दिल्ली सरकार कोरोना वायरस की जांच में और तेजी लाएगी: अरविंद केजरीवाल

Arvind Kejriwal

अरविंद केजरीवाल कहा, ‘‘25 मार्च के आसपास हमारी क्षमता प्रतिदिन 100-125 लोगों की जांच करने की थी जो कि एक अप्रैल के बाद प्रतिदिन 500 तक बढ़ गई। अब हम प्रतिदिन लगभग 1,000 जांच की क्षमता तक पहुंच रहे हैं।

नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस के लिए बड़े पैमाने पर जांच करने का निर्णय किया है ताकि इससे संक्रमित व्यक्तियों की पहचान करके उन्हें जल्द से जल्द पृथक किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले अचानक बढ़ गए हैं और इसके पीछे के कारणों में से एक निजामुद्दीन में तबलीगी जमात कार्यक्रम है। जांच में बढ़ोत्तरी से राष्ट्रीय राजधानी में इस घातक बीमारी का नियंत्रण सुनिश्चित होगा। केजरीवाल ने डिजिटल संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने एक लाख परीक्षण किट के आर्डर दिए थे और शुक्रवार तक इनकी खरीद होने की उम्मीद है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 523 हो गई है जिनमें से 330 मामले निजामुद्दीन मरकज के हैं। केजरीवाल ने कहा कि रविवार शाम से इस बीमारी से एक व्यक्ति की मौत हुई है जिससे मृतक संख्या बढ़कर सात हो गई जबकि 20 नये मामले सामने आये हैं जिसमें से 10 मरकज से हैं। उन्होंने कहा, ‘‘25 मार्च के आसपास हमारी क्षमता प्रतिदिन 100-125 लोगों की जांच करने की थी जो कि एक अप्रैल के बाद प्रतिदिन 500 तक बढ़ गई। अब हम प्रतिदिन लगभग 1,000 जांच की क्षमता तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जांच किट हासिल कर रही है और वायरस के लिए जांच की संख्या बढ़ गई है। 

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उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के 25 रोगी वर्तमान में आईसीयू में हैं और आठ वेंटिलेटर पर हैं जबकि शेष की हालत स्थिर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने दिल्ली के लिए 27 हजार पीपीई किट आवंटित किए हैं और इसके लिए वह केंद्र के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है, वे मंगलवार से 421 स्कूलों से अपने राशन प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को सरकार ने शहर के लगभग 6.9 लाख लोगों को दोपहर का भोजन और लगभग 6.94 लाख लोगों को रात्रि भोजन उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा, मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम दिल्ली में किसी को भी भूख से पीड़ित नहीं होने देंगे। मैं उन लोगों, गैर सरकारी संगठनों और नागरिक संगठनों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो अपनी क्षमता के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में भोजन के पैकेट वितरित कर रहे हैं। 

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उन्होंने कहा, ‘‘हम लगभग 71 लाख राशन कार्ड धारकों को प्रति व्यक्ति 7.5 किलोग्राम राशन मुफ्त में प्रदान कर रहे हैं। मंगलवार से हम उन 10 लाख गरीबों को राशन देना शुरू कर देंगे, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। उनमें से प्रत्येक को पांच किलोग्राम राशन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं उन्हें राशन 421 स्कूलों से वितरित किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, भीड़ से बचा जाना चाहिए अन्यथा लॉकडाउन के उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो पाएगी। राशन वितरण के दौरान लोगों के बीच दूरी सुनिश्चित करना सांसदों, विधायकों और पार्षदों की जिम्मेदारी है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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