नान घोटाला मामला : अधिकारियों को बचाने की कोशिश — रमन सिंह

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 29, 2021   06:20
नान घोटाला मामला : अधिकारियों को बचाने की कोशिश — रमन सिंह
प्रतिरूप फोटो

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि ईडी द्वारा मुख्यमंत्री और संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए गए आरोप बहुत गंभीर हैं और यह समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को बचाने में क्‍यों लगे हैं।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सिंह ने मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय एकात्म परिसर में हुए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश के एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर उच्चतम न्यायालय में बड़ा आरोप लगाया है।

इसे भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता का शव घर में फंदे से लटका मिला

पीडीएस (नान घोटाला) मामले में धन शोधन पहलू की जांच कर रही ईडी ने न्यायालय में कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल, एसआईटी के सदस्य और एक वरिष्ठ कानून अधिकारी ने इसमें शामिल दो आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला के खिलाफ मामले को कमजोर करने का षड्यंत्र किया है।

सिंह ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों को वर्तमान में मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है, और आलोक शुक्ला सेवानिवृत्त होने के बाद भी सरकार में संविदा पर प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत हैं, वहीं आरोपी अनिल टुटेजा वर्तमान में सचिव उद्योग के पद पर कार्यरत हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं दोनों को बचाने के लिए राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी द्वारा मुख्यमंत्री और संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए गए आरोप बहुत गंभीर हैं और यह समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को बचाने में क्‍यों लगे हैं।

इसे भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुरू होगी बैडमिंटन अकादमी





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।