बेहतर है। केजरीवाल ने पानी पर राजनीति की आलोचना करते हुए मोदी सरकार के मंत्री को ही चुनौती दे डाली और केंद्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट को दुष्रचार का हथियार करार दिया।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।