राजकोट के कोविड अस्पताल में लगी आग, पांच कोरोना मरीजों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2020   08:31
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राजकोट के कोविड अस्पताल में लगी आग, पांच कोरोना मरीजों की मौत

दमकल विभाग के अधिकारी जे. बी. थेवा ने बताया कि हम आग लगने की जानकारी मिलते ही तुंरत मौके पर पहुंचे और 28 मरीजों को रक्षित वहां से निकाला। लेकिन आईसीयू में भर्ती पांच मरीजों की मौत हो गई।

अहमदाबाद। गुजरात के राजकोट शहर में बृहस्पतिवार देर रात निर्दिष्ट कोविड-19 अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से पांच मरीजों की मौत हो गई। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में कोरोना वायरस से पीड़ित जिन 28 अन्य मरीजों का इलाज चल रहा था, उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है। दमकल विभाग के अधिकारी जे. बी. थेवा ने बताया कि मावडी इलाके के उदय शिवानंद अस्पताल के आईसीयू में बृहस्पतिवार देर रात करीब एक बजे आग लगी। आईसीयू में उस समय सात मरीज भर्ती थे। 

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उन्होंने कहा, ‘‘ हम आग लगने की जानकारी मिलते ही तुंरत मौके पर पहुंचे और 28 मरीजों को रक्षित वहां से निकाला। लेकिन आईसीयू में भर्ती पांच मरीजों की मौत हो गई।’’ उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारी ने बताया कि वहां से बचाए गए मरीजों को कोविड-19 के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि अगस्त में अहमदाबाद के चार मंजिला निजी अस्पताल की सबसे ऊपर की मंजिल पर आग लगने से कोविड-19 से पीड़ित आठ मरीजों की मौत हो गई थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


राममंदिर का निर्माण कार्य तीन साल में होगा पूरा, करीब 1,100 करोड़ रुपए की आएगी लागत: न्यास के कोषाध्यक्ष

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   18:04
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राममंदिर का निर्माण कार्य तीन साल में होगा पूरा, करीब 1,100 करोड़ रुपए की आएगी लागत: न्यास के कोषाध्यक्ष

न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि न्यास ने अभी तक मंदिर निर्माण की लागत पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए (मंदिर निर्माण हेतु) कुछ कॉरपोरेट से धन एकत्र करना संभव था।

मुंबई। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के एक महत्वपूर्ण पदाधिकारी ने कहा है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य करीब तीन साल में पूरा होगा और उसपर करीब 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आने की संभावना है। न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा, ‘‘मुख्य मंदिर का निर्माण तीन-साढ़े तीन साल में पूरा होगा और उसपर 300-400 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। पूरी 70 एकड़ भूमि के विकास कार्य में 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आने की संभावना है।’’ उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों के साथ सलाह करने के बाद वह लागत के इस अनुमान पर पहुंचे हैं। 

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एबीपी मांझा मराठी टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि न्यास ने अभी तक मंदिर निर्माण की लागत पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए (मंदिर निर्माण हेतु) कुछ कॉरपोरेट से धन एकत्र करना संभव था। कुछ (कॉरपोरेट) परिवार हमारे पास आए थे, उन्होंने अनुरोध किया था कि मंदिर का डिजाइन उन्हें सौंप दिया जाए और उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे मंदिर परियोजना को पूरा करेंगे, लेकिन मैंने विनम्रता से उन्हें मना कर दिया।’’ राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह अभियान 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा का अभियान होने को लेकर कुछ हलकों द्वारा आलोचना किये जाने के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की आंखों पर जैसा चश्मा चढ़ा होता है, उन्हें वही दिखाई देता है।हमारी आंखों पर कोई चश्मा नहीं चढ़ा हुआ है और हमारी आंखें भक्ति की राह पर हैं।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 6.5 लाख गांवों और 15 करोड़ घरों तक पहुंचने का है।’’ यह पूछने पर कि क्या वह मंदिर निर्माण के लिए दान लेने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातो श्री जाएंगे, उन्होंने कहा, ‘‘अगर वह दान देने को तैयार हैं, तो मैं वहां जाउंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शिवसेना नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद की उप सभापति नीलम गोरे ने हमें एक किलोग्राम चांदी की ईंट दी है।’’ महाराज ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मंदिर निर्माण के लिए 5,00,100 रुपये का चंदा प्राप्त किया। यह पूछने पर कि मंदिर निर्माण के लिए क्या वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांयाी के पास भी जाएंगे, महाराज ने कहा कि मैं ऐसा करने को तैयार हूं, बशर्ते कोई मुझे गारंटी दे कि वहां मेरा अपमान नहीं किया जाएगा।





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ट्रैक्टर रैली में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन दर्शाएंगी झांकियां, 2500 स्वयंसेवकों को किया गया तैनात

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   17:50
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ट्रैक्टर रैली में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन दर्शाएंगी झांकियां, 2500 स्वयंसेवकों को किया गया तैनात

किसान नेता ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए 2,500 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है कि परेड शांतिपूर्ण रहे और कोई अप्रिय घटना न हो। स्वयंसेवकों को बैज और पहचान पत्र दिए गए हैं।

नयी दिल्ली। आंदोलनकारी किसानों की ‘गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर परेड’ में विभिन्न राज्यों की कई झांकियां होंगी जो ग्रामीण जीवन, केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के साथ ही आंदोलनकारियों केसाहस को दर्शाएंगी। यह जानकारी आयोजकों ने दी। एक किसान नेता ने पीटीआई-को बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी संगठनों को परेड के लिए झांकी तैयार करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘देशभर से लगभग एक लाख ट्रैक्टर-ट्रॉलियां परेड में शामिल होंगी। इनमें से लगभग 30 प्रतिशत पर विभिन्न विषयों पर झांकी होगी, जिसमें भारत में किसान आंदोलन का इतिहास, महिला किसानों की भूमिका और विभिन्न राज्यों में खेती के अपनाये जाने वाले तरीके शामिल होंगे।’’ 

