ग्वालियर व्यापार मेला लगाने का शासन को जाएगा प्रस्ताव, कोविड-19 गाइडलाइन किया जाएगा पालन

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 23, 2021   23:46
  • Like
ग्वालियर व्यापार मेला लगाने का शासन को जाएगा प्रस्ताव, कोविड-19  गाइडलाइन किया जाएगा पालन

मेले के आयोजन के दौरान कोविड गाइडलाइन का पालन किया जायेगा, इस शर्त के साथ प्रस्ताव भेजा जायेगा। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि शासन स्तर से मेले के आयोजन के संबंध में जो भी निर्णय लिया जायेगा, उसके परिपालन में जिला प्रशासन आगामी कार्रवाई करेगा।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लगने वाला प्रसिद्ध व्यापार मेला इस वर्ष कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए लगेगा। शनिवार को कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला क्राइसेस मैनेजमेंट की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुई बैठक में ग्वालियर व्यापार मेले का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पूर्व विधायक मदन कुशवाह, पूर्व विधायक रामबरन सिंह गुर्जर, मध्य प्रदेश कैट के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के मानसेवी सचिव प्रवीण अग्रवाल, ग्वालियर व्यापार मेले के व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया, मेला व्यापारी संघ के मंत्री महेश मुदगल, एडीएम किशोर कान्याल, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य एवं मेला सचिव निरंजन श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

इसे भी पढ़ें: बेटियों की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है भाजपा सरकार-विष्णुदत्त शर्मा

बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि सभी सदस्यों की सहमति से ग्वालियर व्यापार मेला लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा। मेले के आयोजन के दौरान कोविड गाइडलाइन का पालन किया जायेगा, इस शर्त के साथ प्रस्ताव भेजा जायेगा। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि शासन स्तर से मेले के आयोजन के संबंध में जो भी निर्णय लिया जायेगा, उसके परिपालन में जिला प्रशासन आगामी कार्रवाई करेगा।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-बांग्लादेश मैत्री सेतु का उद्घाटन किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 9, 2021   16:03
  • Like
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-बांग्लादेश मैत्री सेतु का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और बांग्लादेश को जोड़ने वाले ‘मैत्री सेतु’ का उद्घाटन किया।मोदी ने कहा कि 2107 में त्रिपुरा की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताकर ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार बनाई आज वह पुरानी सरकार के 30 साल और डबल इंजन की तीन साल की सरकार में आए बदलाव को स्पष्ट अनुभव कर रही है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारत और बांग्लादेश के बीच फेनी नदी पर बने ‘मैत्री सेतु’ का उद्घाटन किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ‘मैत्री सेतु’ का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि मैत्री सेतु के खुल जाने से अगरतला, अंतरराष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह से भारत का सबसे नज़दीकी शहर बन जाएगा। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से जुड़़ी जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, उनसे पूर्वोत्तर का बंदरगाह से संपर्क और सशक्त होगा। मोदी ने कहा कि 2107 में त्रिपुरा की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताकर ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार बनाई आज वह पुरानी सरकार के 30 साल और डबल इंजन की तीन साल की सरकार में आए बदलाव को स्पष्ट अनुभव कर रही है।

इसे भी पढ़ें: टूलकिट केस: कोर्ट ने निकिता जैकब और शांतनु मुलुक को गिरफ्तारी से 15 मार्च तक राहत दी

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती वामपंथी शासन में त्रिपुरा में जहां कमीशन और भ्रष्टाचार के बिना काम होने मुश्किल थे, वहां आज सरकारी लाभ लोगों के बैंक खाते में सीधे पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जो कर्मचारी समय पर सैलरी पाने के लिए भी परेशान हुआ करते थे, उनको सातवें वेतन आयोग के तहत सैलरी मिल रही है। जहां किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनेक मुश्किलें उठानी पड़तीं थीं, वहीं पहली बार त्रिपुरा में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित हुई।’’ उन्होंने कहा कि जिस त्रिपुरा को हड़ताल की संस्कृति ने बरसों पीछे कर दिया था, आज वो व्यवसाय की सुगमता के लिए काम कर रहा है और जहां कभी उद्योगों में ताले लगने की नौबत आ गई थी, वहां अब नए उद्योगों और नए निवेश के लिए जगह बन रही है। इस अवसर पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का एक वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस और मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब भी उपस्थित थे।

इसे भी पढ़ें: कोविड-19 का टीका मुफ्त में दिया जाएगा, आप सरकार ने वैक्सीन के लिए दिए 50 करोड़

फेनी नदी त्रिपुरा और बांग्लादेश में भारतीय सीमा के बीच बहती है। इस सेतु का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड ने किया है। इस पर 133 करोड़ रुपये की लागत आई है। 1.9 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत में सबरूम को बांग्लादेश के रामगढ़ से जोड़ता है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और परस्पर संपर्क बढ़ेगा। मैत्री सेतु के उद्घाटन से बंग्लादेश के चट्टगांव बंदरगाह तक पहुंचने के लिए त्रिपुरा, पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बन गया है। यह सबरूम से केवल 80 किलोमीटर की दूरी पर है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सबरूम में एकीकृत जांच चौकी स्थापित करने के लिए आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री ने कैलाशहर में उनाकोटी जिला मुख्यालय को खोवाई जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले एचएच-208 की आधारशिला रखी और राज्य सरकार द्वारा विकसित राज्य राजमार्गों और अन्य जिला सड़कों का भी उद्घाटन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 40978 घरों और अगरतला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत निर्मित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने पुराने मोटर स्टैंड में मल्टी लेवल कार पार्किंग और वाणिज्यिक परिसर के विकास के लिए आधारशिला भी रखी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा गलती सुधारना चाहते हैं तो सचिन पायलट को सीएम बना दें

