बिहार में 70 हुआ कोरोना का आंकड़ा, कोविड 19 के खिलाफ पल्स पोलियों की तरह चलाया जाएगा अभियान

यहां ठीक होने वाले लोगों की भी संख्या अच्छी है। बिहार में अब तक कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई है। बिहार में सबसे ज्यादा मरीज सिवान के हैं हालांकि एक अच्छी बात यह है कि पिछले 4 दिनों से वहां कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
पूरे विश्व में कोरोनावायरस गंभीर रूप लेता जा रहा है। भारत में भी दिन-प्रतिदिन कोरोनावायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच बिहार में 4 नए पॉजीटिव केस पाए गए हैं। इन 4 नए मामलों के साथ ही बिहार में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 70 हो गई है। अब तक के इस संक्रमण से 29 लोग ठीक होकर अपने घर वापस जा चुके हैं। आज जो 4 मामले पाए गए उनमें से तीन मामला नालंदा का है जबकि एक मामला मुंगेर में पाया गया है। देश के अन्य राज्यों में कोरोना जिस रफ्तार से बढ़ रहा है उसकी तुलना में बिहार में इसकी रफ्तार कम है। यहां ठीक होने वाले लोगों की भी संख्या अच्छी है। बिहार में अब तक कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई है। बिहार में सबसे ज्यादा मरीज सिवान के हैं हालांकि एक अच्छी बात यह है कि पिछले 4 दिनों से वहां कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पूरी स्वास्थ्य टीम कोरोना के खिलाफ इस जंग में पूरी तरीके से मुस्तैद नजर आ रही है। बिहार में कोरोना वायरस के 5 जगहों पर टेस्ट किए जा रहे है। तीन पटना में जबकि एक दरभंगा और एक मुजफ्फरपुर में। आंकड़ों के हिसाब से अब तक के लगभग 8300 लोगों की जांच की जा चुकी है जिसमें से 70 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। बिहार के 3 जिले नवादा, बेगूसराय और सिवान को हॉटस्पॉट जोन में रखा गया है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आदेश दिया है कि जिस क्षेत्र में भी कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं, उस क्षेत्र के 3 किलोमीटर की परिधि में घर-घर जाकर जांच किया जाए। नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोनावायरस संक्रमित को चिन्हित करने के लिए पल्स पोलियो अभियान के तर्ज पर 16 अप्रैल से प्रभावित जिलों सिवान, बेगूसराय, नालंदा और नवादा में घर-घर परीक्षण अभियान भी चलाया जाए। इन सीमावर्ती जिलों में जो भी क्षेत्र प्रभावित है वहां भी यह अभियान सुचारू रूप से चलाया जाए ताकि कोरोना से हम निपट सकें।#CoronaUpdateBihar
— Bihar Health Dept (@BiharHealthDept) April 15, 2020
COVID-19 Updates, Bihar.
15.04.2020 तक कुल 8297 सैम्पल की जांच हुई है। अभी तक कुल 70 केस पॉजिटिव पाए गए हैं।#SocialDistancing #COVIDー19 #IndiaFightsCorona #COVID19
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नीतीश कुमार स्वयं हर रोज बैठके कर रहे हैं। अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और किसी भी चूक को लेकर अति गंभीर दिखाई दे रहे हैं। बिहार में 12 मार्च के बाद विदेश से लौटे लोगों की लगातार जांच की जा रही है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से लौटे लोगों की भी जांच की जा रही है। साथ ही साथ देश के विभिन्न कोणों से लॉक डाउन के दौरान लौटे लोगों को बिहार के बॉर्डर पर रोका जा रहा है और उन्हें 14 दिन के क्वॉरेंटाइन जोन में रखा जा रहा है। प्रक्रिया के बाद ही उन्हें राज्य में प्रवेश की इजाजत दी जा रही है। हालांकि बिहार में एक और चुनौती सामने आ रही है। कोरोना महामारी के बीच बिहार में चमकी बुखार की भी चर्चा शुरू हो गई है और इसके मामले मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेमोरियल अस्पताल में आने लगे है।
कोरोना महामारी हो या फिर चमकी बुखार दोनों ही बीमारियों से बचने के लिए जन जागरूकता बेहद जरूरी है। इसीलिए नीतीश कुमार और उनकी सरकार दोनों ही महामारियों को लेकर जागरुकता अभियान चला रही है। इस साल बिहार में विधानसभा के चुनाव भी है। ऐसे में कोरोना से निपटने के तरीके पर भी बिहार में विपक्ष सवाल उठा रहा है। विपक्ष का लगातार कहना है कि यहां जांच कम संख्या में की जा रही है। इसके अलावा कई ऐसे मामले भी आए हैं जिसमें प्रशासन की लापरवाही साफ तौर पर दिखाई देती है। हालांकि विपक्ष के तमाम आरोपों पर सत्ता पक्ष के लोग जवाब तो दे रहे हैं। लेकिन कोरोना महामारी के खिलाफ नीतीश कुमार की सरकार और बिहार के लोग कैसे निपटते है यह देखने वाली बात है क्योंकि वर्तमान में कोरोना भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
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