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महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के कुछ बच्चों ने किसानों की आत्महत्या पर एक झांकी की योजना बनाई है। स्वराज इंडिया के एक सदस्य ने कहा, ‘‘आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों के परेड में हिस्सा लेने की उम्मीद है। उनकी झांकी में उस क्षेत्र के किसानों के सामने आने वाली कठिनाइयों को दर्शाया जाएगा जिसे पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।’’ हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड जैसे राज्यों की झांकी से पता चलेगा कि पहाड़ी क्षेत्रों में फलों और सब्जियों की खेती कैसे की जाती है। पंजाब और हरियाणा के प्रतिभागी पारंपरिक और आधुनिक कृषि तकनीक और महिलाओं द्वारा गाय का दूध निकालने और किसानों द्वारा बैलगाड़ी चलाने का प्रदर्शन करेंगे। प्रत्येक ट्रैक्टर पर तिरंगा लगा होगा और लोक संगीत एवं देशभक्ति के गीत बजाये जाएंगे।

प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के संयुक्त मोर्चे ‘संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के एक सदस्य ने कहा कि परेड की शुरुआत दिल्ली के पांच सीमा बिंदुओं - सिंघू, टिकरी, गाजीपुर, पलवल और शाहजहांपुर से होने की संभावना है - जहां किसान पिछले साल 28 नवंबर से डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर परेड राजपथ पर आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड की समाप्ति के बाद शुरू होगी और शाम 6 बजे के करीब समाप्त होने से पहले 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी। एसकेएम सदस्य ने कहा कि परेड के दौरान प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विरोध स्थल पर एक कक्ष स्थापित किया गया है। इन प्रत्येक कक्षों में डॉक्टर, सुरक्षाकर्मी और सोशल मीडिया प्रबंधकों सहित 40 सदस्य होंगे। किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए मार्ग के किनारे लगभग 40 एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। 

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एक अन्य किसान नेता ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए 2,500 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है कि परेड शांतिपूर्ण रहे और कोई अप्रिय घटना न हो। स्वयंसेवकों को बैज और पहचान पत्र दिए गए हैं। विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों की एक टीम भी सुरक्षा स्थिति पर नजर रखेगी। किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने देने के लिए दिल्ली पुलिस ने सिंघू और टिकरी बार्डर से बैरिकेड हटाने पर सहमति व्यक्त की है। किसान नेताओं ने कहा कि ट्रैक्टर परेड शांतिपूर्ण रहेगी और किसी भी तरह से आधिकारिक गणतंत्र दिवस परेड को प्रभावित नहीं करेगी। केंद्र द्वारा तीन कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों के रूप में पेश किया गया है, जो बिचौलियों को दूर करेगा और किसानों को देश में कहीं भी अपनी उपज बेचने की अनुमति देगा। हालांकि, प्रदर्शनकारी किसानों ने यह आशंका व्यक्त की है कि नए कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी व्यवस्था को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगे और उन्हें बड़े कॉर्पोरेट की दया पर छोड़ देंगे।





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दिव्य, भव्य और सुरक्षित होगा हरिद्वार कुंभ, मुख्यमंत्री रावत बोले- हर अपेक्षा पर खरा उतरेगी हमारी सरकार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   17:27
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दिव्य, भव्य और सुरक्षित होगा हरिद्वार कुंभ, मुख्यमंत्री रावत बोले- हर अपेक्षा पर खरा उतरेगी हमारी सरकार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र में कुल 86 निर्माण कार्य स्वीकृत थे जिनमें से दो बाद में निरस्त किये गए थे। उन्होंने बताया कि शेष 84 में से अधिकतर काम पूरा हो गया है और सभी कार्य बढ़िया एवं व्यवस्थित तरीके से किए गए हैं।

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुम्भ मेला पूरी तरह ’बेदाग’ होगा और देश एवं दुनिया से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की हर अपेक्षा पर हमारी सरकार पूरी तरह खरा उतरेगी। हरिद्वार में कुंभ मेला क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र में कुल 86 निर्माण कार्य स्वीकृत थे जिनमें से दो बाद में निरस्त किये गए थे। उन्होंने बताया कि शेष 84 में से अधिकतर काम पूरा हो गया है और सभी कार्य बढ़िया एवं व्यवस्थित तरीके से किए गए हैं। 

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यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, रावत ने कहा कि कोरोना का संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है बल्कि अब वह नए रूप में आ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में कुम्भ को दिव्य और भव्य के साथ सुरक्षित बनाना भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिये केंद्र सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं और उसी के मुताबिक ही कोरोना से बचाव के अनुकूल कुंभ की व्यवस्थाएं होंगी। उन्होंने कहा कि कुंभ में श्रद्धालुओं को स्वच्छता, आस्था, धार्मिक परम्पराएं व लोक संस्कृति देखने को मिलेगी। इससे पहले, निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी कार्यों के सुव्यवस्थित तरीके से किये जाने पर संतोष जताया। 

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रावत ने इसके अलावा अपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने का अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से काम को पूरा करने में आ रही दिक्कतों तथा उनके पूरा होने के समय को लेकर भी जानकारी ली। प्रदेश के मुख्य सचिव ओमप्रकाश व अन्य अधिकारियों के साथ सड़क मार्ग से हरिद्वार पहुंवने के दौरान मुख्यमंत्री ने रास्ते में लालतप्पड़ फ्लाई ओवर का भी निरीक्षण किया।





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