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 9, 2021   15:55
  • Like
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा गलती सुधारना चाहते हैं तो सचिन पायलट को सीएम बना दें

मध्य प्रदेश में सिंधिया जी के बगैर कांग्रेस शून्य है। यदि वे अपनी गलती सुधारना चाहते हैं तो राजस्थान में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बना दें। मध्य प्रदेश में 2018 के विस चुनाव में जनता को सिंधिया जी का चेहरा दिखाकर वोट मांगे

भोपाल। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री  पलटवार करते हुए कहा है कि गलती सुधारना चाहते हैं तो सचिन पायलट को सीएम बना दें। राहुल गांधी ने अपने एक बयान में कहा है कि 'सिंधिया कांग्रेस में मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन भाजपा में जाकर वे बैक बैंचर हो गए हैं। जिसको लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि बहुत जल्दी राहुल गांधी को याद आया कि बिना सिंधिया के मध्य प्रदेश में कांग्रेस शून्य है।

 

इसे भी पढ़ें: जान से मारने की धमकी देकर किशोरी के साथ दुष्कर्म, पुलिस ने किया पॉस्को एक्ट में मामला दर्ज

मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी को अब समझ आ गया है कि मध्य प्रदेश में सिंधिया जी के बगैर कांग्रेस शून्य है। यदि वे अपनी गलती सुधारना चाहते हैं तो राजस्थान में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बना दें। मध्य प्रदेश में 2018 के विस चुनाव में जनता को सिंधिया जी का चेहरा दिखाकर वोट मांगे और मुख्यमंत्री किसी और को बना दिया? जो लोग दो साल में कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना पाए वो मुख्यमंत्री बनाने की बातें कर रहे हैं। कांग्रेस पर तंज सकते हुए मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि 15 दिन में कर्जा माफ कर देंगे नहीं तो मुख्यमंत्री बदल देंगे, नहीं बदला तो हमने बदल दिया। अनुपूरक बजट पर कांग्रेस के आरोपों पर गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस तो यही कहेगी, लेकिन हमें उसकी चिंता नहीं। हमें तो चिंता है बाजार क्या कह रहा है।

 

इसे भी पढ़ें: भोपाल में पदस्थ डीएसपी ने लगाई फांसी, छुट्टी पर गए हुए थे अपने गाँव

कमलनाथ पर कसा तंज

इस दौरान मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ द्वारा खुद को जवान कहने वाले बयान मंत्री मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि पता नहीं बुजुर्ग कांग्रेसी हमेशा खुद को युवा कहलाने को आतुर क्यों नजर आते हैं ? स्वयं को जवान साबित करने की इनकी जिद ने कांग्रेस को बूढ़ा कर दिया। महिला दिवस के कार्यक्रम में महिलाओं के बीच कमलनाथ जी का 'अभी तो मैं जवान हूं' कहना शोभा नहीं देता।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


टूलकिट केस: कोर्ट ने निकिता जैकब और शांतनु मुलुक को गिरफ्तारी से 15 मार्च तक राहत दी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 9, 2021   15:48
  • Like
टूलकिट केस: कोर्ट ने निकिता जैकब और शांतनु मुलुक को गिरफ्तारी से 15 मार्च तक राहत दी

टूलकिट मामले में अदालत ने निकिता जैकब और शांतनु मुलुक को 15 मार्च तक गिरफ्तारी से राहत प्रदान की है।न्यायाधीश ने निवेदन को सुना और पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ 15 मार्च तक किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया। उसी दिन अदालत मामले में आगे सुनवाई करेगी।

नयी दिल्ली। एक अदालत ने किसानों के प्रदर्शन के संबंध में सोशल मीडिया पर ‘‘टूलकिट’’ साझा करने के मामले में आरोपी निकिता जैकब और शांतनु मुलुक को गिरफ्तारी से दी गयी राहत मंगलवार को 15 मार्च तक बढ़ा दी। ‘‘टूलकिट’’ साझा करने के मामले में युवा पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि के साथ जैकब और मुलुक भी आरोपी हैं।

इसे भी पढ़ें: कोविड-19 का टीका मुफ्त में दिया जाएगा, आप सरकार ने वैक्सीन के लिए दिए 50 करोड़

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने दोनों आरोपियों को राहत प्रदान की। इससे पहले दोनों आरोपियों के वकीलों ने कहा कि मामले में आगे दलीलें रखने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल जवाब पर गौर करने के लिए उन्हें समय चाहिए। न्यायाधीश ने निवेदन को सुना और पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ 15 मार्च तक किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया। उसी दिन अदालत मामले में आगे सुनवाई करेगी। जैकब, मुलुक और रवि पर राजद्रोह समेत अन्य आरोप लगाए गए थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept