पहले साथ मिलकर कार बनाते थे भारत-जापान, अब बुलेट ट्रेन बना रहे हैंः मोदी

from-cars-to-bullet-trains-india-japan-ties-have-come-a-long-way-pm-modi
मोदी शुक्रवार से ओसाका में शुरू हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिये यहां आये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक ऐसा समय था जब हम कार बनाने के लिये एक साथ आये थे और अब हम बुलेट ट्रेन बनाने के लिये एक साथ आये हैं।''''

कोबे (जापान)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जापान और भारत समय के साथ मजबूत होते आ रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि दोनों ने कार बनाने के लिये आपस में सहयोग की शुरुआत की थी और अब दोनों मिल कर बुलेट ट्रेन के निर्माण करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कोबे शहर में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जापान ने भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा कि भारत अगले पांच साल में पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। ऐसे में द्विपक्षीय संबंध पहले से बेहतर होने वाले हैं।

इसे भी पढ़ें: मोदी के इस बयान से नीतीश को मिली राहत, दोस्ती-दुश्मनी के खेल की सियासत पर एक नजर

मोदी शुक्रवार से ओसाका में शुरू हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिये यहां आये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक ऐसा समय था जब हम कार बनाने के लिये एक साथ आये थे और अब हम बुलेट ट्रेन बनाने के लिये एक साथ आये हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत में ऐसा कोई भी हिस्सा नहीं है जहां जापान की परियोजनाओं या निवेश ने अपना चिह्न नहीं छोड़ा है। इसी तरह भारत की प्रतिभा और श्रमबल ने जापान को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।’’ जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इसे भी पढ़ें: 2019 में भाजपा की जीत सच्चाई और भारत के लोकतंत्र की जीत है: मोदी

गौरतलब है कि भारत ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच पहली बुलट-ट्रेन चलाने की योजना बनायी है। इसमें जापान मदद से काम चल रहा है। इस परियोजना का पहला चरण 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। 508 किलो मीटर की इस लाइन के लिए राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम लि. (एनएचआरएससीएल) भूमि जुटाने का काम कर रहा है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़