संतों की मांग, जैसे कृषि कानूनों को लिया गया वापस, वैसे ही स्पेशल प्रोविजन एक्ट 1991 की भी हो वापसी

swami jitendranand
Prabhasakshi
अंकित सिंह । May 16, 2022 5:35PM
अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के महासचिव स्वामी स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बड़ा बयान दिया है। प्रभासाक्षी से खास बातचीत में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो शिवलिंग प्राप्त हुआ है, वह स्वयंभू बाबा विश्वनाथ है।

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे और वीडियोग्राफी का कार्य पूरा हो गया है। कोर्ट के आदेश के बाद यह काम 3 दिनों में पूरा हुआ। हिंदू पक्ष का दावा है कि सर्वे के दौरान ज्ञानवापी मस्जिद में विशाल शिवलिंग मिला है। इसी को लेकर अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के महासचिव स्वामी स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बड़ा बयान दिया है। प्रभासाक्षी से खास बातचीत में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो शिवलिंग प्राप्त हुआ है, वह स्वयंभू बाबा विश्वनाथ है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्षो से आपात परिस्थिति में ढंके होने के बाद पुनः काशी और विश्व के हिंदू समाज के सामने बाबा प्रकट हो रहे हैं, इससे हम सब सनातनी को एक बार फिर से हर्षित होने का मौका मिला है। इसके साथ ही उन्होंने स्पेशल प्रोविजन एक्ट 1991 को वापस लेने की भी मांग उठा दी। 

इसे भी पढ़ें: ज्ञानवापी सर्वे पर ओवैसी बोले- वह मस्जिद थी और कयामत तक रहेगी, मस्जिदों की रक्षा हमारी जिम्मेदारी

जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जिस तरीके से कृषि कानूनों को किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद वापस लिया गया, जिस तरीके से बहुमत के शासन का इस्तेमाल करते हुए जम्मू कश्मीर से 370 हटाई गई थी, उसी तरीके से स्पेशल प्रोविजन एक्ट 1991 को भी सरकार वापस लें तभी काशी विश्वनाथ के मुक्ति का रास्ता साफ हो सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रत्यक्ष को किसी भी प्रमाण की जरूरत नहीं होती है। काशी के कण-कण में शंकर बसे हुए हैं। हर एक व्यक्ति बाबा विश्वनाथ के शिवलिंग मिलने से अति प्रसन्न है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वर्तमान शासन और सत्ता ने हमें ज्यादा दिनों तक बाबा विश्वनाथ से दूर रखा तो मैं समझता हूं कि हिंदुओं पर इससे बड़ा कोई अत्याचार और नहीं हो सकता है। 

इसे भी पढ़ें: 2 करोड़ नौकरियां, महंगाई समेत कई मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हिंदू-मुस्लिम: महबूबा मुफ्ती का भाजपा पर हमला

अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद के उस हिस्से को सील करने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की एक अदालत ने जिला प्रशासन को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के उस हिस्से को सील करने का निर्देश दिया, जहां एक शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने बताया कि ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग को सुरक्षित करने की मांग पर सुनवाई करते हुए सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि कोर्ट कमीशन की कार्यवाही के दौरान मस्जिद परिसर में कथित तौर पर शिवलिंग का मिलना महत्वपूर्ण साक्ष्य है। अदालत ने जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी को उस हिस्से को सील करने का आदेश दिया, जहां शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है। यादव के मुताबिक, अदालत ने पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी और सीआरपीएफ कमांडेंट को सील किए जाने वाले स्थान को संरक्षित और सुरक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़