राहुल गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में भाजपा विधायक यशपाल सुवर्ण पर प्राथमिकी दर्ज

कर्नाटक के उडुपी में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में भाजपा विधायक यशपाल सुवर्ण के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक कोडावुर की शिकायत पर दर्ज की गई है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
(शीर्षक और आमुख में अतिरिक्त शब्द जोड़ते हुए रिपीट) उडुपी, 29 जुलाई कर्नाटक के उडुपी में मंगलवार को एक सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कथित भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर यहां के भाजपा विधायक यशपाल सुवर्ण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक कोडावुर की शिकायत पर उडुपी टाउन पुलिस थाना में यह मामला दर्ज किया गया है। कोडावुर का आरोप है कि सुवर्ण ने उडुपी में सर्विस बस स्टैंड के पास हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान अपमानजनक और भड़काऊ बयान दिए।
शिकायत के मुताबिक, भाजपा विधायक ने जनता को भ्रमित करने और राहुल गांधी की छवि खराब करने के इरादे से उन्हें कथित तौर पर ‘नशेड़ी’ बताया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि सुवर्ण ने बाबरी मस्जिद का जिक्र किया और चेतावनी दी कि गांधी परिवार का वंश भी इसी तरह के अंजाम का सामना करेगा। इस टिप्पणी से सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़कने की आशंका थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सुवर्ण ने नीट परीक्षा के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ अपमानजनक का उपयोग किया और कांग्रेस समर्थकों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को भड़काने का प्रयास किया। पुलिस ने समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने, दंगा भड़काने, आपराधिक धमकी और अशांति फैलाने वाले बयान देने से जुड़ी बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और इस मामले की जांच कर रही है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. मंजूनाथ भंडारी ने कहा कि राज्य सरकार ने भाजपा विधायक की कथित टिप्पणियों का गंभीर संज्ञान लिया है और वह कानूनी कार्यवाही करेगी।
डॉ. भंडारी ने बुधवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि कांग्रेस नेतृत्व प्रदेश के गृह मंत्री प्रियंक खरगे से मिलेगा और गहन जांच और उचित कार्रवाई करने का पुलिस को निर्देश देने की मांग करेगा। भंडारी ने कहा, ‘‘नीट मुद्दे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को गाली गलौज, द्वेषपूर्ण भाषण और धमकी के जरिए निशाना बनाने से भाजपा की विद्यार्थियों के खिलाफ सोच का पता चलता है। एक लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेदों का जवाब धमकी से नहीं दिया जा सकता।” उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान मूक दर्शक बनकर मौजूद रहे भाजपा विधायकों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि उनकी निष्क्रियता का अभिप्राय उस भाषण को मौन सहमति देना था।
भंडारी ने कहा कि कांग्रेस ने उस घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त की है और जांच के दौरान वह उसे जांच अधिकारियों को सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)संबंधी विवाद को लेकर राजनीतिक विरोध के आलोक में भाजपा ने उडुपी में विरोध प्रदर्शन किया था।
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